बेंगलुरु की नम्मा मेट्रो इस बार सिर्फ सवारी नहीं, जिंदगी बचाने के भी काम आयी। शहर में पहली बार, एक बेहद जरूरी लिवर ट्रांसप्लांट के लिए मेट्रो का इस्तेमाल किया गया। मामला हेपेटाइटिस से जूझ रहे एक मरीज का है, जिसे लिवर ट्रांसप्लांट की सख्त जरूरत थी।

यह बेंगलुरु की पहली घटना है जब किसी मेडिकल इमरजेंसी के लिए मेट्रो का इस्तेमाल हुआ।

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
कहते हैं कि चलती का नाम ही जिंदगी है। अक्सर लोग क्यों कहते हैं आज यह सिद्ध हो गया कि वास्तव में चलती का नाम जिंदगी है...। दरअसल, बेंगलुरु की नम्मा मेट्रो इस बार सिर्फ सवारी नहीं, जिंदगी बचाने के भी काम आयी। शहर में पहली बार, एक बेहद जरूरी लिवर ट्रांसप्लांट के लिए मेट्रो का इस्तेमाल किया गया। मामला हेपेटाइटिस से जूझ रहे एक मरीज का है, जिसे लिवर ट्रांसप्लांट की सख्त जरूरत थी। लिवर एक 24 वर्षीय एक्सीडेंट पीड़ित द्वारा दान किया गया था, जिसे व्हाइटफील्ड से स्पर्श अस्पताल तक ले जाना था। बेंगलुरु की ट्रैफिक को चकमा देने के लिए टीम ने नम्मा मेट्रो का सहारा लिया और 31 किलोमीटर की दूरी, 30 मेट्रो स्टेशनों को पार करते हुए लिवर को सिर्फ 55 मिनट में अस्पताल पहुंचा दिया गया।
लिवर ट्रांसप्लांट का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल क्लिप में देख सकते हैं कि मेट्रो के आखिरी डिब्बे से एक टीम उतरती है और आॅर्गन कंटेनर लेकर तेजी से बाहर निकलती है। इस रेस को सफल बनाने के लिए मेट्रो के दोनों सिरों पर ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। व्हाइटफील्ड मेट्रो से अस्पताल तक 5.5 किमी की दूरी थी और आरआर नगर मेट्रो से स्पर्श अस्पताल तक 2.5 किलोमीटर।
स्पर्श अस्पताल ने बयान जारी कर बताया कि यह ऐतिहासिक पल था, जब ट्रैफिक को हराकर मेट्रो ने वक्त पर अंग पहुंचाकर एक जान बचाई। बेंगलुरु की नम्मा मेट्रो के जरिए एक गंभीर रूप से बीमार मरीज तक शहर के ट्रैफिक से बचते हुए समय पर लिवर पहुंचाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। शहर में पहली बार ऐसी मेडिकल इमरजेंसी के लिए मेट्रो का इस्तेमाल किया गया।
मरीज हेपेटाइटिस से जुड़ी गंभीर लिवर की समस्या से जूझ रहा था। दान किए गए लिवर को मेट्रो के जरिए आरआर नगर स्थित स्पर्श अस्पताल पहुंचाकर उसे नया जीवन दिया गया। यह आॅर्गन, एक 24 वर्षीय दुर्घटना पीड़ित से प्राप्त किया गया, जिसे व्हाइटफील्ड से अस्पताल तक 31 किलोमीटर और 30 मेट्रो स्टेशनों को पार करते हुए मात्र 55 मिनट में पहुंचाया गया।
शहर में भारी ट्रैफिक की वजह से अस्पताल को डर था कि अगर लिवर समय पर नहीं पहुंचा, तो वह खराब हो सकता है और मरीज की जान पर बन आएगी। ऐसे में मेडिकल टीम ने तुरंत फैसला लिया कि लिवर को मेट्रो के जरिए पहुंचाया जाए।
स्पर्श अस्पताल की टीम ने नम्मा मेट्रो की पर्पल लाइन के आखिरी डिब्बे में लिवर को रखा। बीएमआरसीएल ने इस मिशन के लिए पूरा सहयोग दिया और अंतिम कोच को खास मेडिकल टीम के लिए रिजर्व कर दिया गया। पूरी सुरक्षा और ग्राउंड स्टाफ के साथ मिशन को अंजाम दिया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही क्लिप में देखा जा सकता है कि अस्पताल की टीम मेट्रो से उतरती है और तेजी से लिवर लेकर बाहर जाती है। मेट्रो स्टेशन से अस्पताल तक का रास्ता भी पहले से तैयार किया गया था, ताकि एक मिनट की देरी न हो।
स्पर्श अस्पताल के डॉ. महेश गोप शेट्टी ने बताया-अगर हम सड़क से जाते तो ट्रैफिक में फंसने का खतरा था। मेट्रो ने हमें सबसे तेज और सुरक्षित रास्ता दिया। बीएमआरसीएल और एसओटीटीओ कर्नाटक ने जिस तेजी और समर्पण से मदद की, वो काबिले तारीफ है। लिवर ट्रांसप्लांट की सर्जरी पूरी रात चली और सुबह 3 बजे खत्म हुई। फिलहाल मरीज आईसीयू में है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर एससी-एसटी आरक्षण में 'क्रीमी लेयर' लागू करने की मांग का विरोध किया है। जानें इसके मुख्य कारण और कानूनी तर्क।
सुप्रीम कोर्ट ने देश में बढ़ते ड्रग्स कारोबार और नशीली दवाओं की तस्करी पर चिंता जताते हुए केंद्र और सभी राज्यों को नोटिस जारी किया है। NDPS एक्ट को सख्त बनाने की मांग पर चार हफ्ते में जवाब मांगा गया है।
विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्र सरकार ने लोकसभा में चार अहम बिल पेश किए। इनमें ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स बिल, 2026, माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन अमेंडमेंट बिल, 2026 शामिल हैं। इसके अलावा केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026 और नेशनल को-आॅपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन अमेंडमेंट बिल, 2026 भी पेश किए गए।
झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन 18वें दिन उग्र रूप ले चुका है। सोमवार को प्रस्तावित विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जबरदस्त धक्का-मुक्की देखने को मिली।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल में देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। उत्तरकाशी में 4.2 तीव्रता का तेज झटका आया, जबकि टिहरी में 2.0 तीव्रता का हल्का भूकंप दर्ज हुआ। दोनों ही स्थानों पर जान-माल के किसी नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं के बीच आयोग के तीन सदस्यों ने इस्तीफा दिया, जिसे राज्यपाल ने स्वीकार किया। सीआईडी के सामने पेश होंगे सभी सदस्य।
एअर इंडिया की फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI2379 टर्बुलेंस का शिकार हो गई थी, जिसमें कई यात्री घायल हुए। अब इस मामले में पायलट का डोप टेस्ट पॉजिटिव आने की खबर से सनसनी फैल गई है। जानिए क्या हैं DGCA के नियम।
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में पूर्व सीएम ममता बनर्जी के काफिले पर हमला हुआ है। टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही ममता की गाड़ी पर पत्थर और कीचड़ फेंके गए।
महाराष्ट्र के बारामती एयरफील्ड पर ट्रेनिंग के दौरान एक ट्रेनर प्लेन रनवे से फिसल गया। हादसे में दोनों पायलट सुरक्षित हैं। प्रशासन ने क्रैश की खबरों को खारिज किया है।