मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के थाना जावर अंतर्गत इंदौर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर पटेल ढाबे के पास देर रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। सीमेंट से भरा एक ट्राला अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि ट्राले के केबिन में चालक बुरी तरह दब गया।
सतना जंक्शन पर रेलवे स्वच्छता पखवाड़ा अंतर्गत फूड स्टॉल और वेंडरों की जांच की गई। यात्रियों को शुद्ध व स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के लिए नाखून तक चेक किए गए। वहीं जबलपुर में जल संकट के चलते सतना और कटनी स्टेशन पर लंबी दूरी की ट्रेनों में पानी भरने की व्यवस्था की गई।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का बैंक बैलेंस 20,686 करोड़ हो गया है। दावा किया जा रहा है कि पिछले पांच साल में बोर्ड ने 14,627 करोड़ कमाए। अकेले पिछले वित्त वर्ष (2023-24) में 4,193 करोड़ कमाए। यह जानकारी राज्य क्रिकेट संघों के साथ साझा की गई वित्तीय रिपोर्ट में सामने आई है। इससे बोर्ड के कर्ताधर्ता काफी गदगद नजर आ रहे हैं।
मध्यप्रदेश में गुरुवार से एक फिर तेज बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। राजधानी भोपाल में दोपहर 12 बजे के बाद मौसम बदला और पूरे शहर में अचानक अंधेरा छा गया। यहां गरज-चमक के साथ आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। शहर में हालात यह हो गए थे कि वाहन चालकों का लाइट जलानी पड़ी।
सीधी जिले में मघा नक्षत्र में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश से शहरी और ग्रामीण इलाकों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई मोहल्लों में पानी भर गया, दुकानों और घरों में लीकेज से लोग परेशान हैं, वहीं फुटपाथ दुकानदार रोज़ी-रोटी के संकट से जूझ रहे हैं। हालांकि बारिश ने किसानों के चेहरों पर धान की फसल की उम्मीद से रौनक लौटा दी है।
सतना जिले में लगातार बारिश से ग्रामीण इलाके जलमग्न हो गए हैं। चित्रकूट की मां मंदाकिनी नदी उफान पर है और गुप्त गोदावरी में पानी भरने से गेट बंद कर दिए गए। रामनगर क्षेत्र में भारी बारिश के चलते बाणसागर डैम के 10 गेट खोले गए हैं।
पन्ना के सोनू विश्वकर्मा कुंवरपुर नाले के तेज बहाव में बह गए, उनकी बाइक बरामद कर ली गई है लेकिन युवक का अब तक सुराग नहीं लग पाया। वहीं अजयगढ़ में तेज बारिश से बगराजन देवी मंदिर के पास सीसी सड़क भी बह गई, जिससे जनजीवन प्रभावित है।
सतना जिले में भारी बारिश के बाद जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सतना नदी में आए उफान के चलते धवारी-जिगनहट मार्ग समेत कई रास्ते बंद हो गए हैं। कोठी, बिरसिंहपुर, चित्रकूट, मझगवां सहित कई क्षेत्रों में रपटे डूब गए हैं और पुलों पर आवागमन रोक दिया गया है।
6 दिन बाद फिर रीवा में बारिश ने कहर बरपाया। लगातार 18 घंटे की भारी बारिश से पूरा शहर जलमग्न हो गया। कई मोहल्ले, कॉलोनियां और स्कूल डूब गए। बच्चों को रेस्क्यू कर निकाला गया, वहीं उफनते नाले में एक दो वर्षीय मासूम बह गया।
गुरुवार की रिमझिम बारिश ने सतना जिले में विद्युत व्यवस्था को फैलाइ दिया संकट। शहर और गांवों में दर्जनों फीडर फॉल्ट, ट्रांसफॉर्मर डूबना और बिजली पोल गिरने की वजह से 50+ गांवों में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी। पवैया पावर हाउस और चित्रकूट क्षेत्र में जलभराव के कारण सप्लाई ठप रही। युद्धस्तर पर मरम्मत जारी, लेकिन फिर भी व्यवस्था चरमराई है।






















