लोकसभा में पूर्व थल सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे से जुड़े कथित बयान को लेकर भारी हंगामा हुआ। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चीन और डोकलाम मुद्दे पर सरकार को घेरा, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने आरोपों को भ्रामक बताया। लगातार हंगामे के कारण, नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
By: Yogesh Patel
Feb 02, 20267:51 PM
हाइलाइट्स:
नई दिल्ली, स्टार समाचार वेब
लोकसभा में सोमवार को पूर्व थल सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे से जुड़े एक कथित बयान को लेकर जोरदार राजनीतिक टकराव देखने को मिला। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक मैगजीन में प्रकाशित कथित उद्धरण का हवाला देते हुए चीन से जुड़े मुद्दे पर सरकार पर सवाल खड़े किए। राहुल गांधी का दावा था कि यह कथन नरवणे की एक ऐसी किताब का हिस्सा है, जो अब तक प्रकाशित नहीं हुई है।
राहुल गांधी के इस दावे पर सत्ता पक्ष ने कड़ा एतराज जताया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी अप्रकाशित किताब के कथित अंशों को आधार बनाकर सेना और सरकार पर आरोप लगाना गलत है। गृह मंत्री अमित शाह ने भी राहुल गांधी के तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित बयान नरवणे की ओर से नहीं, बल्कि एक मैगजीन द्वारा प्रकाशित बताया जा रहा है, जिसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे सदन को गुमराह करने की कोशिश बताया।
लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। हंगामे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सदन में मौजूद थे। हालात सामान्य न होने पर लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
कथित किताब से जुड़ा विवाद
विवाद जनरल नरवणे की एक कथित अप्रकाशित संस्मरण पुस्तक से जुड़े उस कथन को लेकर है, जिसमें ‘डोकलाम में चीनी टैंकों’ का उल्लेख होने की बात कही जा रही है। राहुल गांधी ने इसी आधार पर सरकार को घेरने की कोशिश की, जबकि सरकार ने इसे निराधार और भ्रामक बताया।
पुराना वीडियो बना चर्चा का केंद्र
इसी बीच बीजेपी नेता अमित मालवीय ने नरवणे का एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। वीडियो में नरवणे यह कहते नजर आते हैं कि “एक इंच भी जमीन नहीं गई।” इस वीडियो के सामने आने के बाद राहुल गांधी के दावों पर नए सिरे से सवाल उठने लगे।
कौन हैं एम एम नरवणे
जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भारतीय सेना के 27वें प्रमुख रहे हैं। उन्होंने 31 दिसंबर 2019 को जनरल बिपिन रावत से थल सेना प्रमुख का पद संभाला था। 15 दिसंबर 2021 से 30 अप्रैल 2022 तक वे चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अस्थायी अध्यक्ष भी रहे।
सेना में करियर
22 अप्रैल 1960 को पुणे में जन्मे नरवणे एक पूर्व वायुसेना अधिकारी के पुत्र हैं। उन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी, पुणे और इंडियन मिलिट्री एकेडमी, देहरादून से सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया। जून 1980 में सिख लाइट इन्फैंट्री की 7वीं बटालियन में कमीशन मिलने के बाद उन्होंने जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में आतंकवाद व उग्रवाद विरोधी अभियानों का नेतृत्व किया।