×

विश्व देखेगा सिंहस्थ का वैभव... उज्जैन में लैंड पूलिंग निरस्त

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच मध्यप्रदेश सरकार ने उज्जैन में लैंड पूलिंग एक्ट पर बड़ा और अहम निर्णय लिया है। किसानों और भारतीय किसान संघ की मांग के बाद सरकार ने यह योजना निरस्त कर दी है। अब किसी भी किसान की जमीन का स्थायी अधिग्रहण नहीं होगा।

By: Arvind Mishra

Nov 18, 202511:09 AM

view6

view0

विश्व देखेगा सिंहस्थ का वैभव... उज्जैन में लैंड पूलिंग निरस्त

किसान संघ द्वारा मुख्यमंत्री के निर्णय का स्वागत करते हुये आभार व्यक्त किया गया।

  • सिंहस्थ-2028 पर मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा और अहम निर्णय 

  • लैंड पुलिंग को निरस्त कर किसानों की भावना का किया सम्मान

    भोपाल। स्टार समाचार वेब

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच मध्यप्रदेश सरकार ने उज्जैन में लैंड पूलिंग एक्ट पर बड़ा और अहम निर्णय लिया है। किसानों और भारतीय किसान संघ की मांग के बाद सरकार ने यह योजना निरस्त कर दी है। अब किसी भी किसान की जमीन का स्थायी अधिग्रहण नहीं होगा। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देर रात मुख्यमंत्री निवास पर किसान संघ, भाजपा पदाधिकारी, उज्जैन के जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन उज्जैन के साथ बैठक कर सिंहस्थ के आयोजन को लेकर समग्र रूप से चर्चा की। बैठक में सिंहस्थ का आयोजन दिव्य, भव्य और विश्व स्तरीय करने के लिए हर संभव प्रयास करने पर सहमति बनी, जिसमें साधु-संतों, किसानो के हितों का व्यापक रूप से ध्यान रखा जाएगा। चर्चा के बाद सिंहस्थ लैंड पूलिंग को निरस्त करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने नगरीय प्रशासन विकास विभाग और जिला प्रशासन को आदेश जारी करने के निर्देश दिए।

जरूरी काम होते रहेंगे

किसानों की सहमति से जैसे बाकी जगह जमीन अधिग्रहण करते हैं, वैसे ही काम होगा। सिंहस्थ में अब ढाई साल ही बचे हैं। इसलिए अभी सिर्फ सड़क-सीवरेज जैसे जरूरी काम ही आगे बढ़ेंगे। ताकि सिंहस्थ जैसी कोई परेशानी न हो। अब 2378 हैक्टेयर भूमि मेला क्षेत्र में अस्थाई निर्माण ही होंगे। किसी भी तरह का पक्का निर्माण नहीं किया जाएगा।  सहमति के बाद अब जहां किसानों की जमीन लेंगे, अगर वहां फसल लगी हो तो उसे साल भर के किराए का भुगतान किया जाएगा।

अब जमीन  लेंगे, फिर लौटाएंगे

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जमीन सिर्फ सिंहस्थ एक्ट के तहत अस्थायी रूप से ली जाएगी, जैसे हर 12 साल में आयोजन के समय लिया जाता है। सिंहस्थ एक्ट के अनुसार, जमीन केवल आयोजन अवधि के लिए उपयोग में रहती है। आयोजन खत्म होते ही भूमि मूल मालिक को लौटा दी जाती है। जमीन का मालिकाना हक किसान के पास ही रहता है। यह मॉडल दशकों से उज्जैन में लागू है।

कलेक्टर गाइडलाइन रेट पर जमीन मिलती

लैंड पूलिंग में सरकार को कलेक्टर गाइडलाइन की रेट पर ही जमीन मिल जाती। अब जमीन भूमि अधिग्रहण के जरिए ली जाएगी। अब जो भी काम होगा, वह भूमि अधिग्रहण के जरिए होगा। इसमें सरकार कलेक्टर गाइडलाइन के दोगुने दाम देगी।
 

COMMENTS (0)

RELATED POST

Indore Nyay Yatra: भागीरथपुरा दूषित पानी कांड पर कांग्रेस का प्रदर्शन, हत्या का केस दर्ज करने की मांग

Indore Nyay Yatra: भागीरथपुरा दूषित पानी कांड पर कांग्रेस का प्रदर्शन, हत्या का केस दर्ज करने की मांग

इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से 21 मौतों के खिलाफ कांग्रेस ने निकाली न्याय यात्रा। दिग्विजय सिंह और उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार और महापौर को घेरा।

Loading...

Jan 11, 20266:59 PM

Krishak Kalyan Varsh 2026: मप्र में कृषक कल्याण वर्ष का शुभारंभ, सीएम के 10 संकल्प

Krishak Kalyan Varsh 2026: मप्र में कृषक कल्याण वर्ष का शुभारंभ, सीएम के 10 संकल्प

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' घोषित किया। सरसों पर भावांतर योजना, 30 लाख सोलर पंप और सिंचाई परियोजनाओं से बदलेगी मप्र के किसानों की किस्मत।

Loading...

Jan 11, 20265:53 PM

MP Krishi Kalyan Varsh 2026: CM मोहन यादव ने ट्रैक्टर चलाकर किया शुभारंभ

MP Krishi Kalyan Varsh 2026: CM मोहन यादव ने ट्रैक्टर चलाकर किया शुभारंभ

भोपाल में 1101 ट्रैक्टरों की रैली के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषक कल्याण वर्ष 2026 की शुरुआत की। जानें एमपी सरकार की नई कृषि नीतियों के बारे में।

Loading...

Jan 11, 20265:29 PM

मध्यप्रदेश... इंदौर में डंपर से टकराई कार, सीट बेल्ट-एयरबैग से बची जान

मध्यप्रदेश... इंदौर में डंपर से टकराई कार, सीट बेल्ट-एयरबैग से बची जान

मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के कनाड़िया थाना क्षेत्र में रविवार अलसुबह एक सड़क हादसा हो गया। यहां एक कार आगे चल रहे डंपर से जा टकराई। हादसे के बाद डंपर चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया।

Loading...

Jan 11, 20269:40 AM

पीने लायक नहीं है बीहर और बिछिया का पानी, बी कैटेगरी में शामिल हुईं नदियां

पीने लायक नहीं है बीहर और बिछिया का पानी, बी कैटेगरी में शामिल हुईं नदियां

घरों और नालों का गंदा पानी मिलने से रीवा की बीहर व बिछिया नदियां प्रदूषित, पानी पीने योग्य नहीं, बी कैटेगरी में दर्ज।

Loading...

Jan 10, 20264:02 PM