मध्यप्रदेश कर्ज के दलदल में फंसता जा रहा है। राज्य सरकार विकास और लाड़ली बहना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं को निरंतर बनाए रखने के लिए लगातार कर्ज पर कर्ज ले रही है। एक बार फिर सरकार 5,200 करोड़ का नया उधार लेने जा रही है। कहा जा रहा है कि यह कर्ज दो हिस्सों में आएगा।

देव उठनी एकादशी एक नवंबर मप्र स्थापना दिवस के पहले 5200 करोड़ का कर्ज सरकार ले रही है।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश कर्ज के दलदल में फंसता जा रहा है। राज्य सरकार विकास और लाड़ली बहना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं को निरंतर बनाए रखने के लिए लगातार कर्ज पर कर्ज ले रही है। एक बार फिर सरकार 5,200 करोड़ का नया उधार लेने जा रही है। कहा जा रहा है कि यह कर्ज दो हिस्सों में आएगा। पहला 2,700 करोड़ और दूसरा 2,500 करोड़। ये वित्त वर्ष 2024-25 के 20वें और 21वें उधार के रूप में दर्ज होंगे। इसके बाद इस साल का कुल कर्ज 42,600 करोड़ हो जाएगा। पहली किस्त अक्टूबर 2046 तक और दूसरी 2047 तक ब्याज के साथ चुकानी होगी।
सरकार द्वारा लिए जा रहे इस कर्ज के बाद चालू वित्त वर्ष में कुल कर्ज 42600 करोड़ का हो जाएगा। कर्ज की 2700 करोड़ की पहली राशि 21 साल के लिए होगी जिसका ब्याज के रूप में भुगतान अक्टूबर 2046 तक होगा। इसी तरह दूसरा 2500 करोड़ का कर्ज 22 साल के लिए होगा जिसका भुगतान अक्टूबर 2047 तक सरकार ब्याज के रूप में करेगी।
सरकार द्वारा कहा गया है कि केंद्र ने आरबीआई के माध्यम से लिए जाने वाले कर्ज की यह राशि कैपिटल एक्सपेंडिचर आन प्रोडक्टिव स्कीम के लिए मंजूर की है। ये स्कीम सिंचाई परियोजनाएं, सिंचाई और पावर प्रोजेक्ट्स, कम्युनिटी डेवलपमेंट्स प्रोजेक्ट्स आदि रूपों में संचालित हैं। देव उठनी एकादशी एक नवंबर मप्र स्थापना दिवस के पहले 5200 करोड़ का कर्ज सरकार ले रही है।
सरकार ने दशहरा पर्व के पहले एक अक्टूबर को तीन हजार करोड़ का कर्ज लिया था। सरकार ने 30 सितम्बर को इसके लिए आॅक्सन किया था जो सितम्बर माह में लिया गया तीसरा कर्ज था। इसके पूर्व 9 सितंबर को चार हजार करोड़ के तीन कर्ज लिए गए थे जबकि 23 सितंबर को 1500-1500 करोड़ के दो कर्ज लिए गए। अब लिए जा रहे कर्ज के बाद सरकार पर मौजूदा कर्ज 464340 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा।
सरकार ने अपनी रेवेन्यू को लेकर कहा है कि वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार 12487.78 करोड़ के रेवेन्यू सरप्लस में थी। इसमें आमदनी 234026.05 करोड़ और खर्च 221538.27 करोड़ रहा। इसके विपरीत वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश सरकार की रिवाइज्ड आमदनी 262009.01 करोड़ और खर्च 260983.10 करोड़ बताया है। इस तरह पिछले वित्त वर्ष में भी सरकार की आय 1025.91 करोड़ सरप्लस बताई गई है। जो भी लोन लिया जा रहा है वह लोन की लिमिट के भीतर है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की विस्तृत कार्ययोजना। जानें फसल चयन, जल संरक्षण और किसानों के लिए सरकार की नई तैयारियों के बारे में।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर जारी। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया। जानें बारिश से जुड़ी ताजा अपडेट और सुरक्षा निर्देश।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित! जानें कब होगा मतदान, क्या है राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने का कारण और कैसे लागू हुई आचार संहिता।
मध्य प्रदेश सरकार ने BLO और बीएलओ सुपरवाइजरों का मानदेय दोगुना किया। जानें नई मानदेय राशि, प्रभावी तिथि और त्रैमासिक भुगतान की पूरी जानकारी।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की। जानिए क्या है पूरा मामला।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चाएं तेज हैं। सतना सांसद गणेश सिंह और शहडोल सांसद हिमांद्री सिंह के नाम संभावित दावेदारों में प्रमुख बताए जा रहे हैं।
सतना जिले में हल्की बारिश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित हैं, जबकि लोगों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जानिए क्या है मामला, मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी की सच्चाई और इसके पीछे के राजनीतिक मायने।