मध्य प्रदेश में निर्वाचन नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का गणना चरण संपन्न। 5.31 करोड़ से अधिक प्रपत्र जमा। जानें 23 दिसंबर से शुरू होने वाली दावा-आपत्ति प्रक्रिया और नाम जुड़वाने के नियम

भोपाल | स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश में चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का पहला चरण पूरा हो गया है। 04 नवंबर से 18 दिसंबर 2025 तक चली इस प्रक्रिया के बाद, आज 23 दिसंबर को प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन कर दिया गया है। इस चरण में राज्य के कुल 5.74 करोड़ निर्वाचकों में से 5.31 करोड़ से अधिक लोगों ने अपने गणना प्रपत्र जमा कर दिए हैं।
बता दे राज्य के सभी 55 जिलों के निर्वाचन अधिकारियों और 65,014 मतदान केंद्रों पर तैनात बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) ने काम किया। राजनीतिक दलों की सहभागिता की बात करें तो दलों ने 1.35 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंट (BLAs) नियुक्त किए। शहरी क्षेत्रों में विशेष शिविरों और कचरा संग्रहण वाहनों के माध्यम से प्रचार-प्रसार ने जन-जागरूकता को नई ऊंचाई दी। विशेष रूप से, तकनीकी बाधाओं को दूर करने के लिए कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों के बीएलओ को सुदृढ़ नेटवर्क वाले स्थानों पर डिजिटल डेटा एंट्री की सुविधा प्रदान की गई।

22 जनवरी तक दर्ज करें दावे व आपत्तियां
प्रारूप नामावली के प्रकाशन के साथ ही अब 'दावा एवं आपत्ति' की अवधि शुरू हो गई है, जो 22 जनवरी 2026 तक चलेगी। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में छूट गया है, या किसी अपात्र व्यक्ति का नाम जुड़ गया है, तो निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। विशेष रूप से वे युवा जो 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे हैं, उन्हें प्रपत्र-6 भरकर अपना नाम जुड़वाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
पारदर्शिता और विलोपन की विधिक प्रक्रिया
निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि 'एक व्यक्ति-एक नाम' के सिद्धांत का कड़ाई से पालन होगा। यदि कोई निर्वाचक एक से अधिक स्थानों पर नामांकित पाया जाता है, तो उसका नाम केवल एक ही स्थान पर रखा जाएगा। पारदिर्शता सुनिश्चित करने के लिए, मृत या स्थानांतरित निर्वाचकों की सूची सार्वजनिक सूचना-पटल पर प्रदर्शित की गई है। आयोग ने यह भी भरोसा दिलाया है कि किसी भी व्यक्ति का नाम बिना विधिक प्रक्रिया, विधिवत सूचना और 'रीजनिंग ऑर्डर' (Speaking Order) के नहीं हटाया जाएगा। किसी भी असुविधा की स्थिति में नागरिक जिला दण्डाधिकारी या मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष अपील कर सकते हैं।

तकनीकी सुलभता और सहायता
मतदाता अपनी जानकारी और सूची में अपना नाम मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट ceoelection.mp.gov.in पर देख सकते हैं। आयोग का लक्ष्य एक ऐसी त्रुटिहीन और समावेशी मतदाता सूची तैयार करना है, जिसमें कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए और कोई भी अपात्र नाम शेष न रहे।
भोपाल :कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, भोपाल में SIR से पहले 21 लाख 25 हजार 908 वोटर थे, जो अब घटकर 16 लाख 87 हजार 33 रह गए हैं
| विधानसभा क्षेत्र | कटे हुए नाम की संख्या |
|
गोविंदपुरा | 97,052 (सबसे ज्यादा) |
| नरेला | 81,235 |
| मध्य विधानसभा | 67,304 |
| हुजूर | 65,891 |
| दक्षिण-पश्चिम | 63,432 |
| उत्तर विधानसभा | 51,058 |
| बैरसिया | 12,903 |
केरल, छग, अंडमान-निकोबार की की लिस्ट भी जारी
EC आज केरल, छत्तीसगढ़ और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की ड्राफ्ट लिस्ट भी पब्लिश हुई। इससे पहले चुनाव आयोग 7 राज्यों पश्चिम बंगाल, राजस्थान, तमिलनाडु, गुजरात, गोवा, लक्षद्वीप और पुडुचेरी की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर चुकी है। इन राज्यों में अलग-अलग कारणों से कुल 2 करोड़ 70 लाख से ज्यादा नाम ड्राफ्ट रोल से हटाए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 97 लाख तमिलनाडु से फिर गुजरात से 73 लाख और बंगाल से 58 लाख नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में से बाहर किए गए हैं।

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