सतना और मैहर में खाद वितरण को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। किसान सुबह से लेकर देर रात तक लाइन में लगे रहने के बाद भी खाद नहीं पा रहे। कई महिलाएं और पुरुष भूखे-प्यासे कतार में खड़े हैं, यहां तक कि एक बोरी खाद के चक्कर में नौकरियां छूट रही हैं। कलेक्टर ने निरीक्षण कर बड़ी गड़बड़ियों को उजागर किया और समितियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
सतना हो या मैहर खाद के लिए सभी जगह मारामारी मची हुई है। कहीं किसानों को खाद के लिए रतजगा करना पड़ रहा है तो कहीं आक्रोशवश उन्हें जाम का सहारा लेना पड़ रहा है। इन सबके बावजूद किसानों को खाद नहीं मिल पा ही है। शहर से लेकर गांव तक खाद के लिए अन्नदाता परेशान है। जहां खाद मिलने की संभावना वहीं किसान कतार में खड़ा नजर आ रहा है। एक बोरी खाद के लिए किसान को सुबह से ही लाइन लगानी पड़ रही है लेकिन खाद उसे नहीं मिल रही है। खाद वितरण की तमाम प्रशासनिक व्यवस्था के बावजूद किसानों को खाद के मामले में निराशा का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच कलेक्टर डा. सतीश कुमार एस ने खाद वितरण में की जा रही बड़ी गफलत को पकड़ा है। बताया जाता है कि जिन खाद विक्रेताओं के पास पर्याप्त खाद है उन्हें टोकन वितरण के काम में नहीं लगाया गया है बल्कि कम खाद वालों को इस काम में लगाया गया हेै। इस बात का खुलासा बुधवार को कलेक्टर द्वारा खाद वितरण केन्द्रों के निरीक्षण के दौरान हुआ। इस पर कलेक्टर ने डीडीए के रवैये पर नाराजगी जताई और कहा कि सूची किस लिए है, साथ ही उन्होंने अधिक खाद उपलब्ध वाले विक्रेताओं को बुलाने के निर्देश दिए।
एक बोरी खाद के चक्कर में पति की नौकरी छूट गई
खाद के लिए पुरुष के साथ-साथ महिलाएं भी लाइन लगा रहीं हैं। बुधवार को कई स्थानों पर पुरुषों के साथ खाद की कतार में महिलाएं नजर आर्इं। घंटों लाइन में लगने के बावजूद खाद न मिलने से परेशान कई महिला व पुरुष कृषकों का आक्रोश फू ट पड़ा। बरा कला की सुमित्रा सिंह ने कहा कि वह सुबह पांच बजे से खाद के लिए कतार में खड़ी हैं लेकिन उन्हें खाद नहीं मिली। पिछले दस दिनों से मेरे पति खाद के लिए लाइन लगा रहे हैं और उन्हें खाद नहीं मिल रही। इस चक्कर में प्राइवेट नौकरी करने वाले पति की नौकरी चली गई, अब एक बोरी खाद के लिए भूखों मरने की नौबत आ गई है। मैं यहां सुबह से खाद के लिए लाइन में खड़ी हंू और घर में बच्चे भूखे- प्यासे हैं।
सुबह 6 बजे से लाइन में लगे
खाद की किल्लत इस तरह है यह अभिषेक शुक्ला धवारी और रामपुर के गौरव अग्निहोत्री को देखकर समझा जा सकता है। अभिषेक और गौरव सुबह से ही खाद के लिए कतार में खड़े हो गए थे लेकिन उन्हें 2 से 3 घंटे कतार में खडेÞ रहने के बावजूद खाद नहीं मिली। किसानों ने एक एकड़ में कम से कम एक बोरी खाद दिलाने की मांग की।
स्टाक होने पर भी उर्वरक नहीं बांटने वाली समितियों को नोटिस
कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने अबेर, कोटर एवं रामपुर बघेलान तहसील की समितियों में खाद पहुंचने के बाद भी गत तीन दिनों से वितरण नहीं करने की शिकायत को गंभीरता से लिया है। उन्होंने उप पंजीयक सहकारिता को ऐसी सभी समितियों को नोटिस जारी कर कार्यवाही करने को कहा है। कलेक्टर ने कहा कि सुनिश्चित करें कि कल तक जिन समितियों में खाद का स्टाक उपलब्ध है वे किसानों को खाद का वितरण अविलम्ब रूप से कराये।
उर्वरक वितरण केन्द्रों का निरीक्षण
कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने बुधवार को सतना स्थित शेरगंज और सिविल लाइंस के मार्कफेड गोदाम का निरीक्षण कर किसानों को केंद्रों से खाद वितरण व्यवस्था का अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर ने टोकन काउंटर भी देखे तथा किसानों से बातचीत कर व्यवस्था का फीड बैक लिया। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस के निर्देश पर अपर कलेक्टर विकास सिंह ने सतना जिले के उर्वरक वितरण केन्द्र और प्राइवेट विक्रय संस्थायो में किसानों को सही रेट पर सुगमता से खाद वितरण कराने तहसीलदारों की ड्यूटी भी लगाई है जिसमें संबंधित कार्यपालिक मजिस्ट्रेट वितरण स्थल पर कानून और व्यवस्था भी देखेंगे। इस अवसर पर अपर कलेक्टर विकास सिंह, एसडीएम राहुल सिलाड़िया सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कानून व्यवस्था के लिए 9 अधिकारी 18 पटवारी नियुक्त
अपर कलेक्टर सतना विकास सिंह ने सतना जिले के विभिन्न सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रय केन्द्रों के माध्यम से किये जा रहे उर्वरक वितरण कार्य के सुचारू संचालन, कानून एवं व्यवस्था बनाये रखने हेतु 9 अधिकारी 18 पटवरियों की ड्यूटी लगाई गई है।

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