शेयर बाजार में आज 14 जनवरी 2026 को सुस्ती रही. सेंसेक्स 83,552 और निफ्टी 25,719 पर खुला. जानें कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ईरान-अमेरिका तनाव का मार्केट पर क्या असर पड़ा.

बिजनेस डेस्क. स्टार समाचार वेब
आज यानी बुधवार, 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के पावन पर्व पर जहां पूरा देश उत्सव के माहौल में है, वहीं भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) के निवेशकों के लिए सुबह की शुरुआत उत्साहजनक नहीं रही. वैश्विक बाजारों से मिल रहे नकारात्मक संकेतों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की निरंतर बिकवाली के कारण घरेलू सूचकांक दबाव में नजर आए.
हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में हलचल काफी कम रही और बाजार लगभग सपाट स्तर पर खुला. शुरुआती सत्र के दौरान सेंसेक्स करीब 74 अंकों की गिरावट के साथ 83,552 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया. निफ्टी 12 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 25,719 के पास ट्रेड करता नजर आया. बाजार में इस सुस्ती ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है, खासकर तब जब कल (मंगलवार) भी बाजार गिरावट के साथ ही बंद हुआ था.
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान गिरावट के पीछे तीन बड़े कारण हैं:
पहला: कच्चे तेल में उछाल: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें पिछले सात हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं. कीमतों में लगभग 2.8% की तेजी आई है, जो भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चिंता का विषय है.
दूसरा: विदेशी निवेशकों की निकासी: आंकड़े बताते हैं कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं. मंगलवार को भी FIIs ने करीब 1,500 करोड़ रुपये की बिकवाली की.
तीसरा: अमेरिकी बाजार का दबाव: बीती रात अमेरिकी बाजारों में आई गिरावट का असर आज सुबह एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी महसूस किया गया.
बाजार के विभिन्न सेक्टरों में आज मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है:
सुबह के सत्र में दिग्गज कंपनियों जैसे एशियन पेंट्स, टीसीएस (TCS), बजाज फिनसर्व, और इंडिगो के शेयरों में कमजोरी देखी गई. इसके अलावा सन फार्मा और अल्ट्राटेक सीमेंट भी गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं. मुख्य रूप से आईटी और फार्मा सेक्टर आज दबाव में हैं.
बाजार को संभालने का जिम्मा आज सरकारी कंपनियों और मेटल सेक्टर ने उठाया है. ONGC, कोल इंडिया, NTPC और टाटा स्टील के शेयरों में खरीदारी देखी जा रही है. तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से ऑयल सेक्टर के कुछ शेयरों को फायदा भी मिल रहा है.
भले ही भारतीय बाजार में सुस्ती हो, लेकिन कुछ एशियाई बाजारों में सकारात्मक रुख दिखा. जापान का निक्केई (Nikkei) इंडेक्स 1.5% से ज्यादा उछल गया, जिसका मुख्य कारण वहां जल्द चुनाव होने की संभावनाएं हैं. वहीं चीनी बाजारों में भी आज रिकवरी देखने को मिली है.
मंगलवार को घरेलू निवेशकों (DIIs) ने 1,182 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा देने की कोशिश की थी, लेकिन ग्लोबल अनिश्चितता हावी रही. बाजार के जानकारों का कहना है कि वर्तमान में उतार-चढ़ाव काफी अधिक है, इसलिए निवेशकों को बहुत संभलकर और लंबी अवधि के नजरिए से ही निवेश करना चाहिए.

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भारतीय शेयर बाजार के लिए विदेशों से रेड सिग्नल मिल रहे थे और जिसका डर था वही हुआ। आज खुलते के साथ ही शेयर मार्केट औंधे मुंह गिर गया। इस बड़ी गिरावट के बीच पावर ग्रिड, टाटा स्टील, मारुति, एचडीएफसी बैंक, अडानी पोर्ट्स और टाइटन जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर बिखरे हुए दिखाई दिए।
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बिहार में 50,000 से 60,000 करोड़ रुपये के बड़े निवेश का एलान किया है। भागलपुर के पीरपैंती में पावर प्रोजेक्ट और सारण में आई हॉस्पिटल का उद्घाटन। पढ़ें पूरी खबर।
दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी के दाम आज एक बार फिर एक रुपए प्रति किलो बढ़ा दिए गए। इससे पहले गैस कंपनियों ने शुक्रवार को सीएनजी की कीमतें दो रुपए प्रति किलो बढ़ा दी थी। पिछले तीन दिन में सीएनजी तीन रुपए महंगी हुई है।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों के लिए नियमों में बदलाव किया है। सरकार ने पेट्रोल एक्सपोर्ट पर तीन रुपए प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स लगा दिया है। इसके साथ ही डीजल और जेट फ्यूल पर टैक्स घटाया है।
अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) ने गौतम अदाणी और सागर अदाणी के खिलाफ चल रहे मुकदमे के निपटारे पर सहमति दी है।
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के आखिर कारोबारी दिन शुक्रवार की शुरुआत पॉजिटिव रही। प्रमुख बेंचमॉर्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 हरे निशान पर ट्रेड करते हुए ओपन हुए। इससे पहले मार्केट में गुरुवार के कारोबारी दिन जोरदार तेजी देखने को मिली थी।
हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन आज घरेलू शेयर बाजार में राहत की किरण नजर आ रही है। बीते कुछ दिनों से बिकवाली का दबाव झेल रहे बाजार के प्रमुख सूचकांक हरे निशान पर कारोबर करते दिख रहे हैं। हालांकि, शुरुआती कारोबार में बढ़त के बाद बेंचमार्क सूचकांकों पर बिकवाली का जोर दिखा।
देश में आज से दूध महंगा हो गया है। देर शाम दिग्गज कंपनियों अमूल और मदर डेयरी ने एक के बाद एक अपनी पैकेज्ड मिल्क की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया था और गुरुवार को महंगाई का झटका देश की जनता को लगा है।
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर छाई अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा है। विदेशी निवेशकों की ओर से बिकवाली के दबाव के कारण इक्विटी बाजारों में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में भारी दबाव दिखा।
बीते रविवार को पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की थी और 24 घंटे के भीतर ही अपनी इस अपील को दोहराया भी था। अब सरकार ने गोल्ड को लेकर एक बड़ा फैसला ले लिया है।