कायाकल्प फाइनल मूल्यांकन के तहत तीन सदस्यीय टीम ने जिला अस्पताल सतना के सभी विभागों का गहन निरीक्षण कर सेवाओं, स्वच्छता और प्रबंधन की सराहना की।
By: Yogesh Patel
Feb 21, 202612:34 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
जिले के स्वास्थ्य तंत्र की गुणवत्ता जांच के लिए शुक्रवार को तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम जिला अस्पताल पहुंची। टीम ने सुबह 10 बजे से देर शाम साढ़े 6 बजे तक अस्पताल के लगभग सभी विभागों का गहन निरीक्षण किया। कायाकल्प मूल्यांकन का उद्देश्य अस्पताल में दी जा रही चिकित्सीय सेवाओं, साफ-सफाई, मरीज सुविधा, रिकार्ड प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का आंकलन करना था। निरीक्षण के दौरान टीम ने पार्किंग, ओपीडी, लांड्री, किचेन, आपातकालीन सेवाएं, लेबर रूम, गायनिक वार्ड, अस्पताल की बगिया, एसएनसीयू, स्टोर, इंजेक्शन रूम, माइनर ओटी, मेजर ओटी, लेबर ओटी,पीएनसी, आईसीयू एवं अन्य वार्डों और प्रशासनिक शाखाओं की कार्यप्रणाली देखी। वार्डों के निरीक्षण के दौरान भीड़ और परिजनों द्वारा की हुई गंदगी को देखते हुए टीम ने प्रबंधन से क्राउड मैनेजमेंट पॉलिसी बनाने के लिए कहा। इसके लिए स्थानीय जन प्रतिनिधियों से विचार विमर्श करने की बात कही गई। जांच टीम में एनएचएम भोपाल के क्वाटिली एनालिसिस डॉ. पंकज बुढ़ोलिया, शिवपुरी जिला अस्पताल के डॉ. रामकुमार चौधरी एवं अकीला अंसारी शामिल रहीं। जिला अस्पताल की ओर से निरीक्षण कार्य में सहयोग के लिए सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला, सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह, डीपीएम राकेश कर्ष ,आरएमओ डॉ. शरद दुबे, क्वालिटी नोडल अधिकारी डॉ. विजेता राजपूत, सहायक प्रबंधक डॉ. धीरेन्द्र वर्मा, डायटीशियन जी.एस. तिवारी, मेट्रन किरण सिंह, जिला क़्वालिटी टीम की सदस्य लक्ष्मी गुप्ता, शांति प्रजापति, विनोद दहायत मौजूद रहे। देर शाम तक विभिन्न विभागों के रिकार्डों का सत्यापन कर टीम रवाना हो गई। बताया गया कि जिला अस्पताल सतना को पीयर एसेसमेंट में 85.84 फीसदी अंक प्राप्त हुए थे। फाइनल एसेसमेंट के बाद जिला अस्पताल को मैरिट के हिसाब से राशि एवं प्रशस्तिपत्र दिया जाएगा।
मिली सराहना और सुझाव
टीम द्वारा चेकलिस्ट के हिसाब से कायाकल्प का फाइनल मूल्यांकन किया गया। निरीक्षण के दौरान सभी विभागों में पदस्थ नर्सिंग स्टाफ से गहन इंटरव्यू किया गया। असेसरों ने अस्पताल की साफ-सफाई, रिकॉर्ड प्रबंधन और स्टाफ की तत्परता की प्रशंसा की। देर शाम तक चले निरीक्षण में किसी बड़ी खामी की बात सामने नहीं आई, हालांकि चिकित्सकीय सुविधाओं को और बेहतर करने की जरूर बात कही गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नई पॉलिसी बनाने एवं वार्डों में गंदगी को समय समय पर साफ करने के निर्देश दिए गए।
असेसरों ने खींची फोटो
मूल्यांकन के दौरान असेसरों द्वारा कई जगह की फोटो खींची गई, जिससे सभी हैरान दिखे। हालांकि टीम में आए भोपाल के असेसर डॉ. बुढोलिया ने बताया कि इन फोटो के जरिए प्रदेश की अन्य अस्पतालों में भी सुविधाओं को बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। डॉ. बुढोलिया ने क्लोजिंग मीटिंग के दौरान कहा कि मैंने 15 जिला अस्पताल का निरीक्षण किया है लेकिन जिला अस्पताल सतना सबसे बेहतर रहा।
सज-संवर उठा अस्पताल
मूल्यांकन के चलते शुक्रवार को अस्पताल परिसर में अभूतपूर्व स्वच्छता देखने को मिली। मरीजों को समय पर चादरें उपलब्ध कराई गईं, डॉक्टर और स्टाफ यूनिफार्म एवं आईडी कार्ड में नजर आए। कई अधिकारी देर शाम तक ड्यूटी पर तैनात रहे। अस्पताल प्रशासन को उम्मीद है कि इस मूल्यांकन के बाद जिला अस्पताल को 'गुड परफॉर्मेंस' की रेटिंग मिलेगी, जो जिले के स्वास्थ्य ढांचे के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि होगी। बताया गया कि असेसर अपनी रिपोर्ट डयरेक्ट्रेट को दो दिन में पेश करेंगे। 15 दिन बाद मूल्यांकन का स्कोर जारी किया जाएगा। गौरतलब है कि जिला अस्पताल को इससे पहले भी पांच दफा कायाकल्प का अवार्ड मिल चुका है।
8 एरिया के डॉक्यूमेंट चेक, स्टाफ से डेमो भी कराया
निरीक्षण के दौरान असेसरों द्वारा वार्डों में पदस्थ पैरामेडिकल स्टाफ से कई कई चिकित्सकीय सुविधाओं का आंकलन करने डेमो भी कराया गया, हालांकि कुछ जगह स्टाफ डेमो में फेल भी नजर आए। इसके बाद अंतिम कार्यप्रणाली के दौरान कायाकल्प के आठ एरिया के डॉक्यूमेंट का सत्यापन किया गया, जिसमे पियर असेसमेंट के दौरान मिले गैप को पूर्ण कर दिया गया था।