कटनी जिले की बरही तहसील के 3 गांवों (करौंदी खुर्द, कन्नौर, बिचपुरा) की एकमात्र सड़क कलेक्टर द्वारा ठेकेदार को महज ₹300 वार्षिक किराए पर डंपिंग के लिए देने का मामला हाईकोर्ट पहुंचा। कोर्ट की सख्ती के बाद कलेक्टर और ठेकेदार व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए और कोर्ट ने तत्काल रास्ता खोलने के निर्देश दिए हैं।

हाइलाइट्स
जबलपुर. स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश के कटनी जिले में जिला प्रशासन के एक मनमाने फैसले पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कटनी कलेक्टर द्वारा बरही तहसील के तीन गांवों (करौंदी खुर्द, कन्नौर और बिचपुरा) की एकमात्र सार्वजनिक सड़क को एक ठेकेदार को लीज पर देने का मामला सामने आया है। इस सड़क पर गिट्टी डंप होने से ग्रामीणों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई थी, जिसके बाद ग्रामीणों ने जनहित याचिका दायर कर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
दरअसल, 1 जुलाई 2025 को कटनी कलेक्टर ने खनिज विभाग की रिपोर्ट के आधार पर बरही तहसील के ग्राम कन्नौर स्थित 65 हेक्टेयर भूमि को ठेकेदार तिलकराज ग्रोवर को महज ₹300 वार्षिक किराए पर लीज पर दे दिया था। इस जमीन का इस्तेमाल ठेकेदार खनन के बाद डंपिंग के लिए कर रहा था।
समस्या यह थी कि राजस्व रिकॉर्ड में यह जमीन रास्ते के रूप में दर्ज थी, जिसका उपयोग सैकड़ों ग्रामीण कई सालों से तहसील और शहर आने-जाने के लिए करते थे। प्रशासन द्वारा मनमाने तरीके से इस सड़क को डंपिंग साइट में बदलने की कोशिश की गई, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही रुक गई। ग्रामीणों की लिखित शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद याचिकाकर्ता संदीप जायसवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने मामले की गंभीरता को समझा। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अर्पण जे. पवार, अक्षत अरजरिया और चिरंजीवी शर्मा ने कोर्ट को बताया कि जिला प्रशासन ने राजनीतिक दबाव में आकर यह सार्वजनिक सड़क किराए पर दे दी।
शुरुआती निर्देश: 13 अक्टूबर को कोर्ट ने याचिकाकर्ता द्वारा पेश किए गए फोटो देखने के बाद जिला प्रशासन को तुरंत रोड खोलने के निर्देश दिए थे।
अवमानना याचिका: कोर्ट के निर्देशों के बावजूद प्रशासन ने रोड नहीं खोला, जिसके बाद 4 नवंबर को अवमानना याचिका दायर की गई।
सख्त रुख: डिवीजन बेंच ने नाराजगी जताते हुए इसे गंभीर अवमानना का मामला बताया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों की सुविधा के लिए बनी सार्वजनिक सड़क को किसी भी निजी हित के लिए नहीं दिया जा सकता।
कोर्ट ने राज्य सरकार, कटनी कलेक्टर और ठेकेदार तिलकराज ग्रोवर को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने को कहा था।
कोर्ट के निर्देश पर, 10 नवंबर को कटनी कलेक्टर और ठेकेदार व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित हुए और राज्य सरकार ने भी अपना जवाब पेश किया। इस दौरान कोर्ट ने आदेश दिया कि बंद रास्ते को खोल दिया जाए और उसे आगे भी खुला रहने दिया जाए। कोर्ट ने प्रशासनिक अधिकारियों को यह चेतावनी भी दी कि उनसे जनता की संपत्ति की रक्षा करने की उम्मीद की जाती है, न कि उसे राजनीतिक प्रभाव में सौंपने की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इस आदेश से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है, और सड़क पर डंपिंग का काम पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 2-3 अक्टूबर को भोपाल दौरे पर रहेंगे। वे भेल मैदान में गोपालक सम्मेलन, नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी और IISER परिसर का शिलान्यास करेंगे।
मध्य प्रदेश भाजपा के नए प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने भोपाल में कोर कमेटी और पदाधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने नेताओं के स्वागत में जेसीबी से फूल बरसाने पर रोक लगाने और 3 महीने के भीतर गुटबाजी खत्म करने के निर्देश दिए हैं।
मध्यप्रदेश में शिक्षकों का आंदोलन हुआ उग्र। टीईटी अनिवार्यता, ई-अटेंडेंस और वरिष्ठता जैसी 3 सूत्रीय मांगों को लेकर भोपाल के नीलम पार्क में प्रदर्शन। 2 अक्टूबर को प्रदेशभर में होगा उपवास और सत्याग्रह।
उज्जैन शाही मस्जिद विवाद पर जमीयत उलमा मप्र के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारून ने कोर्ट में तथ्य छिपाने, सड़क चौड़ीकरण के लिए तीन फीट जमीन के वैकल्पिक उपायों और गिरफ्तारियों पर तीखे सवाल उठाए हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य के विकास कार्यों, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 और 'सेवा संकल्प अभियान' की जानकारी दी।
इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पेयजल मामले में आयोग की रिपोर्ट सामने आ गई है। लापरवाही और देरी के कारण 36 से अधिक लोगों की मौत के लिए 8 अधिकारियों को दोषी ठहराया गया है, जबकि जनप्रतिनिधियों को क्लीन चिट मिल गई है।
मध्य प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त निर्देश दिए हैं। स्कूल-कॉलेजों के आसपास निगरानी, हॉट स्पॉट की पहचान और हेल्पलाइन नंबर जैसी अहम जानकारियों के साथ पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के जगला गांव का दौरा किया। उन्होंने कुपोषण और मलेरिया से जान गंवाने वाले आदिवासी बच्चों के परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं। चुनाव में अभी दो वर्ष से अधिक का समय बाकी है, लेकिन कांग्रेस अभी से तैयारी में जुट गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक पखवाड़े के भीतर दूसरी बार मध्य प्रदेश आ रहे हैं। वह आज बालाघाट के बैहर विकासखंड के जागला गांव में कुपोषण, मलेरिया और खसरा से प्रभावित बैगा आदिवासी बच्चों के परिजनों से मुलाकात करेंगे।
विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नए पर्यटन सत्र का गुरुवार को उत्साहपूर्ण आगाज हुआ। पर्यटन सत्र के पहले दिन ताला, मगधी और खितौली गेट को आकर्षक ढंग से सजाया गया। पार्क प्रबंधन और वन विभाग के अधिकारियों ने पर्यटकों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया।