मध्य प्रदेश में 1 जनवरी 2026 से बड़े प्रशासनिक बदलाव। एम सेलवेंद्रन प्रमुख सचिव और आशीष सिंह सचिव बनेंगे। जानें किन अधिकारियों की रुकी पदोन्नति और कौन बना स्पेशल डीजी।

भोपाल।
मध्य प्रदेश सरकार ने नए साल 2026 के आगमन से पहले प्रशासनिक अमले में बड़े बदलाव की तैयारी पूरी कर ली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुमोदन के बाद, सामान्य प्रशासन विभाग ने आईएएस अधिकारियों की पदोन्नति के आदेश तैयार किए हैं, जो 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होंगे। इस फेरबदल में जहां कई अधिकारियों को उच्च पदों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वहीं विवादों या जांच के घेरे में आए कुछ अधिकारियों की पदोन्नति फिलहाल रोक दी गई है।
राज्य शासन के निर्णय के अनुसार, 2002 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एम सेलवेंद्रन अब प्रमुख सचिव के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। उनके साथ ही 2010 बैच के कई अधिकारियों को सचिव स्तर पर पदोन्नत किया गया है। इनमें उज्जैन के ओएसडी आशीष सिंह, आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल और भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के नाम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, दीपक सक्सेना, भास्कर लक्षकार, कर्मवीर शर्मा, तरुण राठी और अनय द्विवेदी जैसे अधिकारियों को भी सचिव पद की नई जिम्मेदारी दी गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस महकमे में भी पदोन्नति की सूची तैयार है। एडीजी (अजाक) आशुतोष राय को 1 जनवरी से स्पेशल डीजी के पद पर पदोन्नत किया जाएगा। जबलपुर आईजी प्रमोद वर्मा को एडीजी बनाया जा रहा है। इसके अलावा, राज्य के 3 डीआईजी को आईजी और 16 एसपी स्तर के अधिकारियों को डीआईजी के पद पर पदोन्नत करने की तैयारी है, जिसकी आधिकारिक सूची गृह विभाग द्वारा जल्द जारी की जा सकती है।
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पदोन्नति की इस प्रक्रिया में सरकार ने स्वच्छता और अनुशासन का भी ध्यान रखा है। ब्राह्मण बेटियों पर अभद्र टिप्पणी के मामले में चर्चा में आए संतोष वर्मा और विभिन्न जांचों के घेरे में फसे पवन जैन, तरुण भटनागर, ऋषि गर्ग व अनुराग चौधरी को फिलहाल पदोन्नत नहीं करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, 2013 बैच के अधिकारियों को अतिरिक्त सचिव के पद पर पदोन्नत किया जाएगा।

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