एम्स भोपाल में 37 वर्षीय ब्रेन डेड युवक के अंगदान ने पाँच लोगों को नया जीवन दिया। यह एम्स का तीसरा हार्ट ट्रांसप्लांट था। जानें कैसे ग्रीन कॉरिडोर और ओटी में पोस्टमार्टम से यह सफल प्रत्यारोपण संभव हुआ।
अमर ज्योति परिवार सतना ने 10वां नेत्रदाता परिजन सम्मान समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम में नेत्रदान व देहदान करने वाले परिजनों को सम्मानित किया गया। 59 देहदान संकल्प पत्र और 856 नेत्रदान पूरे किए गए। अतिथियों ने जीवनदान के इस महादान को प्रेरणादायी बताया और अन्य अंगदान की भी अपील की।
मध्यप्रदेश का इंदौर स्वच्छता के साथ अंगदान में भी देश में पहले स्थान पर है। कई लोग देहदान भी इंदौर में करते है। शुक्रवार को पहला मौका था, जब 80 वर्षीय अशोक वर्मा की इच्छा अनुसार उनकी देह एक निजी मेडिकल कॉलेज को सौंपी गई। उससे पहले पुलिस जवानों ने पार्थिव देह को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
बेंगलुरु की नम्मा मेट्रो इस बार सिर्फ सवारी नहीं, जिंदगी बचाने के भी काम आयी। शहर में पहली बार, एक बेहद जरूरी लिवर ट्रांसप्लांट के लिए मेट्रो का इस्तेमाल किया गया। मामला हेपेटाइटिस से जूझ रहे एक मरीज का है, जिसे लिवर ट्रांसप्लांट की सख्त जरूरत थी।
मध्यप्रदेश सरकार का ऐतिहासिक फैसला: अब देहदान और अंगदान करने वालों को राजकीय सम्मान मिलेगा। जानें कैसे गणतंत्र दिवस व स्वतंत्रता दिवस पर परिजनों को सम्मानित किया जाएगा, जिससे बढ़ेगी अंगदान के प्रति जागरूकता।

















