सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
मध्यप्रदेश में पहली बार 12 उद्यानिकी फसलों को मिला जीआई टैग। गुना का धनिया, नूरजहां आम, नरसिंहपुर का गुड़ और जबलपुर के मटर समेत कई फसलों को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान। जानें विस्तार से।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में छत से रिस रहे पानी के कारण बेसमेंट पार्किंग जलमग्न हो गई है। जर्जर ढांचे, क्षतिग्रस्त सीवरेज लाइन और खराब रखरखाव को लेकर डॉक्टरों व कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
सतना में तेज बारिश के बाद कई क्षेत्रों में जलभराव, घरों में पानी घुसने और बिजली बाधित होने की समस्या सामने आई। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है।
सतना में पहली ही बारिश ने स्मार्ट सिटी के दावों की पोल खोल दी। जलभराव, बिजली कटौती, नालियों का गंदा पानी घरों और दुकानों में घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पश्चिम बंगाल चुनाव में पीएम मोदी को झालमुड़ी खिलाकर सुर्खियों में आए विक्रम साहू को पाकिस्तान और बांग्लादेश से जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। वीडियो कॉल पर हथियार दिखाकर बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई है। पढ़ें पूरी खबर।
उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय के नए कृषि भवन पर अज्ञात तत्वों ने 'तुम सब मरोगे' की धमकी लिखकर तंत्र-मंत्र की सामग्री छोड़ी। सीसीटीवी न होने से सुरक्षा पर उठे सवाल।
मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के थाना जावर अंतर्गत इंदौर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर पटेल ढाबे के पास देर रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। सीमेंट से भरा एक ट्राला अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि ट्राले के केबिन में चालक बुरी तरह दब गया।
सतना जंक्शन पर रेलवे स्वच्छता पखवाड़ा अंतर्गत फूड स्टॉल और वेंडरों की जांच की गई। यात्रियों को शुद्ध व स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के लिए नाखून तक चेक किए गए। वहीं जबलपुर में जल संकट के चलते सतना और कटनी स्टेशन पर लंबी दूरी की ट्रेनों में पानी भरने की व्यवस्था की गई।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का बैंक बैलेंस 20,686 करोड़ हो गया है। दावा किया जा रहा है कि पिछले पांच साल में बोर्ड ने 14,627 करोड़ कमाए। अकेले पिछले वित्त वर्ष (2023-24) में 4,193 करोड़ कमाए। यह जानकारी राज्य क्रिकेट संघों के साथ साझा की गई वित्तीय रिपोर्ट में सामने आई है। इससे बोर्ड के कर्ताधर्ता काफी गदगद नजर आ रहे हैं।






















