मंडला जिले के निवास में लोकायुक्त पुलिस ने SDM कार्यालय के रीडर काशीराम मरावी को 5000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। खसरा सुधार के बदले मांगी थी 10 हजार की घूस।
By: Star News
Feb 18, 20265:47 PM
मंडला । स्टार समाचार वेब
जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मंडला जिले के निवास स्थित अनुविभागीय अधिकारी (SDM) कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 (रीडर) काशीराम मरावी को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई जमीन के रिकॉर्ड में नाम सुधारने के नाम पर मांगी गई घूस के मामले में की गई है।
शिकायतकर्ता गेंदलाल सर्वटे, निवासी ग्राम दरगड़ (तहसील निवास), ने लोकायुक्त पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया था कि उनके पिता की कृषि भूमि के सरकारी दस्तावेजों (खसरे) में एक लिपिकीय त्रुटि हो गई थी। रिकॉर्ड में उनके पिता का नाम 'मूलचंद' के स्थान पर गलती से 'फूलचंद' दर्ज हो गया था। इस नाम सुधार की प्रक्रिया को पूरा करने के बदले में SDM कार्यालय के रीडर काशीराम मरावी द्वारा 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने तथ्यों का सत्यापन किया और आरोपी को पकड़ने के लिए एक योजना बनाई। बुधवार को योजना के मुताबिक, जैसे ही आवेदक गेंदलाल सर्वटे ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5 हजार रुपये आरोपी काशीराम मरावी को सौंपे, पहले से तैयार लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। पकड़े जाने के बाद जब आरोपी के हाथ धुलवाए गए, तो वे गुलाबी हो गए, जो इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि उसने रिश्वत की राशि स्वीकार की थी।
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी रीडर के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत मामला दर्ज किया है। कार्रवाई में निरीक्षक शशिकला मस्कुले, जितेंद्र यादव, उप निरीक्षक शिशिर पांडेय व अन्य लोकायुक्त के सदस्य शामिल थे।