दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में नारेबाजी का वीडियो मंगलवार को सामने आने के बाद हड़कंप मचा गया। वीडियो 35 सेकेंड का है। इसमें छात्र मोदी-शाह की कब्र खुदेगी, जेएनयू की धरती पर नारे लगाते और गाते देखे जा सकते हैं।
By: Arvind Mishra
Jan 06, 20261:01 PM

नई दिल्ली। स्टार समाचा वेब
दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में नारेबाजी का वीडियो मंगलवार को सामने आने के बाद हड़कंप मचा गया। वीडियो 35 सेकेंड का है। इसमें छात्र मोदी-शाह की कब्र खुदेगी, जेएनयू की धरती पर नारे लगाते और गाते देखे जा सकते हैं। दरअसल, ये छात्र दिल्ली दंगे के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत नामंजूर होने का विरोध कर रहे थे। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। दरअसल, दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय एक बार फिर छात्र आंदोलनों को लेकर चर्चा में है। बीती रात जेएनयू परिसर में छात्र संघ और वामपंथी छात्र संगठनों ने प्रशासन और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। साबरमती हॉस्टल के बाहर देर रात तक नारेबाजी और हंगामे का माहौल बना रहा। प्रदर्शन पर भाजपा-कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है।
न्याय दो और रिहाई दो...जैसे नारे गूंजते रहे
प्रदर्शन के दौरान न्याय दो और रिहाई दो... जैसे नारे गूंजते रहे। यह नारे सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले और केंद्र सरकार के खिलाफ लगाए गए। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगा मामले में पूर्व जेएनयू छात्र उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इस फैसले से नाराज छात्रों ने दोनों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज कर दिया। छात्र नेताओं का आरोप है कि इससे कैंपस में निगरानी और जासूसी का माहौल बनाया जा रहा है।
प्रदर्शन को 2020 की हिंसा से जोड़ा
प्रदर्शन को पांच जनवरी 2020 की हिंसा से भी जोड़ा गया। छह साल पहले इसी दिन जेएनयू में नकाबपोश हमलावरों द्वारा छात्रों और शिक्षकों पर किए गए हमले की बरसी मनाई गई। जेएनयू शिक्षक संघ और छात्र संघ ने इसे क्रूर हमले की बरसी बताते हुए साबरमती हॉस्टल के पास गुरिल्ला ढाबा लगाकर विरोध दर्ज कराया। छात्रों का सवाल था कि छह साल बाद भी हमलावरों की पहचान क्यों नहीं हो पाई।
केंद्रीय मंत्री ने कहा-जेएनयू टुकड़े-टुकड़े गैंग का ऑफिस

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा- जेएनयू टुकड़े-टुकड़े गैंग का ऑफिस बन गया है। मैं टुकड़े-टुकड़े गैंग से कहना चाहता हूं कि जो लोग उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे लोगों का समर्थन करते हैं, जिन्होंने पाकिस्तान समर्थक भावनाएं रखीं और चिकन नेक कॉरिडोर को अलग करने की बात की, वे देशद्रोही हैं।
दिल्ली के मंत्री बोले-दंगाइयों की जगह जेल में
दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा- कुछ लोग हैं जो इस प्रकार के देश विरोधी, धर्म विरोधी नारे लगाते हैं। ये अफजल गुरू के लिए भी नारे लगाते हैं, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ, आतंकियों-नक्सलियों के समर्थन में नारे लगाते हैं। यह बस उनकी छटपटाहट है। वहीं दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा- जो भी अशांति फैलाएगा, वह जेल जाएगा। यह भाजपा का राज है। यहां अशांति फैलाने वालों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दंगा करने वालों की जगह जेल में है।
कांग्रेस बोली- सुप्रीका कोर्ट का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण
इधर, कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा- यह गुस्सा जाहिर करने का एक तरीका है। जेएनयू में 2020 दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ गुस्सा है। उमर खालिद और शरजील इमाम साथ ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वे मुसलमान हैं। उनके साथ नाइंसाफी हुई है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।