मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट बैठक में पचमढ़ी नजूल क्षेत्र को अभयारण्य से बाहर करने, नर्मदापुरम की सिंचाई योजनाओं और ओबीसी युवाओं को विदेश भेजने की योजना 2025 को मिली मंजूरी।
By: Ajay Tiwari
Jan 27, 20267:28 PM
भोपाल । स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने पचमढ़ी के रहवासियों को बड़ी राहत देने के साथ-साथ सिंचाई, वन्यजीव संरक्षण और युवाओं के विदेशी रोजगार के लिए करोड़ों रुपये के बजट को हरी झंडी दी है।
कैबिनेट ने पचमढ़ी नगर के साडा (SADA) नियंत्रण वाले 395.939 हेक्टेयर नजूल क्षेत्र को पचमढ़ी अभयारण्य (Sanctuary) की सीमा से बाहर करने की ऐतिहासिक स्वीकृति दी है। अब यह भूमि पूर्णतः राजस्व नजूल घोषित होगी, जिससे स्थानीय विकास और भूमि संबंधी प्रक्रियाओं में सुगमता आएगी।
प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों के विकास के लिए आगामी 5 वर्षों (2026-31) के लिए 390 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। जिनमें चेनलिंक फेंसिंग, वन्यप्राणी सुरक्षा, चारागाह एवं जल स्रोतों का विकास और कौशल उन्नयन शामिल है।
नर्मदापुरम जिले की कृषि को सशक्त बनाने के लिए दो बड़ी परियोजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति मिली है:
तवा परियोजना (बागरा शाखा): ₹86.76 करोड़ की लागत से 4200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई। (लाभान्वित: बाबई एवं सोहागपुर के 33 ग्राम)
पिपरिया ब्रांच केनाल परियोजना: ₹128.71 करोड़ की लागत से 6000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई। (लाभान्वित: सोहागपुर के 30 ग्राम)
पिछड़ा वर्ग के बेरोजगार युवाओं के लिए सरकार ने पुरानी योजना को संशोधित कर "अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार नियोजन योजना 2025" शुरू की है।
लक्ष्य: आगामी 3 वर्षों में ₹45 करोड़ के खर्च से प्रतिवर्ष 600 युवाओं को विदेश में रोजगार दिलाना।
कैबिनेट ने तीन प्रमुख विभागों की 17 योजनाओं को 2031 तक निरंतर रखने के लिए कुल 17,864.26 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं:
खाद्य विभाग: मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता हेतु ₹15,000 करोड़।
राजस्व विभाग: कार्यालय और आवासीय भवनों के निर्माण हेतु ₹2,487 करोड़।
जनजातीय कार्य विभाग: छात्रवृत्ति, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य संबंधी 15 योजनाओं हेतु ₹377.26 करोड़।