रीवा में सरकारी ब्लड बैंकों में खून की भारी कमी, थैलेसीमिया व कैंसर पीड़ित बच्चों ने कलेक्टर से मदद की गुहार लगाई।
By: Yogesh Patel
Jan 31, 20264:22 PM
हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
सरकारी अस्पतालों में खून के लाले पड़े हैं। एसजीएमएच, जिला अस्पताल और रेडक्रास के ब्लड बैंक खाली हैं। प्राइवेट ब्लड बैंकों में खून भरा पड़ा है लेकिन कैंसर, थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों को मुफ्त नहीं देते। खून के लिए मरीज भटक रहे हैं। परेशान परिजनों और बच्चों ने कलेक्टर को पत्र लिखा है। कलेक्टर से खून दिलाने की मांग की है।
आपको बता दें कि रीवा में खून अब कारोबार बन गया है। रीवा में सरकारी ब्लड बैंक तो थे, अब ढेरों प्राइवेट ब्लड बैंक भी खुल गए हैं। अधिकांश समाजसेवियों ने खोल लिए हैं। यह ब्लड बैंक अब मरीजों की मजबूरियों का फायदा उठाते हैं। शासन के नियमों और आदेश, निर्देशों का भी पालन नहीं कर रहे। वर्तमान समय में संजय गांधी अस्पताल, जिला अस्पताल और रेडक्रास के ब्लड बैंक में खून का टोटा पड़ गया है। ऐसे में थैलेसीमिया और कैंसर पीड़ित मरीज खून के इंतजार में महीनों से अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें ब्लड नहीं मिल पा रहा है। प्राइवेट ब्लड बैंक में जाने पर फ्री ब्लड नहीं दिया जाता। मोटी रकम की डिमांड की जाती है। कई मरीज के परिजन गरीब हैं। सीधी, सिंगरौली, सतना और रीवा से भर्ती हैं। इन मरीज के परिजनों के पास खाने तक के पैसे नहीं है। ऐसे में प्राइवेट सेंटरों से खून खरीदना मुश्किल है। खून नहीं मिलने से थक हारकर अब मरीज और उनके परिजनों ने कलेक्टर को पत्र लिखा है। कलेक्टर रीवा से खून दिलाने की गुहार लगाई है।
तीन प्राइवेट ब्लड बैंक हैं संचालित
रीवा शहर में वर्तमान समय में तीन प्राइवेट ब्लड बैंक संचालित हैं। इसमें विंध्या ब्लड बैंक, अथर्वन ब्लड बैंक, एडवांस ब्लड बैंक शामिल हैं। इन ब्लड बैंकों से मरीजों को राहत नहीं मिलती। यहां भी गंभीर मरीजों को नि:शुल्क ब्लड देने के आदेश है लेकिन इस पर अमल नहीं होता। कलेक्टर से पत्र लिखकर मांग की गई है कि प्राइवेट ब्लड बैंक से थैलेसीमिया, कैंसर मरीजों को नि:शुल्क ब्लड उपलब्ध कराया जाए।
लाइसेंस निरस्त करने का है नियम
राज्य रक्ताधान परिषद ने सभी ब्लड सेंटरों के संचालकों, रेडक्रास सोसायटी के सचिव को पत्र जारी किया था। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि सभी हिमोग्लोबिनोपैथी से प्रभावित मरीजों को रक्ताधान की आवश्यकता होने पर नि:शुल्क एवं रिप्लेसमेंट फ्री रक्त और रक्त कम्पोनेंट्स दिया जाए। होल ब्लड, ब्लड कम्पोनेंट प्रोसेसिंग चार्जेस ब्लड सेंटर परिसर में अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें लेकिन इन आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। आदेशों का पालन नहीं करने पर आयुक्त स्वास्थ्स सेवाएं ने ब्लड सेंटर का लाइसेंस तक रद्द करने का आदेश दिया था।