फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश का सुनहरा मौका। सूर्योदय SFB, जाना SFB और उज्जीवन SFB दे रहे हैं 1 साल की FD पर 7.4% तक ब्याज। TDS कब कटता है और Form 15G/15H का उपयोग कैसे करें, जानें।

बिजनेस डेस्क. स्टार समाचार वेब
यदि आप कम जोखिम और सुरक्षित व निश्चित रिटर्न वाला निवेश विकल्प तलाश रहे हैं, तो वर्तमान में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक बेहतरीन विकल्प साबित हो रही है। इसकी मुख्य वजह यह है कि कई बैंक आम नागरिकों (60 वर्ष से कम) को 1 साल की FD पर 7.4% तक की शानदार ब्याज दरें ऑफर कर रहे हैं। बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच ये आकर्षक रिटर्न आपकी बचत को सुरक्षा देते हुए अच्छा मुनाफा दिला सकते हैं।
वर्तमान में, कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक 1 साल की FD अवधि पर सबसे आकर्षक रिटर्न दे रहे हैं, जहां आप ₹3 करोड़ तक की FD बनवा सकते हैं, सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक: 1 साल की FD पर 7.4% तक ब्याज, जो इस समय सबसे ऊंची दरों में से एक है। जाना स्मॉल फाइनेंस बैंक: 1 साल की FD पर 7.25% ब्याज। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक: 1 साल की FD पर 7.25% रिटर्न।
FD से होने वाली ब्याज आय टैक्सेबल होती है, लेकिन बैंक केवल तभी स्रोत पर कर कटौती (TDS) करता है जब किसी एक बैंक से आपकी कुल ब्याज आय ₹1 लाख से अधिक हो जाती है। यह TDS कोई अलग टैक्स नहीं है, बल्कि इसे आप आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करते समय समायोजित (Adjust) करवा सकते हैं या रिफंड के रूप में वापस पा सकते हैं।
हाँ, आप फॉर्म 15G (60 वर्ष से कम आयु) या फॉर्म 15H (वरिष्ठ नागरिक) जमा करके TDS कटने से बच सकते हैं, लेकिन इसके लिए दो शर्तें पूरी होनी चाहिए:
आपकी कुल कर देनदारी (Total Tax Liability) 'शून्य' (NIL) होनी चाहिए।
जिस आय पर TDS नहीं कटवाना है, वह राशि आयकर की मूल छूट सीमा (Basic Exemption Limit) से कम होनी चाहिए।
उदाहरण के लिए: यदि आपका कुल इनकम 'शून्य' टैक्स बनाता है, लेकिन FD का ब्याज नए टैक्स सिस्टम के तहत ₹4 लाख (छूट सीमा) से अधिक है, तो आप फॉर्म 15G जमा नहीं कर सकते। विशेषज्ञों के अनुसार, केवल NIL टैक्स लायबिलिटी होना ही काफी नहीं है, बल्कि दोनों शर्तें पूरी होनी अनिवार्य हैं।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी निवेश की सलाह नहीं। कोई भी वित्तीय निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।

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टाटा संस के प्रस्तावित पुनर्गठन को लेकर टाटा ट्रस्ट्स में दरार आ गई है। सीनियर ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह ने बिना सलाह के फैसले लेने पर आपत्ति जताई है।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भी भारी गिरावट दर्ज की गई। सुबह प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 97.96 अंक के नुकसान के साथ 72,382.33 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 53.71 अंक लुढ़ककर 22,566.75 के स्तर पर आ गया।
अक्टूबर 2026 में सिलेंडर, हवाई ईंधन, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं से जुड़े बदलाव हो रहे हैं। कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च मामूली बढ़ेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ता महंगा कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है।
सोने-चांदी की कीमतों में आज लगातार दो दिन की गिरावट के बाद तेजी है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 712 रुपए बढ़कर 1,48,379 रुपए पर आ गया। इससे पहले 29 सितंबर को यह 1,47,667 रुपए पर था। वहीं, एक किलो चांदी 673 रुपए बढ़कर 2,22,273 रुपए पर आ गई है, जो मंगलवार को 2,21,600 रुपए पर थी।
एपल ने भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' को लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही आईफोन और एपल वॉच यूजर्स के लिए कार्डलेस और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का नया ऑप्शन भी अवेलेबल हो गया है। एपल की इस सर्विस के लिए एक्सिस बैंक पहला पार्टनर बना है।
आज भारतीय शेयर बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला। सेंसेक्स में मामूली वृद्धि दर्ज हुई, जबकि निफ्टी गिरावट के साथ 22,700 के नीचे बंद हुआ। दो दिन की बिकवाली के बाद कुछ क्षेत्रों में सुधार दिखा, लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार को प्रभावित किया।
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 600 से अधिक अंक टूट गया। निफ्टी भी 22,600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह 10:02 बजे सेंसेक्स 616.08 अंक यानी 0.84 फीसदी गिरकर 72,155.64 अंक पर कारोबार कर रहा था।
देशभर के बैंक उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। इस सप्ताह सभी बैंक आम दिनों की तरह खुले रहेंगे और कामकाज सुचारू रूप से चलेगा। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल को टालने का फैसला किया है।
सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह गिरे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाजार पर हावी रहीं। एशियाई बाजारों में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
गर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो तुरंत सतर्क हो जाइए। आज रविवार को भले ही बैंक की शाखाएं खुली हुई हैं और कामकाज चल रहा है, लेकिन आने वाले हफ्ते में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहने वाली हैं। आम ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और करोड़ों रुपए का वित्तीय लेनदेन अटकने की संभावना है।