केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज यानी शुक्रवार को मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में आयोजित सिद्धि बाला बोस लाइब्रेरी एसोसिएशन के शताब्दी वर्ष समापन समारोह का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। इसके साथ ही शताब्दी समारोह की स्मारिका यात्री का विमोचन किया गया।
By: Arvind Mishra
Jan 23, 20262:49 PM

भोपाल। स्टार समाचार वेब
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज यानी शुक्रवार को मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में आयोजित सिद्धि बाला बोस लाइब्रेरी एसोसिएशन के शताब्दी वर्ष समापन समारोह का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। इसके साथ ही शताब्दी समारोह की स्मारिका यात्री का विमोचन किया गया। कार्यक्रम से पहले केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की तथा कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर उसका अवलोकन भी किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और मंत्री राकेश सिंह भी मौजूद रहे। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने जबलपुर के सिद्धि वाला बोस लाइब्रेरी एसोसिएशन के शताब्दी समारोह में पूर्व मंत्री एवं पूर्व सांसद जय श्री बनर्जी को सम्मान पत्र प्रदान किया। समारोह को संबोधित करते हुए केंद्री मंत्री नड्डा ने कहा-आज हम जहां नेताजी सुभाषचंद्र बोस को याद कर रहे हैं तो वहीं आज हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि बंगाल को ऐसे कुशासन से मुक्त करवाएं, इसके लिए भी हमें अपना संदेश पहुंचाना चाहिए। अप्रैल-मई में हमें यह मौका भी मिलेगा।

बंगाल में बंगाली असुरक्षित
केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि हम सबको अपने रिश्तेदारों से बातचीत करते हुए प्रजातांत्रिक तरीके से वहां पर बदलाव लाने के लिए योगदान करना होगा। नड्डा ने पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार पर सियासी हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल में बंगाली असुरक्षित हो जाएं, यह विडंबना है। इसलिए अब समय आ गया है कि कुशासन की सरकार को जड़ से उखाड़ फेंका जाए। इसके लिए सबको एक होना होगा। तभी कुशासन के कुचक्र से मुक्ति मिलेगी।

मुखर्जी ने कांग्रेस की गलती को पकड़ा
वहीं समारोह के दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा-सिद्धि बाला बोस लाइब्रेरी एसोसिएशन ने कला, साहित्य, संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में अग्रणी भूमिका निभाई है, प्रदेश की इस गौरवशाली विरासत पर हमें गर्व है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस अगर स्थिर रूप से कांग्रेस का नेतृत्व करते तो आजादी का यह खंडित रूप दिखाई नहीं देता। आजादी के बाद कांग्रेस के नेताओं ने भारत के स्वाभिमान के साथ स्वाधीनता के बाद कश्मीर में गलती की है। मुझे गर्व है कि जनसंख्या के पहले अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने उस गलती को पकड़ लिया, जिसका परिणाम देश ने लंबे समय तक चुकाया, लेकिन हमारे राजनीतिक दल ने उस गलती को ठीक किया।