रीवा जिले में खरीफ सीजन के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार कोदौ और मक्का जैसी मोटे अनाज की फसलों को प्रोत्साहित किया जाएगा। धान की खेती के लिए 1.17 लाख हेक्टेयर का रकबा तय किया गया है। साथ ही खाद की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है।

रीवा, स्टार समाचार वेब
जिले में इस बार अच्छी बारिश की संभावना है। जिसके चलते खरीफ फसल के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। मोटे अनाज को प्रोत्साहन देने प्रशासन स्तर पर कवायद चल रही है। कोदौ व मक्का को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। वहीं धान के लिए रकबा तय कर दिया गया है। बताया गया है कि 1 लाख 17 हजार 129 हेक्टेयर में इसकी पैदावार होगी।
जिले भर में किसान खरीफ की फसल के लिए जोर-शोर से तैयारी कर रहे हैं। धान की रोपाई के लिए उसकी नर्सरी तैयार कर ली गई है। किसानों को तेज वर्षा का इंतजार है। खेतों में पर्याप्त पानी आने के बाद धान की रोपाई का कार्य शुरू हो जाएगा। इस वर्ष जिले में कुल 1 लाख 75 हजार 180 हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा गया है। इसमें सर्वाधिक 1 लाख 17 हजार 129 हेक्टेयर में धान की बोनी होगी। जिले में 2403 हेक्टेयर में ज्वार, 795 हेक्टेयर में मक्का, 1057 हेक्टेयर में बाजरा की बोनी का लक्ष्य रखा गया है।
सोयाबीन की खेती से किसानों की दूरी
इस संबंध में उप संचालक कृषि यूपी बागरी ने बताया कि मिलेट मिशन के तहत श्री अन्न यानी मोटे अनाजों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। गत वर्ष कोदौ के क्षेत्र में अच्छी वृद्धि हुई। इस वर्ष 3599 हेक्टेयर में कोदौ की खेती का अनुमान है। जिले में इस वर्ष 14693 हेक्टेयर में अरहर, 15770 हेक्टेयर में मूंग, 20591 हेक्टेयर में उड़द तथा 10522 हेक्टेयर में तिल की बोनी का लक्ष्य रखा गया है। सोयाबीन में अभी भी किसान रूचि नहीं दिखा रहे हैं। लगभग 739 हेक्टेयर में सोयाबीन की बोनी का अनुमान है।
9120.40 टन यूरिया उपलब्ध
खरीफ फसल के लिए सहकारी समितियों तथा निजी विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को खाद की आपूर्ति की जा रही है। सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। उप संचालक कृषि यूपी बागरी ने इस संबंध में बताया कि जिले में वर्तमान में 9120.40 टन यूरिया तथा 1436.84 टन डीएपी उपलब्ध है। इसके साथ-साथ 5323.20 टन एनपीके, 92.75 टन एमओपी तथा 7613.63 टन सिंगल सुपर फास्फेट उपलब्ध है। अब तक किसानों को 7239.52 टन यूरिया, 919.80 टन डीएपी, 4330.13 टन एनपीके, 9.40 टन एमओपी तथा 1954.03 टन सिंगल सुपर फास्फेट का वितरण किया जा चुका है। किसानों ने गत माह पर्याप्त मात्रा में खाद का अग्रिम उठाव किया। जिले में खाद की नियमित आपूर्ति की जा रही है। आगामी एक माह तक जिले को नियमित रूप से खाद के रैक प्राप्त होंगे। खरीफ फसल में कुल 48 हजार 500 टन खाद के उपयोग का अनुमान है।
जल्द शुरू होगी धान की बोनी
उप संचालक ने बताया कि जिले में खरीफ की मुख्य फसल धान है। जिले में 1 लाख 17 हजार 129 हेक्टेयर में धान रोपा विधि से लगाई जाएगी। शेष क्षेत्र में परंपरागत पद्धति से धान की खेती होगी। जिले में पर्याप्त वर्षा न होने के कारण अभी धान की बोनी शुरू नहीं हुई है। जिन क्षेत्रों में अच्छी वर्षा हो गई है वहां कोदौ, अरहर, उड़द, मक्का, ज्वार आदि की बोनी की जा रही है। धान की बोनी शुरू होने पर क्षेत्राच्छादन में तेजी से वृद्धि होगी। जिले में वर्तमान में यूरिया, डीएपी, सिंगल सुपर फास्फेट खादों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। खाद की रैक जिले को लगातार प्राप्त हो रही हैं।

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