सतना विद्युत मंडल अगस्त माह में बिजली बिल वसूली का लक्ष्य हासिल नहीं कर सका। 95.29 करोड़ रुपए के मुकाबले केवल 29.35 करोड़ (30%) की ही वसूली हो पाई। सबसे कम वसूली रामपुर बाघेलान में रही। इस बीच मैहर में पेट्रोल पंप संचालक मितेश पर होटल निर्माण के दौरान बिजली चोरी का मामला दर्ज किया गया। विभाग ने 51,907 रुपए का दंडात्मक आदेश जारी किया है और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
By: Yogesh Patel
Aug 28, 202510:59 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
विद्युत मंडल का सतना सर्किल अगस्त माह में लक्ष्य के अनुरूप बिजली बिल की वसूली नहीं कर पाया है। सतना वृत्त अंतर्गत अगस्त माह में 6 डिवीजनों को 95.29 करोड़ रुपए की बिजली बिल वसूली का का लक्ष्य दिया गया था। जिसके विरुद्ध अगस्त माह के अंतिम दिन तक 29.35 करोड़ रुपए राशि की ही बिजली बिल वसूली हो पाई है,जो कि लक्ष्य का 30 प्रतिशत ही है। बताया गया कि बिजली बिल की सर्वाधिक 57.47 प्रतिशत वसूली शहर संभाग में हुई, जबकि सबसे काम वसूली 11.90 प्रतिशत रामपुर बाघेलान डिवीजन में हुई। बिजली बिल वसूली में लक्ष्य अनुसार कम प्रगति पाए जाने पर एसई ने सभी कार्यपालन अभियंताओं को चेतावनी जारी की है और समय से लक्ष्य के अनुरूप बिजली बिल राजस्व वसूलने के निर्देश दिए हैं।
जारी है नोटिस भेजने का दौर
बताया गया कि अधीक्षण अभियंता पीके मिश्रा द्वारा सतत बिजली सप्लाई और राजस्व वसूली पर जोर देने के बावजूद भी लक्ष्य के अनुसार प्रगति नहीं पाई गई। सतना वृत्त अंतर्गत सभी 6 संभागों द्वारा अगस्त माह के बिजली बिलों की वसूली का शुरआत से ध्यान नहीं दिया गया। राजस्व वसूली के लिए दुसरे पखवाड़े से बिजली बिल वसूली अभियान को शुरू किया गया। अभियान अंतर्गत बिजली बिल बकायादारों के कनेक्शन काटने शुरू किये गए, जिसके बाद वसूली में तेजी आई। बताया गया कि विभाग द्वारा सभी बकायादारों को नोटिस भेजने की कार्यवाही भी शुरू है। बिजली बिल जमा न करने वालों पर कुर्की तक की कार्यवाही प्रस्तावित है।
हाईवे के बिल्डिंग निर्माण में बिजली चोरी, मैहर में सामने आई पेट्रोल पंप संचालक की करतूत
शहर की मर्यादा और सामाजिक गरिमा को कम करने वाली घटना उस समय सामने आई जब हाईवे के बगल पर भारत पेट्रोलियम के समीप निर्माणाधीन बिल्डिंग में अवैध विद्युत चोरी पकड़ी गई। इस मामले में एक पेट्रोल पंप संचालक मितेश का नाम सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्युत वितरण कंपनी के कर्मियों ने छापामार कार्रवाई कर जब होटल निर्माण स्थल का निरीक्षण किया, तो पाया कि वहां चोरी-छिपे विद्युत लाइन खींचकर भारी मात्रा में खपत की जा रही थी। वैधानिक कनेक्शन नहीं था, जांचोपरांत अधिनियम 2003 की धारा 135/138 के अंतर्गत कार्यवाही करते हुए अधिकारियों ने 48,907 की क्षतिपूर्ति और 3 हजार रुपए की समन राशि सहित कुल 51 हजार 907 की दंडात्मक वसूली का आदेश पारित किया। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि तक भुगतान नहीं किया गया तो कठोर दंडात्मक दावेदारी न्यायालयीन स्तर पर सुनिश्चित की जाएगी।
गरीबों पर कठोरता, रसूखदारों पर छूट, यह परंपरा टूटी
अब तक प्राय: यह दृष्टिगोचर होता रहा है कि छोटी बस्तियों और निर्धन उपभोक्ताओं पर मामूली अनियमितता होने पर भी विभाग सख़्ती बरतता रहा है किन्तु जब रसूखदार तबके द्वारा अपराध होता है तो अक्सर चुप्पी साध ली जाती है। इस बार विभागीय अधिकारियों ने सिद्ध कर दिया कि कानून की कसौटी पर सब बराबर है। यह कदम निश्चित ही स्वागत योग्य है। नगर की चर्चा में यही प्रतिध्वनि है कि पेट्रोल पंप जैसे सार्वजनिक प्रतिष्ठान के संचालक द्वारा चोरी जैसे अनैतिक कृत्य का सहारा लेना सम्पूर्ण व्यापारी समाज के लिए लज्जाजनक है। जो लोग समाज में उच्च स्थान रखते हैं, वही यदि कानून तोड़ने का दुस्साहस करें तो यह नैतिक पतन की पराकाष्ठा है।