रीवा के अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा विभाग के आदेश के बावजूद महिला अधिकारी नीरजा नामदेव को कुलसचिव का प्रभार नहीं दिया गया। मामले को लेकर शिकायत राज्यपाल तक पहुंच गई है।
By: Yogesh Patel
Mar 08, 20264:16 PM
हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हैं। इस दिन कई आयोजन होने जा रहे हैं, लेकिन यदि महिलाओं के हक की बात करें तो उन्हें अब भी हर क्षेत्र में अधिकारियों के लिए जूझना पड़ रहा है। पुरुष प्रधान वाली मानसिकता से अधिकारी बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। यही वजह है कि अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में एक महिला अधिकारी को कुलसचिव का प्रभार ही कुलपति नहीं दिला रहे हैं। तीन महीने से महिला अधिकारी अपना हक पाने की बाट जोह रही लेकिन आदेश पर अमल नहीं हो पा रहा।
आपको बता दें कि अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में कुलसचिव के पद पर लंबे समय से डॉ सुरेन्द्र सिंह परिहार पदस्थ हैं। उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त करते हुए उन्हें मूल पदांकित संस्था जीडीसी के लिए मुक्त करने का आदेश उच्च शिक्षा विभाग ने 24 दिसंबर 2025 को जारी किया था। साथ ही विवि में पदस्थ उपकुलसचिव नीरजा नामदेव को तत्काल प्रभाव से कुलसचिव का प्रभार सौंपने का आदेश जारी कर दिया था। इस आदेश को हुए डेढ़ महीने का समय बीत चुका है लेकिन प्रो सुरेन्द्र सिंह को अब तक कुलपति ने मुक्त नहीं किया। इतना ही नहीं उपकुलसचिव नीरजा नामदेव को कुलसचिव का प्रभार भी नहीं सौंपा गया है। उपकुलसचिव पद पर पदस्थ नीरजा नामदेव महिला हैं। उन्हें उच्च शिक्षा विभाग ने उपकुलसचिव से कुलसचिव के पद पर पदस्थ करने का आदेश जारी कर दिया। यही बात कुलपति को नागवार गुजर रही है। अब वह प्रो सुरेन्द्र सिंह को पद से मुक्त ही नहीं कर रहे हैं। महिला अधिकारी का हक मारा जा रहा है। अब ऐसे में जब एक महिला अधिकारी का सम्मान विश्वविद्यालय में ही नहीं हो रहा है तो शिक्षा के स्तर और गुणवत्ता में कितना बदलाव और सुधार होगा। यह इनकी सोच से ही पता चल रहा है। भले ही कुलपति विवि में सबसे उच्च पद हैं लेकिन महिलाओं को अवसर प्रदान करने में पुरुषों के मुकाबले भेदभाव साफ झलक रहा है। यही वजह है कि प्रभार का आदेश हुए तीन महीने का समय निकल गया लेकिन कुर्सी नहीं बदली गई।
वित्त विभाग लगा चुका है आपत्ति
विवि के वित्त विभाग ने भी कुलपति को पत्र लिखकर शासन के आदेश पर हुई कार्रवाई की जानकारी चाही है। पत्र में कहा गया है कि उच्च शिक्षा विभाग में रजिस्ट्रार के रूप में नीरजा नामदेव उपकुलसचिव को तत्काल प्रभाव से प्रभार दिए जाने का आदेश किया गया है। इस आदेश के संदर्भ में विवि प्रशासन ने क्या कार्रवाई की, इससे अवगत कराने की बात अंकेक्षण विभाग ने कही थी। वित्त विभाग की आपत्ति के बाद भी कुलसचिव को पद से मुक्त नहीं किया गया।
राज्यपाल तक से हुई शिकायत
महिला अधिकारी को प्रभार नहीं सौंपने की शिकायत अधिवक्ता बीके माला ने राज्यपाल और पीएस तक से की है। कुलसचिव के पद पर पदस्थ प्रो सुरेन्द्र सिंह परिहार को कार्यमुक्त करने की मांग की गई। इसके बाद भी अब तक पद में कोई बदलाव नहीं किया गया। महिला अधिकारी को उनका हक नहीं दिया जा रहा है।
महिला सिर्फ इस सरकार के लिए चुनावी विषय वस्तु हैं। यह सिर्फ महिलाओं के लिए बातें करते हैं लेकिन सम्मान नहीं करते। महिला सैन्य अधिकारी को लेकर भी एक मंत्री विवादित बयान दे चुके हैं। कोर्ट इसमें टिप्पणी भी कर चुका है।
विनोद शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता, कांग्रेस
सभी जगह इसकी शिकायत कर चुके हैं। कुलपति से भी मिल चुके हैं लेकिन वह कुलपति के पद से प्रो सुरेन्द्र सिंह को रिलीव नहीं कर रहे हैं। कुलपति हठधर्मिता पर आमादा हैं। महिला अधिकारी का हक मार रहे हैं।
उदय मिश्रा, समाजसेवी और शिकायतकर्ता
राज्यपाल को पत्र लिखा गया है। एक तरफा शासन से कुलसचिचव पद पर उपकुलसचिव नीरजा नामदेव को पदस्थ करने का आदेश हुआ था। इसका पालन कुलपति को करना था। न्यायालय से स्थगत आदेश तक नहीं है। मप्र उच्च शिक्षा विभाग से भी नया आदेश जारी नहीं किया गया। आॅडिट से भी आपत्ति दर्ज की गई है। राज्यपाल को पत्र दिया गया। पीएस से मिलकर कुलपति की शिकायत की गई थी। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह पूर्णतया अवैधानिक है।
अधिवक्ता बीके माला, समाजिक कार्यकर्ता, रीवा