वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल को एक हादसे के बाद इलाज के दौरान निधन हो गया। बुधवार को देर रात अमेरिका के न्यूयॉर्क में इलाज के दौरान उन्होंने 49 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। अग्निवेश वेदांता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड के बोर्ड में शामिल थे।
By: Arvind Mishra
Jan 08, 202610:22 AM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल को एक हादसे के बाद इलाज के दौरान निधन हो गया। बुधवार को देर रात अमेरिका के न्यूयॉर्क में इलाज के दौरान उन्होंने 49 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। अग्निवेश वेदांता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड के बोर्ड में शामिल थे। अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में जानकारी दी कि अग्निवेश अमेरिका में स्कीइंग के दौरान घायल हुए थे। उन्हें इलाज के लिए माउंट सिनाई अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें बुधवार को कार्डियक अरेस्ट आया और वो हमारे बीच नहीं रहे। एक भावुक पोस्ट में बेटे के निधन को जीवन का सबसे अंधकारमय दिन बताया। उन्होंने लिखा कि वे अपने बेटे से किए हुए वादे को निभाते हुए अपनी कमाई का 75 फीसदी समाज को लौटाएंगे।
पीएम नरेंद्र मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनिल अग्रवाल के पोस्ट रिप्लाई करते हुए पर लिखा-अग्निवेश का असामयिक निधन अत्यंत चौंकाने वाला और दुखदायी है। इस हृदयस्पर्शी श्रद्धांजलि में आपके गहन शोक की गहराई स्पष्ट झलक रही है। प्रार्थना है कि आप और आपका परिवार निरंतर शक्ति एवं साहस प्राप्त करें। ओम शांति।
दयालुता के लिए जाने जाते थे अग्निवेश
अनिल अग्रवाल ने बताया कि उनके बेटे अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। अजमेर के मेयो कॉलेज से उसने पढ़ाई की और एक सफल पेशेवर करियर बनाया। फुजैराह गोल्ड की स्थापना में अग्निवेश ने अहम भूमिका निभाई और हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन भी रहे। अनिल ने बेटे को एक खिलाड़ी, संगीतकार और लीडर बताया, जो अपनी गर्मजोशी, विनम्रता और दयालुता के लिए जाने जाते थे।
कंपनी को बढ़ाया आगे
अग्निवेश अग्रवाल ने हिंदुस्तान जिंक के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में काम किया था, तो 2019 में अपना पद छोड़ने के बाद वे वेदांता से जुड़ी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स में शामिल हुए थे और कंपनी को आगे बढ़ाने में अहम रोल निभाया था।