लोकसभा में विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। गौरव गोगोई ने माइक बंद करने और पक्षपात का आरोप लगाया, वहीं किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल उठाए।
By: Star News
Mar 10, 20265:55 PM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
भारतीय संसदीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत, मंगलवार को विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन प्राप्त हुआ, जिसके बाद पीठासीन अधिकारी ने इस पर चर्चा की अनुमति दे दी। सदन में इस प्रस्ताव पर 10 घंटे की मैराथन चर्चा शुरू हुई, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
चर्चा की शुरुआत कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने की। उन्होंने स्पीकर ओम बिरला पर सदन के संचालन में पक्षपात करने का गंभीर आरोप लगाया। गोगोई ने कहा कि बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को 20 बार टोका गया और बार-बार 'रूलिंग बुक' का हवाला देकर उनकी बात रोकी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब विपक्ष ने किसी लेख का हवाला दिया तो उन्हें रोक दिया गया, जबकि सत्ता पक्ष के सांसदों ने सदन में 'बैन' की गई किताबें दिखाईं और उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि 2 फरवरी को राहुल गांधी और 9 फरवरी को शशि थरूर के भाषण के दौरान बार-बार माइक बंद किया गया। गोगोई ने ओम बिरला के उस पुराने बयान की भी आलोचना की जिसमें उन्होंने कहा था कि महिला सांसदों ने पीएम की चेयर घेर ली थी और उनके साथ कुछ भी अनहोनी हो सकती थी। गोगोई ने इसे शर्मनाक बताया।
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार की ओर से मोर्चा संभालते हुए विपक्ष के दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा: नेता प्रतिपक्ष सदन में अपनी बात कहकर चले जाते हैं और दूसरों को नहीं सुनते। उन्होंने तंज कसा कि 15वीं लोकसभा में LoP केवल दो बार बोले थे, जबकि वर्तमान LoP सत्र के दौरान अक्सर विदेश चले जाते हैं। रिजिजू ने राहुल गांधी द्वारा पीएम को गले लगाने और सदन में आंख मारने की घटनाओं का जिक्र करते हुए इसे गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार बताया। उन्होंने के.सी. वेणुगोपाल द्वारा 'चेयर' को 'यार' कहने पर भी आपत्ति जताई। रिजिजू ने चुटकी लेते हुए कहा कि यदि प्रियंका गांधी नेता प्रतिपक्ष होतीं, तो शायद सदन का माहौल बेहतर होता।
चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए प्रियंका गांधी ने अपने भाई और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में राहुल गांधी ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जो सत्ता के सामने नहीं झुके। प्रियंका ने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी सदन में जो कड़वी सच्चाई बोलते हैं, वह सरकार को हजम नहीं होती, इसीलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।