उमा ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को वापस लेना हर भारतीय के मन में है। जब यह हो जाएगा तभी हमारा उद्देश्य पूरा होगा। इस दौरान उमा ने 1994 में संसद द्वारा पारित उस सर्वसम्मत प्रस्ताव का भी उल्लेख किया जिसमें पीओके को भारत का अभिन्न हिस्सा घोषित किया गया था।
By: Arvind Mishra
Aug 30, 202519 hours ago
हमारा अंतिम लक्ष्य पीओके को वापस लेना है। पीओके वापस लेने के बाद ही हमारा उद्देश्य पूरा होगा। मैं उन लोगों को जवाब नहीं देना चाहती जो भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता पर सवाल उठा रहे हैं। वे भारतीय सशस्त्र बलों का सम्मान करना नहीं जानते, और वे राजनीति करने के भी काबिल नहीं हैं। यह बात मप्र की पूर्व सीएम एवं भाजपा की फायरब्रांड नेता उमा भारती ने एक साक्षात्कार के दौरान कही। उमा ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को वापस लेना हर भारतीय के मन में है। जब यह हो जाएगा तभी हमारा उद्देश्य पूरा होगा। इस दौरान उमा ने 1994 में संसद द्वारा पारित उस सर्वसम्मत प्रस्ताव का भी उल्लेख किया जिसमें पीओके को भारत का अभिन्न हिस्सा घोषित किया गया था। उमा ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देकर खुद ही अपने पतन की ओर बढ़ रहा है। उमा भारती ने आॅपरेशन सिंदूर की तारीफ भी की। साथ ही उन लोगों को करारा जवाब भी दिया, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल खड़े किए। उमा ने कहा कि ऐसे लोग देश की बदनामी करते हैं, राष्ट्रीय गर्व को नहीं समझते और राजनीति करने के योग्य नहीं हैं।
पूर्व सीएम उमा ने यह भी कहा कि भारत ने हमेशा पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। हम ही इसे समाप्त करेंगे। इस समस्या का समाधान प्राकृतिक न्याय है। पाकिस्तान जब आतंकवाद के कारण खुद नष्ट होगा, तभी उसे होश आएगा।
साक्षात्कार के दौरान उमा भारती ने 2008 के मालेगांव विस्फोट केस पर पूछे गए सवालों के जवाब भी दिए। उन्होंने कहा कि यह हिंदुओं को बदनाम करने और तुष्टिकरण की राजनीति करने की साजिश थी। इस साजिश में शामिल लोगों को देश की प्रतिष्ठा की कोई परवाह नहीं थी। उन्हें केवल सत्ता की परवाह थी।
उमा भारती ने कहा कि लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा सिंह और अन्य को निशाना बनाया गया। लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित को बहुत प्रताड़ित किया गया। साध्वी प्रज्ञा सिंह को इतनी बेरहमी से प्रताड़ित किया गया कि अब वह चलने में भी असमर्थ हैं।
उमा ने यह भी बताया कि पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा को इस मामले में गंभीर यातनाएं सहनी पड़ीं। भारती ने अपने सुरक्षा दल में शामिल एक अधिकारी के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए कहा-मेरे सुरक्षा निरीक्षक, जिन्होंने विदेश में प्रशिक्षण लिया था, वहां महाराष्ट्र एटीएस के सदस्यों से मिले। एक अधिकारी ने उन्हें बताया कि साध्वी प्रज्ञा को बड़ी बेरहमी से प्रताड़ित किया गया, उन्हें 100 से ज्यादा थप्पड़ मारे गए, जिससे उनके गाल काले पड़ गए थे। उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। उस अधिकारी ने उन्हें बताया कि उस यातना के दौरान भी वह ओम का जाप करती रहीं।
कर्नल पुरोहित के बारे में बताते हुए उमा ने कहा कि मैं कर्नल पुरोहित के संपर्क में नहीं हूं, लेकिन मैंने उनकी पत्नी का टेलीविजन इंटरव्यू देखा, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके नाखून उखाड़ दिए गए थे। उमा ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा सिंह के नाम क्यों जोड़े गए और असली दोषियों को अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। यह जांच का विषय है और असली दोषियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।