इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से 21 मौतों के खिलाफ कांग्रेस ने निकाली न्याय यात्रा। दिग्विजय सिंह और उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार और महापौर को घेरा।

इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से 21 मौतों के खिलाफ कांग्रेस ने निकाली न्याय यात्रा
इंदौर। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल की आपूर्ति के कारण हुई 21 लोगों की मौत ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर घटना के विरोध में कांग्रेस ने रविवार को शहर में एक विशाल 'न्याय यात्रा' निकाली। यह यात्रा बड़ा गणपति चौराहा से शुरू होकर राजवाड़ा स्थित माँ अहिल्या की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ समाप्त हुई। कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश की भाजपा सरकार और नगर निगम प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतकों के परिजनों के लिए भारी मुआवजे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी ने संभाला मोर्चा
न्याय यात्रा के दौरान एक वाहन की छत पर सवार होकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इंदौर में पार्षद से लेकर सांसद तक भाजपा का कब्जा है, फिर भी जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि इस लंबी लड़ाई को घर-घर जाकर लड़ना होगा। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा सहित कई दिग्गज नेताओं ने इस दौरान प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए।

जिम्मेदारों पर दर्ज हो हत्या का मुकदमा: उमंग सिंघार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर मौतों के आंकड़े छिपाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "इंदौर की जनता साफ पानी का अधिकार मांग रही है, कोई भीख नहीं। भागीरथपुरा के कातिल वही लोग हैं जो इस सप्लाई के लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।" उन्होंने यह भी मांग की कि पीड़ित परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
महिला कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन
यात्रा के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महापौर और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। "घंटा-मंत्री मुर्दाबाद" के नारों के साथ कार्यकर्ताओं ने शहर की स्वच्छता और जल आपूर्ति व्यवस्था की पोल खोली। कांग्रेस का आरोप है कि इंदौर के कई अन्य इलाकों में भी आज भी दूषित पानी की सप्लाई हो रही है, जिसे सरकार अनदेखा कर रही है। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच निकली इस यात्रा ने शहर के राजनीतिक पारे को गरमा दिया है।
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