रीवा में यूजीसी बिल समर्थन प्रदर्शन के दौरान अराजकता फैलाने वालों की फोटो-वीडियो से पहचान, एफआईआर के बाद गिरफ्तारी की तैयारी।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
यूजीसी बिल के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान शर्मनाक हरकत करते हुये अराजकता फैलाने वाले प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया अमल में आ चुकी है। सिविल लाइन पुलिस एफआईआर के बाद फोटो और वीडियो से आरोपियों की पहचान में जुट गई है। जल्द ही गिरफ्तारी भी की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों ने इसके लिये हरी झंडी दे दी है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को शहर में ओबीसी महासभा के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया था। कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने में अड़े रहे। कलेक्टर नहीं पहुंची तो एक आवारा कुत्ते के गले में ज्ञापन बांध कर कलेक्ट्रेट में छोड़ दिया था। इतना ही नहीं सड़क को जाम कर दिया था। जिससे राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। जिला प्रशासन को कुत्ते की संज्ञा तक दे दी थी। करीब 3 घंटे तक कलेक्ट्रेट के सामने हंगामा चलता रहा। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मूकदर्शक बने देखते रहे। लेकिन शाम को अधिकारियों का जमीर जागा और सिविल लाइन थाना पहुंच कर एफआईआर दर्ज कराये। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया। अब इस प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है। फोटो और वीडियो एकत्रित कर प्रदर्शनकारियों की पहचान की जा रही है। सूत्रों ने बताया है कि अधिकारियों के निर्देश पर जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी करते हुये कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
300 से अधिक आरोपी
पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की है, उसमें 300 से अधिक अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है। इनकी संख्या बढ़ भी सकती है। फिलहाल गिरफ्तारी से पहले पहचान और साक्ष्य के तौर पर वीडियो-फोटो एकत्रित किये जा रहे हैं। जिसके बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कही गई है।
दबाव में आरोपियों को बनाया अज्ञात
पुलिस व प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि शाम के वक्त जब सिविल लाइन थाना में एफआईआर के लिये आवेदन दिया गया तो उसमें 28 लोगों के नाम शामिल थे। लेकिन बाद में ऊपर से राजनीतिक दबाव आया और अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज करानी पड़ी। हालांकि अब जांच के साथ ही आरोपियों के नाम प्रकरण में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सवर्णों ने लगाया अपशब्द बोलने का आरोप, एफआईआर की मांग
यूजीसी बिल राष्ट्रीय मुद्दा होने के साथ रीवा में वर्ग विशेष का मुद्दा बन गया है। सरकार के इस नए बिल पर एक ओर जहां समाज का सामान्य वर्ग विरोध कर रहा है तो वहीं बहुसंख्यक तबका समर्थन में है। जिससे दोनों वर्ग में तनाव बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को सवर्ण समाज के लोग सिविल लाइन थाना पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने शहर के विवेकानंद पार्क में भीड़ एकत्रित की गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सवर्णों के खिलाफ अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया। किसी भी प्रदर्शन में किसी वर्ग विशेष के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करना अनुचित है। ऐसे में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिये। उक्त संबंध में सर्वण समाज के लोगों ने सिविल लाइन थाना में शिकायत आवेदन भी दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि पुलिस कार्रवाई नहीं करती तो उग्र आंदोलन किया जायेगा। शिकायत करने पहुंचे लोगों में अधिवक्ता बीके माला, अधिवक्ता आनंद तिवारी, सुधीर पाण्डेय, विवेक मिश्रा, टीपी पाण्डेय, अधिवक्ता श्रीकांत शुक्ला, अरुण मिश्रा एवं मनीष समेत अन्य शामिल रहे।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
रीवा के एपीएस विश्वविद्यालय में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया में समिति बदलने से विवाद गहरा गया है। पात्रता, दस्तावेजों और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
रीवा में एनएसयूआई ने पेपर लीक, छात्रों पर लाठीचार्ज और शिक्षा व्यवस्था के विरोध में भाजपा कार्यालय घेरने का प्रयास किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोका और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
रीवा में ज्वेलरी दुकान से करीब दो लाख रुपये के जेवर चोरी हो गए। सीसीटीवी में आरोपी कैद हुआ है। वहीं 50 लाख से अधिक की चोरी का खुलासा अब तक नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
पन्ना दौरे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 184 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया। सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि जारी करते हुए मेडिकल कॉलेज, केन-बेतवा परियोजना और समान नागरिक संहिता पर सरकार की प्राथमिकताएं बताईं।
सतना के एक स्पा सेंटर में कर्मचारियों और संचालक के बीच विवाद के बाद आधी रात पुलिस पहुंची। ताला तोड़कर युवतियों को बाहर निकाला गया। शिकायत नहीं मिलने पर पुलिस ने समझाइश देकर मामला शांत कराया।
सतना में नीट पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस और एनएसयूआई ने कलेक्ट्रेट घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झड़प, हिरासत, यातायात जाम और थाना वाहन में तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई।
सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने शहर की सड़कों और यातायात व्यवस्था का निरीक्षण कर निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की समयसीमा तय की। अधिकारियों को गुणवत्ता, नियमित मॉनिटरिंग और नागरिकों की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सतना जिले में 99 प्रतिशत पुस्तकें पहुंचने के बावजूद विद्यार्थियों तक केवल 86 प्रतिशत पाठ्यपुस्तकों का वितरण हो सका। एक लाख से अधिक किताबें अब भी लंबित हैं, जिस पर डीपीआई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में समीक्षा होगी।
मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल समेत कई जिलों में छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। इंदौर में ड्रोन से निगरानी की जा रही है, तो वहीं भोपाल में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठी है। पढ़ें पूरी विस्तृत रिपोर्ट।
सतना जिला अस्पताल में एनेस्थीसिया मशीनों की लगातार खराबी से मरीजों की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। विशेषज्ञों ने चेताया कि स्थायी समाधान नहीं हुआ तो रूटीन सर्जरी प्रभावित होकर स्वास्थ्य सेवाएं संकट में पड़ सकती हैं।