सतना जिले का गुलुआ गांव आज भी बुनियादी सड़क सुविधा से वंचित है। बीते 20 वर्षों में सिर्फ एक बार मिट्टी डाली गई। बरसात में रास्ता दलदल बन जाता है जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों और बीमार ग्रामीणों को भारी परेशानी होती है। ग्रामीण नेताओं से निराश हैं।

हाइलाइट्स
कोठी, स्टार समाचार वेब
एक ओर ग्रामीणों को नागरिक सुविधाओं से लैश करने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, तो दूसरी ओर जिले में ऐसे गांव भी हैं जो आजादी के साढे सात दशक से अधिक समय बीतने के बाद भी एक अदद सड़क के लिए तरस रहे हैं। हालात यह हैं कि बरसात के मौसम में दलदली होने जाने वाले गुलुआ के रास्ते में आए दिन लोग गिरकर घायल हो रहे हैं लेकिन व्यवस्था बेफिक्र बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे करने वाले सत्ता पक्ष के नेता चुनाव जीतने के बाद उनकी समस्याओं के निराकरण से विमुख हैं जिसके कारण लोगों का बारिश में पैदल चलना भी मुहाल है। रास्ता इतना बदत्तर है कि वाहन तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल है।
दो दशक में केवल एक बार बिछाई मिट्टी
गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने दावे यदि देखने हों तो गुलुआ इसका ज्वलंत उदाहरण है जहां सड़क के नाम पर बीते 20 सालों में केवल एक बार मिट्टी डाली गई है। गुलुआ के वासिंदों का पक्की सड़क को लेकर एहसास ही खत्म हो गया है क्योंकि वे बीते दो दशक से इसी सड़क पर चलते रहे हैं। गर्मी में रोड पर बिछाई मिट्टी जहां धूल बनकर लोगों को परेशान करती है तो बारिश में दलदल बनकर आवागमन को प्रभावित करती है।
स्कूल व अस्पताल जाने में भी परेशानी
गांव का किसान तो किसी तरह कीचड़ सनी रोड से आवागमन करने को बाध्य है लेकिन सबसे बड़ी दिक्कतों का सामना स्कूल जाने वाले छात्रों व मरीजों को करना पड़ता है। गांव के ही शिव प्रसाद बताते हैं कि दलदली सड़क हो जाने पर बच्चों का स्कूल जाना बंद हो जाता है। इसी प्रकार यदि गांव में कोई बीमार पड़ जाए या प्रसूता गंभीर हो तो उसके लिए एम्बूलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती, नतीजतन कई बार मरीजों को चारपाई पर लादकर लाना पड़ता है।
कहते हैं ग्रामीण
हर साल यही रोना बरसात में सभी को रोना पड़ता है। मेरी पत्नी गर्भवती है, गत जिसे अस्पताल ले जाने में दिक्कत होती है। कई बार तो गोद में उठाकर ले जाना पड़ा।
शिव प्रसाद कुशवाहा, ग्रामीण
बेटी को हर रोज स्कूल भेजने में डर लगता है, भय बना रहता है कि कहीं बच्ची कीचड़ में फिसलकर घायल न हो जाए।
मोनू कुशवाहा, ग्रामीण
20 साल से नेता गांव की सड़क बनाने का राग अलापते हैं और वोट लेकर चले जाते हैं। सड़क आज तक नहीं बनी। अब तो हमें उनसे कोई उम्मीद ही नहीं बची है।
उपेन्द्र कुशवाहा, ग्रामीण


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की विस्तृत कार्ययोजना। जानें फसल चयन, जल संरक्षण और किसानों के लिए सरकार की नई तैयारियों के बारे में।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर जारी। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया। जानें बारिश से जुड़ी ताजा अपडेट और सुरक्षा निर्देश।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित! जानें कब होगा मतदान, क्या है राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने का कारण और कैसे लागू हुई आचार संहिता।
मध्य प्रदेश सरकार ने BLO और बीएलओ सुपरवाइजरों का मानदेय दोगुना किया। जानें नई मानदेय राशि, प्रभावी तिथि और त्रैमासिक भुगतान की पूरी जानकारी।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की। जानिए क्या है पूरा मामला।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चाएं तेज हैं। सतना सांसद गणेश सिंह और शहडोल सांसद हिमांद्री सिंह के नाम संभावित दावेदारों में प्रमुख बताए जा रहे हैं।
सतना जिले में हल्की बारिश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित हैं, जबकि लोगों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जानिए क्या है मामला, मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी की सच्चाई और इसके पीछे के राजनीतिक मायने।