देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब एक बुजुर्ग शालिग्राम ठाकुर और दो साल की मासूम बच्ची रिया की मौत हो गई। इन दो मौतों के बाद दूषित पानी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 35 हो गई है।
By: Arvind Mishra
Feb 10, 20262:35 PM

इंदौर। स्टार समाचार वेब
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब एक बुजुर्ग शालिग्राम ठाकुर और दो साल की मासूम बच्ची रिया की मौत हो गई। इन दो मौतों के बाद दूषित पानी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 35 हो गई है। इधर, शालिग्राम की बेटी मोना बघेल ने बताया कि दो जनवरी को उलटी-दस्त के कारण शेल्बी हॉस्पिटल में रेफर किया गया था। वहां से उन्हें बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती किया। इसके बाद वे वेंटिलेटर पर ही थे। 12 दिन पहले उन्हें डिस्चार्ज किया गया था। लेकिन बीती देर रात शालिगराम की मौत हो गई। 18 साल पहले उन्हें लकवा हुआ था। इसके अलावा कोई तकलीफ नहीं थी।
बच्ची का लीवर हो गया था खराब
वहीं, दो साल की बच्ची रिया प्रजापति की मंगलवार सुबह 4:30 बजे मौत हो गई। 27 दिसंबर को उलटी-दस्त के कारण परिजन ने उसे एक प्राइवेट अस्पताल में दिखाया था। इसके बाद हालत ठीक हुई, लेकिन बाद में फिर बिगड़ती गई। 15 दिन पहले रिया को चाचा नेहरू अस्पताल में भर्ती किया गया था। यहां उसके लिवर में तकलीफ बताई गई थी। इसके बाद उसे सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल में एडमिट किया गया, जहां 5 दिन बाद उसकी मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि दूषित पानी के कारण ही तबीयत बिगड़ी। उसका असर लिवर तक हुआ।
गुइलेन बैरे सिंड्रोम से जूझ रही महिला
57 वर्षीय एक महिला गंभीर जीबीएस (गुइलेन बैरे सिंड्रोम) से जूझ रही हैं। हालांकि इस मरीज को जीबीएस होने का स्वास्थ्य विभाग खंडन कर चुका है, लेकिन परिजन का कहना है कि इसी बीमारी के कारण उन्हें एचडीयू में एडमिट किया गया है। दूषित पानी के कारण इस महिला की हालत 28 दिसंबर को बिगड़ी थी। पहले उसे एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। इसके बाद 2 जनवरी को दूसरे बड़े हॉस्पिटल में रेफर किया गया। इस तरह करीब डेढ़ माह से इलाज चल रहा है।