गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में मुनाफावसूली के कारण MCX पर भारी गिरावट आई है। चांदी 10,000 रुपये और सोना 1,000 रुपये तक सस्ता हुआ। जानें 16 जनवरी 2026 के ताजा सर्राफा भाव।
By: Ajay Tiwari
Jan 16, 20261:16 PM
बिजनेस डेस्क. स्टार समाचार वेब
पिछले तीन दिनों से रॉकेट की रफ्तार से भाग रही सोने और चांदी की कीमतों पर अचानक ब्रेक लग गया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर निवेशकों द्वारा की गई भारी मुनाफावसूली (Profit Booking) के चलते कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। जहां चांदी एक ही दिन में 10,000 रुपये प्रति किलो तक फिसल गई, वहीं सोने के भाव में भी करीब 1,000 रुपये की कमी आई है। हालांकि, इसके उलट स्थानीय सर्राफा बाजारों में अभी भी कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर बनी हुई हैं।
कमोडिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तीन दिनों तक आई जोरदार तेजी के बाद निवेशकों ने ऊंचे भाव पर मुनाफा काटना शुरू कर दिया। गुरुवार, 15 जनवरी को MCX पर गोल्ड फ्यूचर 0.63% गिरकर 1,42,243 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी में 3.48% की भारी गिरावट देखी गई और यह टूटकर 2,78,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुँच गई। घरेलू बाजार में बहुत ऊंचे भाव होने के कारण रिटेल खरीदारी में आई कमी ने भी कीमतों पर दबाव बनाया है।
एक तरफ वायदा बाजार (MCX) में गिरावट है, तो दूसरी तरफ दिल्ली के सर्राफा बाजार में कीमती धातुएं नए शिखर छू रही हैं। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, स्टॉकिस्टों की भारी मांग के चलते चांदी गुरुवार को 3,000 रुपये और चढ़कर 2,89,000 रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर बंद हुई। महज 5 दिनों के भीतर चांदी की कीमतों में 45,500 रुपये (करीब 16%) का भारी उछाल आया है।
आज यानी शुक्रवार, 16 जनवरी को स्थानीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतें इस प्रकार बनी हुई हैं:
24 कैरेट सोना: 1,43,610 रुपये प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना: 1,31,640 रुपये प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट सोना: 1,07,710 रुपये प्रति 10 ग्राम
विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी इस साल निवेश के मामले में सोने को पीछे छोड़ रही है। 31 दिसंबर 2025 के मुकाबले चांदी अब तक 50,000 रुपये से ज्यादा महंगी हो चुकी है।
सोने और चांदी की कीमतों में हालिया उतार-चढ़ाव यह दर्शाता है कि बाजार इस समय भारी अस्थिरता (Volatility) के दौर से गुजर रहा है। महज 5 दिनों में चांदी का 45,500 रुपये उछलना सामान्य बाजार व्यवहार नहीं, बल्कि सट्टेबाजी और 'पैनिक बाइंग' का संकेत है। MCX पर आई गिरावट एक 'करेक्शन' है, जो निवेशकों को सतर्क रहने की चेतावनी दे रही है। आम खरीदारों के लिए सलाह है कि वे इस अत्यधिक तेजी में निवेश करने के बजाय बाजार के स्थिर होने का इंतजार करें, क्योंकि ऊंचे स्तरों पर की गई खरीदारी जोखिम भरी हो सकती है।