प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण के मामले में FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। जानें क्या है पूरा विवाद और शंकराचार्य का पक्ष।
By: Ajay Tiwari
Feb 21, 20267:14 PM
प्रयागराज। स्टार समाचार वेब
संगम नगरी प्रयागराज की विशेष पॉक्सो (POCSO) कोर्ट ने शनिवार को एक ऐतिहासिक आदेश जारी करते हुए ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। यह आदेश नाबालिग बच्चों के यौन शोषण के गंभीर आरोपों के आधार पर दिया गया है। अदालत ने प्रयागराज पुलिस कमिश्नर को शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और कुछ अन्य अज्ञात लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू करने को कहा है।
यह पूरा मामला जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज की शिकायत के बाद शुरू हुआ। 8 फरवरी को दायर इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि शंकराचार्य के शिविर और गुरुकुल की आड़ में नाबालिग बच्चों का शारीरिक शोषण किया जाता है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने कोर्ट में दो बच्चों को पेश किया, जिनके बयान बंद कमरे में कैमरे के सामने दर्ज किए गए। विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया की कोर्ट ने पुलिस की जांच रिपोर्ट और बच्चों के बयानों को संज्ञान में लेते हुए शनिवार को अपना सुरक्षित आदेश सुनाया।
कोर्ट के आदेश पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और साजिश बताया है। उन्होंने कहा यह केस जगद्गुरु रामभद्राचार्य के इशारे पर उनके शिष्य ने दर्ज करवाया है। हमारे बीच वैचारिक युद्ध चलता रहता है, उसी का बदला लिया जा रहा है। शंकराचार्य ने दावा किया कि वे सरकार के खिलाफ 'गौमाता रक्षा' की आवाज उठा रहे हैं, जिसे दबाने के लिए यह फर्जी मुकदमा किया गया है। उन्होंने कहा कि वे कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे ताकि "दूध का दूध और पानी का पानी" हो सके।
शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य पर हमला तेज करते हुए इसे 'समलैंगिक अपराध' करार दिया। उन्होंने राजनीतिक नेताओं (अखिलेश यादव और डिप्टी सीएम) को चुनौती देते हुए कहा कि वे उनके साथ बनारस स्थित विद्यामठ चलें, जहाँ कथित तौर पर एक 'शीश महल' है। आशुतोष ने आरोप लगाया कि वहां अनैतिक गतिविधियां संचालित होती हैं। उन्होंने इस मामले को लेकर पैदल यात्रा शुरू करने का भी ऐलान किया है।