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एमआईसी बैठक में गबन गूंजा, मेयर सख्त, जिम्मेदारों पर एफआईआर के निर्देश जारी आदेश

मेयर इन काउंसिल की बैठक में गबन के मामलों पर तीखी प्रतिक्रिया, जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश।

By: Star News

Jan 10, 20263:33 PM

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एमआईसी बैठक में गबन गूंजा, मेयर सख्त, जिम्मेदारों पर एफआईआर के निर्देश जारी आदेश

हाइलाइट्स

  • एमआईसी बैठक में गबन के दो मामलों पर हुआ खुलासा
  • मेयर योगेश ताम्रकार ने दोषियों पर एफआईआर के निर्देश दिए
  • नगर निगम की कार्यशैली और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल

सतना, स्टार समाचार वेब

महापौर योगेश ताम्रकार की अध्यक्षता में शुक्रवार को मेयर इन काउंंसिल की बैठक का आयोजन किया गया। प्रभारी कमिश्नर शैलेन्द्र प्रताप सिंह की मौजूदगी में आयोजित बैठक में सबसे पहले पूर्व में दिए गए निर्देशों के पालन के संबंध में महापौर ने जानकारी तलब की जिस पर उन्हें बताया गया कि ठंड के बाद बाल किशन वाटिका का अतिक्रमण हटा दिया जाएगा और जो दो अन्य मुद्दे थे वे सुलझा लिए गए हैं। इसके बाद एमआईसी में प्रस्ताव 22 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में तीन प्रस्ताव मस्टर कर्मियों के थे। जिसमें 184 मस्टर कर्मियों को 89 दिन की सेवावृद्धि दी गई। इस दौरान कई ऐसे मौके आए जब अधिकारियों- कर्मचारियों की कार्यशैली पर महापौर आक्रोशित नजर आए। बैठक  के दौरान गबन से जुड़े दो मामले पहला सहायक आयुक्त द्वारा ननि की दुकान बेंच लेने व दूसरा मामला कर्मचारियों के जीपीएफ खाते से अनाधिकृत रूप से राशि आहरित करने का मामला आया। जिस पर महापौर ने दोनों मामलों में जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। 

सहायक आयुक्त पर ननि की दुकान बेंचने का आरोप 

बताया जाता है कि एमआईसी के प्रस्ताव क्र. 22 में नगर निगम के तत्कालीन सहायक आयुक्त वर्तमान पदस्थापना सिंगरौली हरिमित्र श्रीवास्तव पर नगर निगम के स्वामित्व की सिंधी कैम्प स्थित सब्जी मंडी की दुकान 58 एवं 77 को अनाधिकृत रूप से बिना निविदा आवंटन की कार्रवाई पूर्ण किए तथा पंजीयन की कुल राशि 8 लाख 30 हजार 538 रुपए निगम कोष में नहीं जमा कराने संबंधी प्रकरण था। 


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12 कर्मचारियों के जीपीएफ खाते से निकाल ली थी राशि 

एक मामला निगम में ही पदस्थ वर्तमान में निलंबित सहायक ग्रेड -3 अभिलाष श्रीवास्तव से जुड़ रहा जिसमें सहायक ग्रेड-3 श्रीवास्तव ने निगम के 12 अधिकारियों- कर्मचारियों के खाते से 9 लाख 44 हजार रुपए की राशि गबन की थी। इस मामले में निलंबन की कार्रवाई तो हुई और आरोपी ने पैसे भी जमा करा दिए लेकिन अब तक सामने वाले पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई। नगर पालिका (लेखा एवं वित्त) नियम 2018 के नियम 258 के तहत यह मामला एमआईसी के संज्ञान में लाया गया था जिस पर मेयर ने एफआईआर के निर्देश दिए। 

अधीक्षण यंत्री के नेतृत्व में हो रही जांच 

निगम की दो दुकानें बिना निविदा के ही दिए जाने और राशि निगम कोष में न जमा कराने के मामले की जांच विभागीय स्तर पर निगम की दो सदस्यीय टीम कर रही है। टीम का नेतृत्व अधीक्षण यंत्री एसके सिंह कर रहे हैं जबकि टीम में सहायक राजस्व अधिकारी युसूफ खान शामिल हैं। 

10 हजार रुपए में मिलेगा धवारी स्टेडियम 

एमआईसी की बैठक के दौरान धवारी स्टेडियम के खेल गतिविधियों के संचालन की बात भी आई जिस पर बताया गया कि फिलहाल जीएसटी सहित 24 घंटे के लिए धवारी स्टेडियम 10 हजार रुपए किराए पर दिया जाएगा। इसके लिए 5 हजार रुपए सुरक्षा निधि जमा कराई जाएगी। बताया गया कि इसके लिए पहला आवेदन क्रिकेट टूर्नामेंट कराने के लिए प्रयागराज से आया। 


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नहीं मिली 64 लाख की अतिरिक्त स्वीकृति 

एमआईसी की बैठक के दौरान सीवर लाइन का काम कर रहे पीसी स्नेहल कांस्ट्रेक्शन को 1.52 प्रतिशत की वृद्धि उपरांत 64 लाख 73 हजार 431 रुपए की सक्षम स्वीकृत एवं कार्य पूर्ण किए जाने की समय वृद्धि दिए जाने का प्रस्ताव लाया गया जिसे एमआईसी ने नामंजूर कर दिया। 

निगम में इतने एसी क्यों 

नगर निगम में लगे 80 किलोवाट के सोलर लाइट के बावजूद कई कक्षों में इससे निर्बाध गति से बिजली सप्लाई न हो पाने का महापौर योगेश ताम्रकार ने बैठक के दौरान नाराजगी जाहिर की और सवाल उठाया कि आखिर नगर निगम में इतने एसी क्यों लगे हैं? उन्होंने एसी को नार्मल बिजली से ही चलाने के निर्देश दिए। 

रात में ही क्यों बनती है डामर रोड 

मेयर इन काउंसिल की बैठक के दौरान शहर में बन रही डामर की सड़कों की गुणवत्ता पर एमआईसी सदस्य गोपी गेलानी ने सवाल उठाया। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि मेरे वार्ड में रातोंरात डामर की सड़क बन गई। वह अत्यन्त ही लो क्वालिटी की है। उन्होंने कहा कि रात में ही डामर की सड़क बनाने का काम क्यों किया जाता है? इस पर बताया गया कि दिन में ट्रैफिक रहता है। इसको लेकर थोड़ी देर तक एमआईसी सदस्य और निगम के इंजीनियर के बीच तर्क- वितर्क हुआ। सदस्य गेलानी ने कहा कि मेन रोड में तो ठीक है पर गलियों में दिन में ही डामर की सड़क बनाई जा सकती है। 

11 वार्डों में ढाई करोड़ में बनेगी डामर की सड़क 

एमआईसी की बैठक में शहर के 11 वार्डों (1, 2, 3, 4, 26, 28, 29, 31, 32, 33 एवं 34) में 2 करोड़ 60 लाख 59 हजार 786 रुपए की लागत से लगभग 5 किमी सड़क बनाई जानी है। इसका ठेका राजा कंस्ट्रक्शन कम्पनी द्वारा 15.95 प्रतिशत कम एसओआर रेट पर लिया गया है। 

ये रहे मौजूद 

एमआईसी की बैठक के दौरान महापौर योगेश ताम्रकार, प्रभारी क मिश्नर शैलेन्द्र सिंह, गोपी गिलानी, अभिषेक तिवारी, पीके जैन, उपायुक्त वित्त सत्यम मिश्रा, अधीक्षण यंत्री एसके सिंह, कार्यपालन यंत्री आरपी सिंह, सहायक यंत्री रोजल प्रताप सिंह, आकाश बट्टी, आरपी सिंह परमार, अनिल श्रीवास्तव, दिनेश त्रिपाठी, राजू भारतीआदि मौजूद रहे।

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