13 फरवरी को शेयर बाजार में हाहाकार। सेंसेक्स 1048 अंक टूटकर 82,627 पर बंद हुआ। जानें क्यों अमेरिकी AI के डर से गिरे भारतीय IT शेयर
By: Star News
Feb 13, 20263:59 PM
मुंबई। बिजनेस डेस्क। स्टार समाचार वेब
भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार, 13 फरवरी का दिन बेहद निराशाजनक रहा। वैश्विक स्तर पर तकनीकी क्षेत्र में मची खलबली और बिकवाली के भारी दबाव के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही बड़े नुकसान के साथ बंद हुए। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1048 अंक (1.25%) की भारी गिरावट के साथ 82,627 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 336 अंक (1.30%) फिसलकर 25,471 के स्तर पर आ गया। बाजार में चौतरफा बिकवाली का आलम यह था कि सेंसेक्स के 30 में से 28 और निफ्टी के 50 में से 45 शेयरों में लाल निशान दर्ज किया गया।
AI के खतरे ने हिलाया IT सेक्टर का भरोसा
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य कारण अमेरिका से आई नकारात्मक खबरें हैं। दरअसल, अमेरिकी बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। निवेशकों को डर है कि नई AI तकनीकें पारंपरिक आईटी सेवाओं (IT Services) के अस्तित्व के लिए खतरा बन सकती हैं। चूंकि भारतीय आईटी कंपनियां अपने राजस्व का एक बड़ा हिस्सा अमेरिकी ग्राहकों से प्राप्त करती हैं, इसलिए अमेरिकी आईटी शेयरों में हुई बिकवाली का सीधा और गहरा असर भारतीय बाजार के मेटल, आईटी और एनर्जी शेयरों पर पड़ा है।
वैश्विक बाजारों का हाल: अमेरिका से एशिया तक गिरावट
अमेरिकी बाजारों में गिरावट का सिलसिला काफी तेज रहा, जहाँ डाउ जोन्स 669 अंक (1.34%) गिरकर बंद हुआ। टेक-आधारित इंडेक्स नैस्डैक (Nasdaq) में 2.03% की बड़ी गिरावट देखी गई, जबकि S&P 500 इंडेक्स 1.57% फिसल गया। इस वैश्विक दबाव का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा; जापान का निक्केई 1.21% और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 1.72% की गिरावट के साथ बंद हुए। दक्षिण कोरिया और चीन के बाजारों में भी गिरावट का ही रुख रहा।
लगातार दूसरे दिन गिरावट और निवेशकों का रुझान
यह बाजार में गिरावट का लगातार दूसरा दिन है। इससे पहले 12 फरवरी को भी सेंसेक्स 558 अंक गिरकर 83,675 पर बंद हुआ था। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बात करें तो उन्होंने 12 फरवरी को 108 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू निवेशकों (DII) ने 277 करोड़ रुपये की खरीदारी की। हालांकि, फरवरी महीने में अब तक FII और DII दोनों ही शुद्ध खरीदार रहे हैं, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता और AI के बढ़ते प्रभाव ने फिलहाल बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया है।