रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एनएबीएच टीम ने तीन वर्षों बाद सघन निरीक्षण किया। टीम ने इलाज की गुणवत्ता, डॉक्टर-स्टाफ की उपलब्धता, ओटी, आईसीयू, मेस और ब्लड बैंक तक की सुविधाओं का अवलोकन किया। शनिवार को टीम अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
3 साल बाद फिर से एनएबीएच की टीम निरीक्षण करने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पहुंची। तीन सदस्यीय टीम ने पूरे दिन अस्पताल का निरीक्षण किया। कोना कोना देखा। मरीजों को मिलने वाले इलाज की गुणवत्ता को परखा गया। मेडिकल रिकार्ड के संधारण की व्यवस्थाएं देखी। इसके अलावा उन सभी वार्डों और विभाग तक टीम गई। जहां से सुपर स्पेशलिटी अस्पताल अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है। पहले दिन का निरीक्षण पूरा हो गया। अब दूसरे दिन यानि शनिवार को पूरे निरीक्षण का सार निकाला जाएगा। टीम अस्पताल प्रबंधन को कमियां बताएंगी। उन्हें सुधार का अवसर देगी। इसके बाद लौट जाएगी।
आपको बता दें कि रीवा का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल एनएबीए व सर्टिफाइड अस्पताल है। इसी मान्यता को रिन्यू करने के पहले शुक्रवार को एनएबीए की टीम रीवा पहुंची। टीम के आने के पहले पूरा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ही चकाचक नजर आया। डाक्टर से लेकर स्टाफ तक अप टू डेट रहे। सारा काम क्रमबद्ध तरीके से और विधिवत चलता नजर आया। इसके पीछे वजह एनएबीएच की टीम का निरीक्षण था। एनएबीएच की टीम ने शुक्रवार को अस्पताल का निरीक्षण किया। इसमें तीन सदस्य शामिल रहे। दो पुरुष और एक महिला सदस्य शामिल रहे। टीम में एनएबीएच प्राचार्य एसेसर डॉ प्रतिभा, डॉ रवि शंकर और सिलविया मैथ्यू शामिल रहे। टीम के सदस्यों ने निरीक्षण की शुरूआत सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के पांचवे तल से की। सबसे पहले उन्होंने किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट का अवलोकन किया। इसके बाद चौथी मंजिल में संचालित सीवीटीएस आईसीयू, कार्डियोलॉजी विभाग के आईसीयू और वार्ड का निरीक्षण किया। इसके बाद यूरोलॉजी और न्यूरोलॉजी विभाग पहुंची। फिर पैथालॉजी और नेफ्रोलॉजी विभाग में पहुंच कर निरीक्षण की। मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और इलाज आदि का अवलोकन किया। स्टाफ और डॉक्टरों की उपलब्धता की तरफ भी ध्यान दिया गया। फिर नीचे पहुंच कर ओपीडी, पर्ची काउंटर, एक्सरे, सोनोग्राफी, सीटी स्केन सेंटर आदि का निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने इसके बाद आक्सीजन प्लांट का भी अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उनकी नजर उन सभी व्यवस्थाओं और सुविधाओं पर थी जो मरीजों को उनके मापदंड में मिलने चाहिए थे। निरीक्षण फिलहाल पूरे दिन चलता रहा। शनिवार को भी टीम निरीक्षण में छूटे प्वाइंट को कवर करेगी। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर वापस लौट जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर ही सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का एनएबीएच सर्टिफिकेट बरकरार रहेगा।
इन जगहों पर भी पहुंची टीम
वैसे तो यह निरीक्षण सिर्फ सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का रहा लेकिन संजय गांधी अस्पताल भी इसे जुड़ा हुआ है। वहां से भी मरीज सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती होते हैं। संजय गांधी अस्पताल में संचालित मेस से भोजन और ब्लड बैंक से खून पहुंचता है। यही वजह है कि टीम ने मेस, ब्लड बैंक और एसजीएमएच के ओपीडी का भी निरीक्षण किया। इसके अलावा बच्चा वार्ड का भी टीम ने निरीक्षण किया। पहले दिन का निरीक्षण पूरा हो गया है। निरीक्षण के दौरान टीम अस्पताल की व्यवस्थाओं से काफी खुश नजर आईं। अब जो भी कमियां उनकी नजर में होंगी। वह शनिवार को प्रबंधन को बता कर जाएंगी। इन कमियों को टीम पूरा करने के लिए समय भी देंगी। इसके बाद ही एनएबीएच सर्टिफिकेट जारी होगा।

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