हाइलाइट्स
- सीएमएचओ ने नागौद सिविल अस्पताल की खामियों पर सख्ती दिखाते हुए नई गाइडलाइन जारी की।
- बायोमेट्रिक उपस्थिति, लेबर रूम सीसीटीवी और साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर।
- चिकित्सकों को स्पष्ट प्रिस्क्रिप्शन लिखने और मरीजों की जांच-उपचार अस्पताल में ही सुनिश्चित करने के निर्देश।
सतना, स्टार समाचार वेब
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एलके तिवारी द्वारा विकासखंड नागौद में संचालित सिविल अस्पताल के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। यह नई गाइडलाइन औचक निरीक्षण और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जारी की गई। इसके लिए सिविल अस्पताल के बीएमओ को चिकित्सकीय वयवस्था बनाने बीएमओ को पत्र जारी किया गया है। सीएमएचओ ने बताया कि सिविल अस्पताल नागौद में कार्यरत चिकित्सकों एवं अन्य स्टाफ के मध्य आपसी समन्वय न होने की शिकायतें आमजनता एवं जनप्रतिनिधियों से लगातार प्राप्त हो रही थी। इसकी जांच करने के लिए सिविल अस्पताल नागौद का औचक भ्रमण कर उपलब्ध सेवाओं एवं साफ सफाई व्यवस्था का जायजा लिया गया था। अस्पताल में कार्यरत समस्त चिकित्सकों से पृथक-पृथक चर्चा कर डयूटी करने में आ रही समस्यायों की जानकारी एवं उनके निराकरण हेतु आवश्यक सुझाव भी लिए गए थे। सिविल अस्पताल नागौद के चिकित्सकों और स्टाफ के सुझाव के बाद कई नए दिशा निर्देश जारी किये गए हैं।
ये निर्देश जारी
- स्टाफ की उपस्थिति हेतु बायो मैट्रिक डिवाइस इनस्टॉल करवाई जाए एवं आगामी 1 सितम्बर से बायो मैट्रिक बेस्ड उपस्थिति के आधार पर ही सभी कर्मचारी एवं चिकित्सकों की सैलरी बनाई जाएगी।
- लेबर रूम में सातों दिन 24 घंटे सीसीटीव्ही कैमरा चालू रखा जायेगा एवं प्रत्येक सप्ताह खण्ड चिकित्सा अधिकारी फूटेज का निरीक्षण कर समीक्षा करेंगे।
- अस्पताल में साफ-सफाई में कमी एवं आउटसोर्स अंतर्गत. कार्यरत सफाई कर्मी द्वारा यूनिफार्म में नहीं आने पर, आउटसोर्स एजेंसी का कार्य संतोषप्रद अथवा असंतोषप्रद की स्थोती में पत्र में टीप दर्ज की जाएगी। टीप के आधार पर सम्बंधित एजेंसी को कार्य असंतोषप्रद होने पर नियमानुसार दण्डित किया जा सकेगा।
- रूटीन ओपीडी में प्रत्येक दिवस सुबह 9 से 2 बजे एवं सायं कालीन 5 से 6 बजे तक निर्धारित ड्यूटी अनुसार समस्त चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ अनिवार्यत: उपस्थित रहेगा। मोनिटरिंग की जिम्मेदारी खण्ड चिकित्सा अधिकारी की होगी।
- आपातकालीन ड्यूटी का स्पस्ट एवं अपडेटेड ड्यूटी रोस्टर सम्बंधित ड्यूटी चिकित्सक के स्पस्ट नाम एवं मोबाइल नंबर सहित चिकित्सालय के मुख्य ओपीडी में प्रदर्शित किया जायेगा।
- अल्ट्रा सोनोग्राफी का कार्य पीसीपीएनडीटी के निर्धारित प्रोटोकॉल अनुसार रिकार्ड का संधारण करें एवं चिकित्सक युएसजी की रिपोर्ट मरीज अथवा उसके परिजन को उसी दिन प्रदान करें ।
- कार्यरत समस्त चिकित्सक स्पष्ट एवं पढ़नीय प्रारूप में निर्धारित डोज सहित प्रिस्क्रिप्शन लिखना सुनिश्चित करें। अस्पताल में पदस्थ डॉ अमित सोनी द्वारा लिखे गए प्रिस्क्रिप्शन अस्पस्ट पाए गए है, उन्हें चेतावनी दी गयी है कि भविष्य में पुनरावृत्ति नहीं हो।
- चिकित्सालयों में आने वाले समस्त मरीजों की समस्त प्रकार की जांच, उपचार चिकित्सालय में ही प्रदान किया जाये एवं चिकित्सालय में मरीज का इलाज संभव नहीं होने पर निर्धारित प्रोटोकॉल अनुसार हायर सेंटर में रेफर किया जाए।