रीवा में दो दिवसीय पर्यटन कान्क्लेव के आयोजन से विंध्य क्षेत्र के जलप्रपातों और प्राकृतिक स्थलों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी है। पुरवा, चचाई, क्योटी और बहुती जैसे जलप्रपातों को टूरिज्म कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। होटल, ट्रैवल और एयरलाइन निवेशकों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री खुद इस योजना की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
पर्यटन कान्क्लेव विंध्य को नई पहचान देने वाला है। यहां के पर्यटन स्थल देश और विदेशों में जाने जाएंगे। इनकी अलग पहचान बनाने की तैयारी है। यूपी के पर्यटन को एमपी से जोड़ा जाएगा। यूपी एमी को लिमाकर पर्यटन का नया कोरीडोर बनाया जाएगा। यहां इन्वेंटमेंट की संभावनाएं तलाशने इस बार टूरिज्म क्षेत्र के इन्वेस्टर रीवा पहुंच रहे हैं। इसमें होटल, टूर एंड ट्रेवल्स, एयर लाइन्स से जुड़े कारोबारी हिस्सा लेंगे। सीएम भी शामिल हो रहे हैं। यह कान्क्लेव सफल हुआ तो रीवा पर्यटन का केन्द्र बनेगा और इसके चारों तरफ टूरिज्म कॉरीडोर विकसित किया जाएगा।
मप्र सहित विंध्य में कई ऐसी प्राकृतिक खूबियों को समेटे हुए पर्यटन स्थल हैं लोगों की नजरों में ही नहीं आ पाए। अब इन प्राकृतिक खूबसूरती को देखने के लिए पर्यटको को मजबूर किया जाएगा। उन्हें यहां लाने के लिए ही पर्यटन कान्क्लेव का आयोजन किया गया है। विंध्य सहित मप्र के टूरिज्म कारोबार का इसे बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा जो अब पर्यटन स्थल सिर्फ विंध्य की शान हैं, वह देश की शान भी बन कर उभरेंगे। रीवा के आसपास कई ऐसे जिले हैं जहां प्रकृति ने उन्हें इतना सुंदर बनाया है कि कोई भी वहां जाने के बाद वापस नहीं लौटना चाहता। इसी खूबसूरती का लुत्फ पर्यटक उठाएंगे। उन्हें यहां तक पहुंचाने का काम देशभर में अपना कारोबार जमाए टूर एंड ट्रेवल्स कारोबारी, एयरलाइन कंपनियां करेंगी। रीवा में कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं जिन्हें देखने के लिए दूर दूर से पर्यटक आते हैं। अब पूरा देश इन्हें देखेगा। दो दिवसीय टूरिज्म कान्क्लेव में शामिल होने पहुंच रहे मेहमानो को रीवा के जलप्रताप की खूबसूरती भी दिखाई जाएगी। इसके पहले आइए इन खूबसूरत जगहों के बारे में हम आपको बताते हैं।
पुरवा जलप्रपात
यह जलप्रपात रीवा से केवल 35 किलोमीटर दूर स्थित है। यह जलप्रपात अपनी प्राकृति सुंदरता भौगोलिक महत्व और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। पुरवा जलप्रपात में टमस नदी 230 फिट ऊपर से गिरकर सुंदर प्रपात का निर्माण करती है। पुरवा जलप्रपात विन्ध्य के अन्य प्रपातों की तुलना में अधिक चौड़ा है। नदी में अच्छा पानी होने पर इसकी गर्जना दूर से सुनाई देती है। इसके चारों ओर सुरक्षा के लिए बाउन्ड्रीवॉल बना दी गई है। इसके पास पर्यटन विभाग तथा वन विभाग का गेस्टहाउस भी है। रीवा से आसानी से पुरवा प्रपात पहुंचा जा सकता है।
चचाई जलप्रपात
चचाई जलप्रपात मध्यप्रदेश का छिपा हुआ रत्न है। यह रीवा शहर से 45 किलोमीटर दूर है। यहां बीहर नदी 430 फिट की ऊंचाई से गिरकर आकर्षक जलप्रपात का निर्माण करती है। यह क्षेत्र घने वनों और प्राकृतिक सौन्दर्य से भरा हुआ है। यहां पानी ऊंचाई से गिरकर संकरी घाटी में गिरकर शक्तिशाली धारा के रूप में दिखाई देता है। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने चचाई प्रपात को देखकर इसे प्रकृति का अनुपम उपहार बताया था। सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. विद्यानिवास मिश्र के रूपहला धुंआ निबंध में चचाई प्रपात के अनुपम सौंदर्य का सुंदर चित्रण किया गया है। टोंस जलविद्युत परियोजना के कारण अब चचाई जलप्रपात का सौंदर्य केवल वषार्काल में ही दृष्टिगोचर होता है। इसके कई फोटो बहुत प्रसिद्ध हुए हैं। चचाई प्रपात से जुड़ी कई ऐतिहासिक कहानियां और किवदंतियां क्षेत्र में प्रचलित हैं।
क्योंटी जलप्रपात
क्योटी जलप्रपात रीवा से लगभग 55 किलोमीटर दूर स्थित है। चचाई जलप्रपात से इसकी दूरी महज 15 किलोमीटर है। यह जलप्रपात सुंदर प्राकृतिक वातावरण और मनोरम दृश्यावली के लिए जाना जाता है। यहां का शांत वातावरण पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र है। क्योटी में महाना नदी लगभग 325 फिट की ऊंचाई से गिरकर सुंदर प्रपात का निर्माण करती है। यहां पर पानी एक संकरी चट्टान से नीचे गिरता है जिसके कारण पानी की धारा बहुत तेज और शक्तिशाली दिखाई देती है। इसके समीप ऐतिहासिक क्योटी किला भी कई रहस्यों और किवदंतियों को समेटे हुए स्थित है।
बहुती जलप्रपात
यह जलप्रपात रीवा से 75 किलोमीटर दूर मऊगंज जिले में स्थित है। यह विन्ध्य क्षेत्र ही नहीं पूरे मध्यप्रदेश का सबसे ऊंचा जलप्रपात है। बहुती में सेलर नदी 650 फिट की ऊंचाई से दो धाराओं में विभक्त होकर गिरती है। नीचे सुंदर कुंड और चारों ओर घने वन हैं। बहुती में अनंत जलराशि लंबवत चट्टानों पर गिरती है। जुलाई से सितम्बर माह तक इस प्रपात का सौंदर्य अपने चरम पर होता है। प्रपात के आसपास सुरक्षा प्रबंधों की आवश्यकता है। कई स्थानों पर चट्टानें अचानक ढलान में उतरती हैं। इस प्रपात के समीप ही अष्टभुजा देवी का प्रसिद्ध मंदिर भी स्थित है। प्रयागराज और बनारस से सड़क मार्ग से सीधे जुड़ा होने के कारण उत्तरप्रदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहाँ पहुंचते हैं। इसके पास भैंसहाई में प्रागैतिहासिक काल के भित्तचित्र मिले हैं।


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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज यानी सोमवार को निगम-मंडलों के नवनियुक्त पदाधिकारियों के उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का अटल बिहारी वाजपेई सुशासन संस्थान में दीप-प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस विशेष प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पदाधिकारियों को उनके प्रशासनिक दायित्वों, वित्तीय प्रबंधन और शासन की नीतियों के प्रति मार्गदर्शन प्रदान करना था।
उत्तर भारत में इन दिनों गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। देश के कई राज्य भीषण गर्मी से तप रहे हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा से लेकर राजस्थान और महाराष्ट्र के कई जिलों में लोगों का गर्मी से बुरा हाल रहा। यूपी का बांदा 46.7 के साथ और एमपी का राजगढ़ जिला 45 डिग्री के साथ सबसे गर्म शहर रहा।
भोजशाला मामले में MP के पूर्व CM दिग्विजय सिंह ने हाईकोर्ट के फैसले को अस्पष्ट बताते हुए कहा कि ASI को मंदिर के सबूत नहीं मिले। वहीं भोज उत्सव समिति ने दिग्विजय सरकार पर पूजा प्रतिबंधित करने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर।
भोपाल में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में नया मोड़। मायके वालों ने शव लेने से किया इनकार, दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को लेकर सीएम हाउस के सामने किया प्रदर्शन।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा के जंगीपुरा रोड स्थित मदरसा रोड पर देर रात एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान और मकान में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान में रखे इलेक्ट्रॉनिक सामान और एसी रिपेयरिंग के सिलेंडरों में धमाके होने लगे। धमाकों से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने प्रदेश के अफसर और कर्मचारियों के अवकाश नियमों में बड़ा बदलाव किया है। दरअसल, वित्त विभाग द्वारा मप्र सिविल सेवा अवकाश नियम 2025 के तहत अवकाश मंजूरी के अधिकारों को विभाजित कर दिया है।
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सुबह से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखते बन रहा था। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने भोजशाला परिसर में प्रवेश किया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे हाथों में मां सरस्वती के चित्र और धार्मिक ध्वज लिए पहुंचे।
मध्यप्रदेश के रतलाम में आज भीषण टेन हादसा हो गया। राहत की बात यह है कि सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया। दरअसल, दिल्ली निजामुद्दीन की ओर जा रही राजधानी एक्सप्रेस (12431) के दो कोच में रविवार सुबह आग लगने से अफरा-तफरी मच गई।
दमोह (तेंदूखेड़ा) के आईईएस पब्लिक स्कूल में शिक्षिका की कथित मारपीट के शिकार 9 वर्षीय छात्र काव्य नामदेव की भोपाल एम्स में मौत। परिजनों ने शव के साथ एसपी ऑफिस घेरा, SIT करेगी जांच।