सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन कमजोर ग्लोबल संकेतों के कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी दोनों नुकसान के साथ खुले। बीएसई में इंडिगो, बीईएल और आईटीसी शुरुआती गेनर रहे, जबकि टाटा स्टील, एटर्नल और एमएंडएम ने इंडेक्स पर दबाव डाला।
By: Arvind Mishra
Jan 30, 202611:27 AM
मुंबई। स्टार समाचार वेब
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन कमजोर ग्लोबल संकेतों के कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी दोनों नुकसान के साथ खुले। बीएसई में इंडिगो, बीईएल और आईटीसी शुरुआती गेनर रहे, जबकि टाटा स्टील, एटर्नल और एमएंडएम ने इंडेक्स पर दबाव डाला। ब्रॉडर मार्केट भी नीचे ट्रेड करता नजर आया। दरअसल, तीन दिन की तेजी के बाद आज यानी शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण आईटी शेयरों में गिरावट और 1 फरवरी को बजट पेश होने से पहले बरती जा रही सतर्कता थी। विदेशी निधियों की ताजा निकासी और वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोर रुझानों ने भी शुरुआती कारोबार के दौरान बाजारों की कमजोरी में योगदान दिया।
सेंसेक्टा-निफ्टी में गिरावट
शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 619.06 अंक गिरकर 81,947.31 पर आ गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 171.35 अंक गिरकर 25,247.55 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया निचले स्तर से उबरते हुए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 9 पैसे की बढ़त के साथ 91.90 पर पहुंच गया।
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से टाटा स्टील, एचसीएल टेक, इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एनटीपीसी और टेक महिंद्रा सबसे पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल थीं। मारुति, आईटीसी, एशियन पेंट्स और इंटरग्लोब एविएशन लाभ कमाने वाली कंपनियों में शामिल थीं।
बजट से पहले बाजार की चुनौतियां
केंद्रीय बजट नजदीक आने के साथ ही बाजार के लिए कुछ चुनौतियां सामने आ रही हैं। भू-राजनीतिक मुद्दे वैश्विक व्यापार को लगातार प्रभावित कर रहे हैं, और ट्रंप द्वारा टैरिफ को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की लगातार धमकियां जारी हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत में लगभग 70 अमेरिकी डॉलर तक की बढ़ोतरी भारतीय मैक्रोइकॉनॉमिक्स और विशेष रूप से तेल का उपयोग करने वाले उद्योगों के लिए एक चुनौती है।
आर्थिक सर्वेक्षण से मिले सकारात्मक संदेश
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा-आर्थिक सर्वेक्षण से मिले सकारात्मक संदेश से इन चुनौतियों का सामना किया जा सकेगा, जिसमें वित्त वर्ष 2027 में जीडीपी में 6.8 से 7.2 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। पिछले दो दिनों में एफपीआई की निकासी में लगातार गिरावट एफपीआई की रणनीति में संभावित बदलाव का संकेत देती है।
एशियाई बाजारों में रहा मिला-जुला हाल
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक ऊंचा रहा, जबकि जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक नीचे कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार अधिकतर गिरावट के साथ बंद हुए।