मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास मॉडल को अपनाते हुए प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में लेखक पद्मश्री आलोक मेहता द्वारा रचित पुस्तक रिवॉल्यूशनरी राज-नरेन्द्र मोदी: 25 इयर्स (कॉफी टेबल बुक) ग्रहण करते हुए यह बात कही।
By: Arvind Mishra
Jan 20, 20261:34 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास मॉडल को अपनाते हुए प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में लेखक पद्मश्री आलोक मेहता द्वारा रचित पुस्तक रिवॉल्यूशनरी राज-नरेन्द्र मोदी: 25 इयर्स (कॉफी टेबल बुक) ग्रहण करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर देशी-विदेशी निवेश को आकर्षित कर औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, स्टार्ट-अप्स, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाएं प्रभावी रूप से क्रियान्वित की जा रही हैं। यह भेंट-वार्ता दिल्ली से दावोस (स्विट्जरलैंड) में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की बैठक में भाग लेने से पूर्व हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है। प्रदेश में पुस्तकों और पठन-संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गीता भवन निर्माण योजना में पुस्तकालयों का प्रावधान भी किया गया है। सीएम ने कहा कि मप्र सरकार पत्रकारों, साहित्यकारों एवं सांस्कृतिक कलाकारों को सामाजिक जागरूकता के लिए हर संभव सहयोग, सहायता एवं प्रोत्साहन देती रहेगी।
पुस्तक की भूमिका शाह ने लिखी
मुख्यमंत्री ने कहा-पुस्तक में उल्लिखित समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवाओं में अनुशासन तथा आत्मनिर्भर विकसित भारत के प्रधानमंत्री के सपनों को साकार करने के लिए वे पूर्णत: प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने पुस्तक की विस्तृत भूमिका केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लिखे जाने को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया।
पुस्तकालयों में पहुंचनी चाहिए पुस्तक
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्री शाह, प्रधानमंत्री के संकल्पों को क्रियान्वित करते हुए आतंकवाद और नक्सल समस्या से प्रभावी ढंग से निपट रहे हैं, जिससे देश विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे विचारों को जन-जन तक पहुंचाने में यह पुस्तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और इसे शिक्षण संस्थानों व पुस्तकालयों तक पहुंचाया जाना चाहिए।