खंडवा में बीजेपी नेता और ठेकेदार जीतू चौधरी ने जहर खाकर आत्महत्या की। मरने से पहले कांग्रेस नेता पर सूदखोरी और प्रताड़ना के आरोप लगाए। पुलिस मामले की जांच में जुटी।
By: Ajay Tiwari
Feb 10, 20264:29 PM
खंडवा। स्टार समाचार वेब
भारतीय जनता पार्टी के नेता और ठेकेदार जिंदेंद्र चौधरी (जीतू) ने आर्थिक तंगी और सूदखोरी से तंग आकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार को उन्होंने जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृत्यु से पहले दिए गए अपने बयान में उन्होंने कांग्रेस नेता पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।
खंडवा के लवकुश नगर (सेक्टर-3) निवासी जीतू चौधरी मंगलवार सुबह बड़गांव भीला रोड स्थित कांग्रेस नेता और पूर्व पार्षद गणेश सकरगाये के निवास पर पहुंचे। वहां उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर सकरगाये और अन्य लोग उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें जिला अस्पताल के आईसीयू में रेफर किया गया। दोपहर करीब 2:15 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस को दिए मृत्यु पूर्व बयान (Dying Declaration) में जीतू चौधरी ने स्पष्ट रूप से गणेश सकरगाये का नाम लेते हुए उन पर सूदखोरी का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से आर्थिक दबाव में थे और सूदखोरों द्वारा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पुलिस ने इस बयान के आधार पर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
जीतू चौधरी की गिनती क्षेत्र के सक्रिय नेताओं में होती थी। वह साल 2009 में कांग्रेस की टिकट पर पार्षद चुने गए थे। हालांकि, कमलनाथ सरकार के गिरने के दौरान वे ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक के रूप में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। उनके परिवार में पत्नी, एक इंजीनियर बेटा और एक कॉलेज में पढ़ रही बेटी है।