गंजबासौदा। श्वेतांबर जैन समाज के पर्यूषण पर्व का समापन क्षमा याचना के साथ हुआ। इस मौके पर समाज द्वारा विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। समाज के प्रवक्ता अशोक शाह ने बताया कि आठ दिवस से चल रहे पर्यूषण पर्व का क्षमा वीरस्म भूषणम् के तहत प्रभु के समक्ष साल भर में की गई जाने-अंजाने में भूल और गलतियों के लिए प्रभु के समक्ष हाथ जोड़कर मंदिर में क्षमा मांगी गई। इसी के साथ श्वेतांबर समाज के दिन से चल रहे धार्मिक आयोजन और प्रदूषण पर्व का समापन नगर में किया गया। इस मौके पर मंदिर से गांधी चीक होकर वापस कार्यक्रम स्थल तक शोभायात्रा निकाली गई। इसका यात्रा मार्ग पर समाज के लोगों ने जगह जगह स्वागत किया।
तपस्वियों स्वकीय निकाली शोभायात्रा
इसके पश्चात आठ उपवास करने वाले तपस्वी मास्टर जिगर चेतन शाह, मिनाली नीरज ओसवाल और शिरीश कुमार जालोरी, अक्षय निधि तप के तपस्वी- मधु कमल ओसवाल, रंजना शांति प्रकाश ओसवाल, स्वाति संजय ओसवाल, सारिका दीपक गांधी, मधु मुन्हेत, कीर्ति अतुल शाह, कमला शाह और पदमा अशोक गांधी सहित अक्षय निधि तप घट यात्रा और तपस्वियों की शोभायात्रा निकाली गई। इसमें समाज के श्रद्धालु अपने सिर पर मंगल कलश और नैवैद्य से भरे थाल लेकर चले, जिनमें मिष्ठान, फल और मेवों से भरे थे। ढोल और ढमाके बाजों के साथ शोभा यात्रा निकाली गई, जो चाचा वाली गली, सदर बाजार और गांधी चौक होते हुए मंदिर पहुंची, जहां उसका समापन हुआ।
श्रद्धांजलि और समापन
कार्यक्रम के अंत में 2 मिनट का मौन रखकर समाज के दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। अवसर पर समाज के सभी इस श्रद्धालुओं ने एकत्रित होकर पर्युषण पर्व की सफलता के लिए एक-दूसरे को बधाई दी और आभार व्यक्त किया।
धर्म सभा का हुआ आयोजन
मंदिर परिसर में स्थित उपाश्रय भवन में प्रातः 11 बजे एक धर्म सभा का आयोजन किया गया। इसमें समाज के वरिष्ठ और समाज के अध्यक्ष डॉ. विमल ओसवाल, समाज सेवी कांति भाई शाह, शांतिलाल शाह, हॅमन दास और श्री आर्य रक्षित जैन तत्व ज्ञान विद्यापीठ से आए विद्वान मंचासीन थे। कार्यक्रम का प्रारंभ समाज के धार्मिक णमोकार मंत्र सहित दीप प्रज्वलन के साथ प्रारंभ हुआ। इसमें समाज के वे लोग जिन्होंने पर्युषण के दौरान व्रत-उपवास रखे और वे बालक-बालिकाएं जिन्होंने श्रेष्ठ नंबरों से परीक्षा उत्तीर्ण की, समाज ने उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया। पर्व के दौरान श्री और रक्षित तत्वज्ञान मुंबई से आए विद्वान मूलचंद भाई और ललित भाई का समाज द्वारा साल श्रीफल से सम्मान किया गया।