सतना जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड और पीकू वार्ड में हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं। 30 बेड पर 68 बच्चों का इलाज चल रहा है। ब्रोंकाइटिस, वायरल फीवर, निमोनिया और टायफाइड जैसी बीमारियों से पीड़ित बच्चों को मजबूरी में फर्श पर लिटाकर इलाज करना पड़ रहा है। परिजन बेड शेयर करने को तैयार नहीं हैं, जबकि डॉक्टरों का कहना है कि रिकवरी में 5–6 दिन लगने से वार्ड खाली ही नहीं हो पा रहा।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड और पीकू में गंभीर बच्चों को जगह नहीं मिल रही है। इलाज के लिए परिजन बेड शेयर करने के लिए भी तैयार नहीं हो रहे हैं। हालत यह है कि बच्चों को मजबूरन फर्श में इलाज करना पड़ रहा है या एक बेड में ही दो बच्चों को लेटाया जा रहा है। बताया गया कि बच्चों में ब्रोंकालाइटिस की बीमारी अब तेजी से देखने को मिल रही है। बच्चों में इस समय निमोनिया, वायरल फीवर के साथ अब फेफड़े की सांस नली में सूजन तक देखने को मिल रही है, जिससे बच्चों में बुखार के साथ खांसी भी आरही है और बच्चा गंभीर स्थिति में पहुंच रहा है, इस बीमारी के चलते बच्चे को रिकवर होने में पांच से छ: दिन लग रहा है।
30 बेड में 68 बच्चे इलाजरत
चिकित्सकों के मुताबिक शिशु वार्ड में वर्तमान में 30 बेड में 68 बच्चे इलाजरत हैं। मरीज के परिजन बेड शेयर करने को तैयार नहीं होते जिस कारण बच्चों को जमीन पर ही इलाज किया जा रहा है। नीचे फर्श में ही इलाज के लिए एक गद्दे पर दो-दो बच्चे लिटाए गए हैं। चिकित्सकों ने कहा कि समझ में ही नहीं आरहा है कि नए आए मरीज बच्चे को कहां लेटकर इलाज करें। बच्चों में इस समय वायरल फीवर, निमोनिया, स्क्रब टाइफस, टायफाइड के साथ अब ब्रोंकालाइटिस कि बीमारी देखने को मिली है। बच्चों कि स्वांस नली में सूजन के चलते बच्चा गंभीर स्थित में पहुंच रहा है। बच्चे के प्लेटलेट्स डाउन हो रहे हैं। बच्चे को रिकवर होने में पांच से छ: दिन तक लग रहे हैं, ऐसे में वार्ड कैसे खाली होगा? चिकित्सकों के मुताबिक यही हाल पीकू वार्ड के भी हैं जहां 10 बेड में 25 से अधिक बच्चे भर्ती हैंै। वार्ड में कई गंभीर बच्चों को सांसनली में सूजन के चलते आॅक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ रही हैै।
15 दिनों में बढ़े ब्रोंका लाइटिस के मरीज
चिकित्सकों के मुताबिक पिछले 15 दिनों से बच्चों में ब्रोंका लाइटिस बीमारी देखने को मिल रही है। वायरल निमोनिया के चलते पहले से बच्चों को रिकवर होने में चार दिन लगता था और अब इस बीमारी के चलते बच्चा और क्रिटिकल स्टेज में पहुंच रहा है जहां रिकवेरी टाइम में भी बढ़ोत्तरी हो रही है। बताया गया कि वार्ड में एनएचएम की गाइड लाइन के हिसाब से स्टाफ तो दिया गया है लेकिन इस समय मरीजों की बढ़ोत्तरी को देखें तो स्टाफ की कमी है। चिकित्सकों की माने तो अभी फिर मौसम में बदलाव आएगा और बच्चे फिर बीमार होंगे।
बीते चार दिन से बच्चा वार्ड में भर्ती है, बच्चे को टायफाइड की शिकायत है। वार्ड में जगह ही नहीं है। बच्चे का जमीन में इलाज किया जा रहा है।
पप्पू पाल, नागौद
बच्चे को पेट में दर्द की शिकायत पर विगत 11 सितम्बर को लेकर आए थे, वार्ड में सभी बेड भरे हुए हैं। कोई भी बेड शेयर करने के लिए तैयार नहीं है। नीचे भी केवल गद्दे दिए गए हैं, चादर घर से ही लेकर आए हैं ।
आराधना सेन, पतौरा
मौसम में बदलाव के चलते बच्चा और पीकू वार्ड फुल है, हमारी प्राथमिकता इलाज करना है। बच्चों में ब्रोंकलाइटिस के केस ज्यादातर देखने को मिल रहे हैं जिसमे रिकवरी में अधिक समय लग रहा है।
डॉ. संजीव प्रजापति, शिशु रोग विशेषज्ञ एवं इंचार्ज पीकू


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्यप्रदेश में मुरैना जिले के खाड़ोली गांव में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां 11 साल की बच्ची पर बदमाशों ने तेजाब फेंक दिया। जिससे वह बुरी तरह झुलस गई। बच्ची को जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती किया गया है। पुलिस के अनुसार, हमलावर कार से गांव पहुंचे और बच्ची पर तेजाब फेंक दिया।
मध्यप्रदेश के 16 लाख बच्चों का इंतजार खत्म होने वाला है। एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का माध्यमिक शिक्षा मंडल इस साल 15 अप्रैल तक परीक्षा परिणाम जारी करने की तैयारी में है। स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि सभी जरूरी प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं और रिजल्ट पूरी तरह त्रुटिरहित जारी किया जाएगा।
मध्यप्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई है। देर रात विधानसभा सचिवालय की ओर से आदेश जारी किए गए, जिसके बाद दतिया सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
हनुमान जयंती 2026 के अवसर पर आज मध्य प्रदेश के भोपाल में यातायात प्रभावित रहेगा. शाम 4 बजे से ट्रैफिक पूरी तरह से प्रभावित रहेगा. मध्य प्रदेश ट्रैफिक पुलिस ने भोपाल के लिए रूट डायवर्जन प्लान जारी किया है. घर से निकलने से पहले डायवर्टेड रूट के बारे में जरूर जान लें.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण किया। सिंहस्थ-2028 के लिए क्राउड मैनेजमेंट और सुशासन को लेकर MP-UP के बीच नई रणनीति तैयार।
रीवा-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एक्सप्रेस को नियमित करने की मंजूरी मिल गई है। चार साल से एक्सटेंशन पर चल रही ट्रेन जल्द नियमित होगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
रीवा के लोही गांव में वृद्ध महिला की बेरहमी से हत्या कर सिर काटकर ले जाया गया। पुलिस ने सर्च में सिर बरामद किया, मामले की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
रीवा में अमहिया रोड चौड़ीकरण से पहले प्रशासन सख्त हुआ। करीब 200 दुकानें प्रभावित हैं। दुकानदारों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए, अन्यथा बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सिंगरौली के मुहेर गांव में नल-जल योजना विफल होने से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जल संकट गहराने से बीमारियों का खतरा बढ़ा, प्रशासन की अनदेखी पर लोगों में भारी आक्रोश है।
सिंगरौली के मुहेर गांव में नल-जल योजना विफल होने से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जल संकट गहराने से बीमारियों का खतरा बढ़ा, प्रशासन की अनदेखी पर लोगों में भारी आक्रोश है।