2026 में भूकंप के झटके थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन कहीं न कहीं भूकंप आ रहा है। इससे स्थानीय लोगों में दहशत व्याप्त है। भूकंप का केंद्र जितनी ज्यादा नीचे होता है, खतरा उतना ही कम होता है। हालांकि, कम गहराई वाले भूकंप ज्यादा खतरनाक माने जाते हैं।
By: Arvind Mishra
Feb 02, 202610:42 AM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
2026 में भूकंप के झटके थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन कहीं न कहीं भूकंप आ रहा है। इससे स्थानीय लोगों में दहशत व्याप्त है। भूकंप का केंद्र जितनी ज्यादा नीचे होता है, खतरा उतना ही कम होता है। हालांकि, कम गहराई वाले भूकंप ज्यादा खतरनाक माने जाते हैं, क्योंकि भूकंप की सतही तरंगे जमीन पर भयंकर तबाही मचाती हैं। दरअसल, अंडमान और निकोबार द्वीप पर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए हैं। आज यानी सोमवार को तड़के तकरीबन 3:30 बजे धरती डोलने लगी। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, रिएक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.6 मैग्नीट्यूड आंकी गई है।
राहत... कोई नुकसान नहीं
एनसीएस ने भूकंप की जानकारी देते हुए कहा कि भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे दर्ज किया गया है। हालांकि, तीव्रता कम होने के कारण कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है।
पहले भी लगे भूकंप के झटके
गौरतलब है कि अंडमान और निकोबार द्वीप सिस्मिक जोन 5 के अंतर्गत आता है, जो टेक्टॉनिक प्लेन के बेहद करीब है। इससे पहले 26 दिसंबर 2004 को यहां भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी। भूकंप के तेज झटकों के कारण समुद्र में सुनामी आ गई और लहरें पूरे ऊफान पर थीं।