मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण के प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। जानें डिजिटल जनगणना की समय-सीमा, मजरों-टोलों के आंकलन और विकास की नई रणनीति के बारे में।
By: Star News
Feb 13, 20266:40 PM
हाइलाइट्स
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनगणना देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण डाटा प्रक्रिया है। जनगणना के आधार पर सरकार की योजनाएं बनती हैं, संसाधनों का वितरण तय होता है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति तैयार होती है। आज भारत विश्व का सर्वाधिक आबादी वाला राष्ट्र है। यह जनगणना केवल राष्ट्रीय नहीं बल्कि वैश्विक महत्व की भी है। जनगणना का कार्य केवल प्रशासनिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं है बल्कि यह भारत के भविष्य की दिशा तय करने वाला सबसे व्यापक और निर्णायक अभियान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनगणना-2027 के प्रथम चरण के लिए आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटल जनगणना कराने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। देश में आखिरी बार वर्ष 1931 में सामाजिक स्तर की जनगणना की गई थी। उन्होंने जनगणना की प्रक्रिया में गांवों, मजरों-टोलों के साथ-साथ बेचिराग गांवों की स्थिति के आंकलन की व्यवस्था करने की भी आवश्यकता बताई।
सीएम ने क्या कहा-अफसरों से
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी कमिश्नर-कलेक्टरों से कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से प्रारंभ होकर 6 मार्च तक चलेगा। उन्होंने आगामी महाशिवरात्रि और होली जैसे त्यौहारों के दृष्टिगत शांति समितियों के साथ बैठक कर अन्य आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने में जन भावनाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। नागरिकों के स्वास्थ्य की दृष्टि से मिलावटी मिठाई, रंगों में मिलावट एवं अन्य खाद्य पदार्थों की जांच के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं।
डिजिटल से जल्द होगी जनगणना
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि चुनाव और जनगणना को प्रशासनिक व्यवस्था का सबसे कठिन कार्य माना जाता है। देश में हर 10 साल में जनगणना होती है। प्रशासनिक अधिकारियों के लिए जनगणना, अपनी प्रबंधन दक्षता को सिद्ध करने और अपने अनुभवों का समृद्ध करने का श्रेष्ठ अवसर है। इस बार तकनीक के बेहतर उपयोग से जनगणना के आंकड़े डिजिटल व्यवस्था के परिणामस्वरूप जल्दी आएंगे।
राष्ट्र की प्रगति का आधार स्तंभ है जनगणना
आयुक्त जनगणना मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि संवैधानिक दायित्व और राष्ट्र की प्रगति का मजबूत आधार स्तंभ है। विधानसभा और लोकसभा के क्षेत्रों का निर्धारण जनसंख्या के आधार पर होता है, यह तथ्य बताता है कि हमारी प्रजातांत्रिक व्यवस्था के केंद्र में जनगणना है। इन आंकड़ों का व्यापक उपयोग नीति निर्धारण और योजनाओं के क्रियान्वयन में किया जाता है। कई योजनाएं जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही शुरू की गई थीं।
मकानों की सूची तैयार होगी मई में
निदेशक जनगणना कार्य कार्तिकेय गोयल ने कहा कि जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण में मकानों की सूची तैयार करने का कार्य मध्यप्रदेश में मई माह में 1 से 30 तारीख के बीच किया जाएगा।