क्या आपको भी आधी रात को स्नैकिंग की आदत है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों से जानें कि देर रात भोजन करना आपकी सेहत, नींद और मेटाबॉलिज्म को कैसे प्रभावित करता है और वजन घटाने के लिए खाना खाने का सही समय क्या है।
By: Ajay Tiwari
Feb 19, 20265:16 PM
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और 'नाइट आउल' कल्चर के कारण बहुत से लोगों में आधी रात को भोजन करने या स्नैकिंग करने की आदत विकसित हो गई है। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो यह आदत न केवल आपके मोटापे का कारण बनती है, बल्कि आपके शरीर के आंतरिक चक्र को भी पूरी तरह बिगाड़ देती है।
एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के नजरिए से आइए समझते हैं कि यह आदत आपकी सेहत के लिए कितनी घातक है।
हमारा शरीर एक 'बायोलॉजिकल क्लॉक' के अनुसार काम करता है। रात के समय शरीर को आराम और अंगों की रिकवरी की आवश्यकता होती है, अतिरिक्त कैलोरी की नहीं। जब हम सोने से ठीक पहले खाते हैं, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। नतीजतन, भोजन ऊर्जा में बदलने के बजाय वसा (Fat) के रूप में जमा होने लगता है, जिससे डायबिटीज और हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
देर रात भारी या तैलीय भोजन करने से पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। लेटने की स्थिति में भोजन का सही ढंग से पाचन नहीं होता, जिससे एसिड रिफ्लक्स, सीने में जलन और अपच जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।
देर रात मीठा या जंक फूड खाने से शरीर में ब्लड शुगर लेवल अचानक बढ़ता है, जो नींद में खलल डालता है। अधूरी नींद के कारण तीन समस्याएं सामने आती हैं।
मानसिक तनाव और चिड़चिड़ापन बढ़ता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कमजोर होती है।
लंबे समय में यह आदत डिप्रेशन का कारण भी बन सकती है।
सवाल: सोने से कितने समय पहले खाएं?
जवाब: बिस्तर पर जाने से कम से कम 2-3 घंटे पहले भोजन कर लें।
सवाल: डिनर का आखिरी समय क्या हो?
जवाब: कोशिश करें कि रात 8 से 9 बजे के बाद कुछ भी न खाएं।
सवाल: क्रेविंग होने पर क्या करें?
जवाब: यदि रात में तेज भूख लगे, तो अनहेल्दी स्नैक्स के बजाय एक गिलास गुनगुना दूध लें।
एक्सपर्ट टिप: दिन भर संतुलित और प्रोटीन युक्त भोजन करें ताकि रात के समय असमय भूख (Cravings) न लगे। नियमित व्यायाम और समय पर सोने की आदत ही फिट रहने की असली कुंजी है।