कोठी नगर पंचायत में उपयंत्री प्रियंवदा सिंह की कार्यशैली के खिलाफ 9 पार्षद लामबंद हो गए हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष ने राज्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि या तो उपयंत्री को हटाया जाए या फिर वे पार्षदों का सामूहिक इस्तीफा स्वीकार करें। उपयंत्री पर कार्य में मनमानी और पार्षदों के स्वीकृत कार्यों में बाधा डालने के आरोप लगे हैं।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
इन दिनों विभिन्न नगरीय निकायों में सियासी गरमी देखी जा रही है। रामपुर बाघेलान नगर पंचायत में नपं अध्यक्ष रावेंद्र सिंह के खिलाफ दिया गया अविश्वास का आवेदन चर्चा का विषय बना हुआ है तो वहीं अब कोठी नगर पंचायत में भी ऐसी ही उठा पटक देखी जा रही है। दोनो निकायों में हलचल है मगर बिल्कुल जुदा कारणों से। रामपुर में जहां परिषद के सदस्य दो फाड़ नजर आ रहे हैं तो वहीं कोठी नगर पंचायत में पार्षद लामबंद होकर उपयंत्री की मनमानी का विरोध कर रहे हैं जिसे वार्ड क्र. 13 की पार्षद व नगर पंचायत अध्यक्ष शुखवंती का भी समर्थन प्राप्त है। अब नगर पंचायत अध्यक्ष कोठी ने राज्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर कोठी में पदस्थ उपयंत्री प्रियंवदा सिंह को हटाने की मांग की है। चिट्ठी में अध्यक्ष ने लिखा है कि या तो उपयंत्री को हटाएं या फिर पार्षदों समेत हमारा इस्तीफा लें।
राज्यमंत्री ने दिया था 15 दिन का अवसर, 1 माह बीते
मंगलवार को कोठी नगर पंचायत की अध्यक्ष सुखवंती बाई बुनकर ने राज्यमंत्री व क्षेत्रीय विधायक प्रतिमा बागरी को पत्र लिखकर मनमानी पर उतारू उपयंत्री को हटाने की मांग की है। नपं अध्यक्ष का राज्यमंत्री को लिखा गया यह दूसरा पत्र है । एक माह पूर्व भी नगर परिषद अध्यक्ष ने राज्यमंत्री को चिट्इी लिखकर उपयंत्री को हटाने की मांग की थी, लेकिन उस दौरान राज्यमंत्री ने उपयंत्री प्रियंवदा सिंह को 15 दिन का अवसर दिया था , ताकि वे पटरी पर आकर वार्डवासियों व पार्षदों का विरोध जीत सकें, लेकिन उपयंत्री पर आरोप हैं कि उनकी कार्यर्शली पर कोई परिवर्तन नहीं आया है। नतीजतन मंगलवार को एक बार पुन: वार्ड क्रमांक 1 की पार्षद बूटी बाई कोल, वार्ड 2 के पार्षद राम विश्वास पाल, वार्ड 3 की पार्षद गुड्डन देवी आर्य, वार्ड 5 की पार्षद सावित्री द्विवेदी, वार्ड 6 की पार्षद सारिका त्रिपाठी ,वार्ड 7 के पार्षद पंकज मिश्रौलिया ,वार्ड 8 की पार्षद रेणुका गुप्ता तथा वार्ड क्रमांक 12 की पार्षद ममता प्रजापति ने अध्यक्ष से मुलाकात कर उपयंत्री प्रियंवदा सिंहपर अंकुश लगाने की मांग की। पार्षदों द्वारा विरोध जताए जाने के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष सुखवंती बाई बुनकर ने राज्यमंत्री को पत्र लिखकर पार्षदों व वार्डवासियों के विरोध से अवगत कराते हुए उपयंत्री को कोठी से हटाने की मांग की है।
15 में से 9 विरोध में
कोठी नगर परिषद में कुल 15 पार्षद हैं जिनमें से एक नगर पंचायत अध्यक्ष हैं। यदि अध्यक्ष को भी गिना जाय तो 15 पार्षदों वाली कोठी निकाय के 9 पार्षद अपने वार्डों के बाधित विकास कार्यों को लेकर नाराज हैं, जिन्होने उपयंत्री पर मनमानी का आरोप लगाते हुए अध्यक्ष को शिकायती पत्र सौंपकर हटाने की मांग की है। सौंपे शिकायती पत्र में पार्षदों ने बताया है कि उपयंत्री द्वारा उनके वार्डों के स्वीकृत काम में कोताही बरती जा रही है। पार्षद होने के कारण वार्डवासियों का कोपभाजन पार्षदों को बनना पड़ता है। यह आरोप शुरू से ही लग रहे हैं लेकिन पार्षदों की आवाज अनसुनी ही रही।
कोटर में भी बन चुकी विवाद की स्थिति
बताया जाता है कि उपयंत्री प्रियम्बदा सिंह के दोनों हाथ में लड्डू हैं, एक ओर जहां वे कोटर नगर परिषद में उपयंत्री का दायित्व सम्हाल रही हैं तो वहीं उन्हें कोठी निकाय का भी प्रभार मिला हुआ है। बीते दिनों कोटर परिषद में भी उपयंत्री को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हुई थी और अब राज्यमंत्री के गृह क्षेत्र के निकाय पर भी उपयंत्री की मनमानी परिषद के जनप्रतिनिधियों के आक्रोश का कारण बन रही है। अब जब एक बार पुन: नाराज पार्षदों के बीच नाराजगी फैल रही है और वे सामूहिक इस्तीफे की धमकी दे रहे हैं, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्यमंत्री इस मसले पर क्या निर्णय लेकर अपने ही विस क्षेत्र की निकाय के काम काज को पटरी पर लाती हैं?

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की विस्तृत कार्ययोजना। जानें फसल चयन, जल संरक्षण और किसानों के लिए सरकार की नई तैयारियों के बारे में।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर जारी। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया। जानें बारिश से जुड़ी ताजा अपडेट और सुरक्षा निर्देश।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित! जानें कब होगा मतदान, क्या है राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने का कारण और कैसे लागू हुई आचार संहिता।
मध्य प्रदेश सरकार ने BLO और बीएलओ सुपरवाइजरों का मानदेय दोगुना किया। जानें नई मानदेय राशि, प्रभावी तिथि और त्रैमासिक भुगतान की पूरी जानकारी।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की। जानिए क्या है पूरा मामला।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चाएं तेज हैं। सतना सांसद गणेश सिंह और शहडोल सांसद हिमांद्री सिंह के नाम संभावित दावेदारों में प्रमुख बताए जा रहे हैं।
सतना जिले में हल्की बारिश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित हैं, जबकि लोगों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जानिए क्या है मामला, मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी की सच्चाई और इसके पीछे के राजनीतिक मायने।