दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत आज यानी सोमवार को हंगामे के बीच हुई। एलजी वीके सक्सेना के विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और मंत्रियों ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रगान के साथ सदन की कार्यवाही शुरू हुई।
By: Arvind Mishra
Jan 05, 20263:23 PM

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत आज यानी सोमवार को हंगामे के बीच हुई। एलजी वीके सक्सेना के विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और मंत्रियों ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रगान के साथ सदन की कार्यवाही शुरू हुई। जहां सत्र की शुरुआत में ही एलजी के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के विधायकों ने वायु प्रदूषण के मुद्दे पर हंगामा किया। इस हंगामे के कारण स्पीकर को कार्रवाई करनी पड़ी और विपक्ष के विधायकों को सदन से बाहर निकलवाना पड़ा। हंगामा करने के चलते आप विधायकों संजीव झा, कुलदीप कुमार, सोमदत्त और जरनैल सिंह को अगले तीन दिन के लिए सदन कि कार्यवाही से सस्पेंड कर दिया गया है। विधानसभा को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। यह शीतकालीन सत्र 8 जनवरी तक चलेगा। हालांकि जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाया भी जा सकता है। वहीं विधानसभा परिसर में नेता प्रतिपक्ष आतिशी समेत आप के विधायक मुंह पर मास्क लगाकर प्रदर्शन करते नजर आए।
दिल्ली में ई-आफिस प्रणाली लागू
एलजी वीके सक्सेना ने सदन को संबोधित करते हुए दिल्ली सरकार की नीतियों, सुधारों और उपलब्धियों का विवरण रखा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने इस बार पहली बार एक लाख करोड़ का बजट पास किया है। प्रशासनिक सुधारों के तहत 75 डिजिटल सेवाएं शुरू की गई हैं और ई-आफिस प्रणाली लागू की गई है।
बजट का 13 प्रतिशत स्वास्थ को
एलजी ने कहा- कुल बजट का 13 प्रतिशत हिस्सा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवंटित किया गया है, जो अन्य क्षेत्रों की तुलना में सर्वाधिक है। आयुष्मान योजना के तहत 188 अस्पताल सूचीबद्ध किए गए हैं और अब तक 19,287 मरीजों का इलाज किया जा चुका है। एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
मेट्रो फेज-4 के लिए 3,300 करोड़
एलजी ने कहा कि सरकार गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए प्रयासरत है। कक्षा 9 से 12 तक स्मार्ट कक्षाओं की व्यवस्था की जा रही है। खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए खेल प्रोत्साहन राशि को दोगुने से भी अधिक कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने कैपिटल एक्सपेंडिचर को दोगुना करते हुए 28 हजार करोड़ का प्रावधान किया है। सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के क्रम में मेट्रो फेज-4 के लिए 3,300 करोड़ के बजट को मंजूरी दी गई है।
जलभराव से निपटने को ड्रेनेज मास्टर प्लान
एलजी ने कहा-जलभराव दिल्ली की एक पुरानी समस्या रही है, जिसे दूर करने के लिए अन्य उपायों के साथ ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। राजधानी में 100 में से 45 अटल कैंटीन शुरू की जा चुकी हैं, जबकि शेष को भी जल्द शुरू किया जाएगा। यमुना की सफाई को लेकर उन्होंने बताया कि नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जा रहे हैं, पुराने एसटीपी की क्षमता बढ़ाई जा रही है और नालों का प्रदूषित पानी सीधे नदी में गिरने से रोका जा रहा है।