मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज यानी शुक्रवार को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी भोपाल में वानिकी सम्मेलन और आईएफएस मीट-2026 का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। इस मौके पर सीएम ने वन विभाग के आईएफएस थीम गीत का विमोचन कर लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी प्रदान किया।
By: Arvind Mishra
Jan 30, 20261:38 PM

भोपाल। स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज यानी शुक्रवार को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी भोपाल में वानिकी सम्मेलन और आईएफएस मीट-2026 का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। इस मौके पर सीएम ने वन विभाग के आईएफएस थीम गीत का विमोचन कर लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी प्रदान किया। समारोह के दौरान वन, पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप सिंह अहिरवार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वीएन अंबाडे और वन अधिकारी मौजूद रहे। सीएम ने सेवानिवृत्त आईएफएस और प्रदेश के पूर्व पीसीसीएफ डॉ. पीबी गंगोपाध्याय को प्रदेश के वनों की सुरक्षा और बेहतरी में उनके योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया। यह अवार्ड गंगोपाध्याय की पत्नी गौरी गंगोपाध्याय ने प्राप्त किया।
निडरता और निर्भरता दोनों ही जरूरी
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- जो आनंद वन के साथ आता है, वह कहीं और जाकर नहीं मिलता। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जल, जंगल और वन्यजीवों के आपसी संतुलन को समझने की जरूरत पर जोर दिया। सीएम अपने अनुभव साझा करते हुए कहा-बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जब मैं वाहन से गुजर रहा था, तब टाइगर अपने स्वाभाविक अंदाज में चल रहा था। यह नजारा प्रकृति और मानव के सहअस्तित्व को दर्शाता है। वन क्षेत्रों में काम करना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि जानवरों के सामने निर्भय होकर काम करना पड़ता है, जहां निडरता और निर्भरता दोनों ही जरूरी हैं।
सीएम ने की विभाग तारीफ
मुख्यमंत्री ने जल और जंगल के आपसी संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि जल की शोभा जीवन से है और जंगल के भीतर टाइगर उसकी शोभा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में आईएफएस अधिकारियों के साथ नीचे तक का अमला पूरी निष्ठा से काम कर रहा है, जो प्रदेश के वन संरक्षण मॉडल को मजबूत बनाता है।
वन विभाग की ग्रोथ सबसे बेहतर
सीएम ने कहा-मध्यप्रदेश में वन विभाग की ग्रोथ सबसे बेहतर रही है। चीतों के पुनर्वास और मगरमच्छों को सुरक्षित स्थानों पर छोड़ने जैसे कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहे हैं, लेकिन विभाग ने इन्हें सफलतापूर्वक अंजाम दिया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब विभाग अच्छे से काम करता है, तो मगरमच्छ नर्मदा की धारा में और घड़ियाल चंबल नदी में सुरक्षित रूप से रह पाते हैं। मुख्यमंत्री ने वन अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रकृति संरक्षण के इस अभियान में सभी की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है।