रीवा में विद्युत विभाग के विंध्य आउटसोर्स कर्मचारी संगठन ने एसई और सीई कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों की बहाली, गलत ट्रांसफर रद्द करने और त्योहार भत्तों की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगे पूरी नहीं हुईं तो उग्र आंदोलन और आमरण अनशन किया जाएगा।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
विद्युत विभाग के विंध्य आउटसोर्स कर्मचारी संगठन और आउटसोर्स कर्मचारियों ने बुधवार को एसई और सीई कार्यालय का घेराव कर दिया। दोनों ही जगह जमकर हंगामा हुआ। प्रदर्शन किया गया। नारेबाजी की गई। कर्मचारियों को नौकरी से बाहर किए जाने का विरोध किया गया। एसई और सीई को ज्ञापन सौंपा गया। बाहर निकाले गए कर्मचारियों को बहाल किए जाने की मांग की गई। साथ ही चेतावनी भी दी गई कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो संगठन उग्र आंदोलन करेगा। आमरण अनशन करेगा।
आपको बता दें कि विद्युत विभाग में सारी व्यवस्थाएं आउटसोर्स के भरोसे ही चल रही हैं। विद्युत विभाग में तीन कंपनियां काम कर रही हैं। इन कंपनियों के अंडर में सैकड़ों कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनसे लाइन सुधार, राजस्व वसूली, मीटर रीडिंग का काम कराया जाता है। इसके बाद भी इन्हीं कर्मचारियों पर अधिकारी गाज भी गिराते हैं। पश्चिम संभाग में नए डीई के आने के बाद से आउटसोर्स कर्मचारियों पर आफत टूट पड़ी है। लगातार कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है। इनका 40 से 50 किमी दूर स्थानांतरण कर प्रताड़ित किया जाता है। छोटी छोटी गलतियों पर सीधे नौकरी से बाहर कर दिया जाता है। हाल ही में 8 आउटसोर्स कर्मचारियों को पश्चिम संभाग के कार्यपालन अभियंता ने नौकरी से बाहर कर दिया। इस आदेश के बाद ही आउटसोर्स कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। आउटसोर्स कर्मचारी और विंध्य आउटसोर्स कर्मचारी संगठन ने बुधवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर हंगामा कर दिया। जमकर प्रदर्शन किया। अधीक्षण अभियंता बीके शुक्ला को ज्ञापन सौंप कर सभी कर्मचारियों को दोबारा बहाल करने की मांग की गई। इसके बाद सभी कर्मचारी सीधे सीई कार्यालय पहुंच गए। करीब तीन घंटे मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन किया गया। मुख्य अभियंता प्रमा पाण्डेय से भी मुलाकात की। उन्हें समस्या से अवगत कराया। साथ ही कर्मचारियों की अन्य समस्याएं भी उनके सामने रखी। 7 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भी सौंपा। सीई ने कर्मचारियों को उनकी मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया है।ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष अरुणेन्द्र नारायण पाण्डेय, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश मिश्रा, प्रदेश सचिव सतीश चौबे, संगठन मंत्री दिलीप शर्मा सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
यह थी आउटसोर्स कर्मचारियों की 7 मांगे
ज्ञापन के माध्यम से विंध्य आउटसोर्स कर्मचारियों ने एसई और सीई के सामने 7 मांगे रखी हैं। इसमें पश्चिम संभाग में दिलीप शर्मा का 40 किमी ट्रांसफर किया गया ट्रांसफर निरस्त किया जाए। चोरहटा से 4, सेमरिया डीसी से 2, इंजीनियर कॉलेज, लौआ से 2 कर्मचारियों को हटाया गया है। उन्हें बहाल करने की मांग की गई है। मऊगंज, त्योंथर के कर्मचारियों को अब तक त्यौहारी नहीं मिला है। भुगतान करने की मांग की गई है । सब स्टेशनों में सुरक्षा किट, मेंटीनेंस कर्मचारियों को सुरक्षा किट और रेन कोट देने, पश्चिम संभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों को गलत आरोप लगाकर 30 से 50 किमी दूर भेजा जाता है, इस पर रोक लगाने, ब्लैक लिस्टेड मीटर रीडरों को वापस रखने की मांग की गई है।
इन कर्मचारियों को कर दिया अचानक नौकरी से बाहर
पश्चिम संभाग के कार्यपालन अभियंता ने मिथुन साकेत, धीरेन्द्र, ब्रम्हस्वरूप दुबे, शरद पाण्डेय, अवनीश शुक्ला, धीरेन्द्र द्विवेदी को नौकरी से बाहर कर दिया गया है। इसके अलावा भी कई और कर्मचारी हैं जिन्हें नौकरी से बाहर किया गया है। इन्हीं कर्मचारियों को लेकर विंध्य आउटसोर्स ने प्रदर्शन किया। इसके अलावा एक आउटसोर्स कर्मचारी को जेई ने हिनौता के लिए मुक्त कर दिया। संगठन का आरोप है कि अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता ही किसी आउटसोर्स कर्मचारी को इधर से उधर कर सकता है लेकिन जेई भी मनमानी कर रहे हैं। इन्हीं कर्मचारियों के हित के लिए प्रदर्शन किया गया।


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