मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यानी सोमवार को गुजरात के दोरदो (कच्छ) पहुंचे। इसके बाद सीएम भालेछल जिला जूनागढ़ जाएंगे। जूनागढ़ में स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। फिर दोपहर 3:35 बजे जूनागढ़ से वडोदरा आएंगे। यहां वडोदरा में भी स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद रात्रि 9:45 बजे भोपाल आएंगे।
By: Arvind Mishra
Feb 02, 20261:33 PM

भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यानी सोमवार को गुजरात के दोरदो (कच्छ) पहुंचे। इसके बाद सीएम भालेछल जिला जूनागढ़ जाएंगे। जूनागढ़ में स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। फिर दोपहर 3:35 बजे जूनागढ़ से वडोदरा आएंगे। यहां वडोदरा में भी स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद रात्रि 9:45 बजे भोपाल आएंगे। इससे पहले कच्छ के रण आॅफ कच्छ का रण उत्सव में पहुंचे सीएम ने संवाददाताओं से चर्चा के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ रण आॅफ कच्छ का रण उत्सव आज भारत की सांस्कृतिक शक्ति और पर्यटन क्षमता का वैश्विक प्रतीक बन चुका है। भव्य रण उत्सव में सहभागिता कर विश्व स्तरीय टेंट सिटी की व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अनुभव किया। यह प्रेरक उदाहरण है कि जहां कभी बंजर भूमि थी, वहां आज किसानों की सहभागिता से पर्यटन, आजीविका और विकास का मॉडल खड़ा हुआ है, जिसे दुनिया देख रही है।
स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
सीएम ने कहा कि लोक कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियां और गुजरात की समृद्ध संस्कृति, इस उत्सव को विशिष्ट पहचान देती हैं। उज्जैन में वर्ष-2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ में रण उत्सव की तर्ज पर टेंट सिटी विकसित की जाएगी। साथ ही, हमारे प्रदेश में जहां पर्यटकों की संख्या अधिक है, वहां भी टेंट सिटी की योजना पर कार्य करेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के किसान भी लाभान्वित होंगे।
स्मृति वन संवेदना का प्रतीक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गुजरात के भुज में स्थित स्मृति वन, जो भूकंप पीड़ितों की स्मृतियों को सहेजता है, वह संवेदना और संकल्प का प्रतीक है। इसी भावना के साथ भोपाल में भी यूनियन कार्बाइड त्रासदी के पीड़ितों की स्मृति में एक समर्पित संग्रहालय विकसित करने की भी योजना है। नि:संदेह, प्रधानमंत्री का विजन ही नए भारत की सशक्त पहचान है। इस दौरान यहां सीएम का सम्मान और अभिनंदन भी किया गया।

मध्यप्रदेश के किसानों को बड़ी सौगात
वहीं चर्चा के दौरान सीएम ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए बोनस वितरण का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत फरवरी का पहला सप्ताह किसानों के लिए सौगात भरा साबित होगा। डिंडोरी जिले में कोदो-कुटकी किसानों को बोनस का वितरण किया जाएगा।
कृषक कल्याण वर्ष का कैलेंडर तैयार
सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष को लेकर पूरा कार्यक्रम कैलेंडर तैयार किया है। फरवरी के दूसरे सप्ताह में गुलाब महोत्सव, तीसरे सप्ताह में राज्यस्तरीय एग्रीस्टैक एवं डिजिटल कृषि प्रदर्शनी और फरवरी के अंतिम सप्ताह में कृषि मंथन के तहत दो बड़े कार्यक्रम मार्च में राज्यस्तरीय सहकारिता सम्मेलन, जिसमें नए कृषि ऋण और कृषक न्याय मित्र योजना के लाभ जिला सहकारी बैंकों के माध्यम से डोर-स्टेप बैंकिंग सेवाओं की शुरुआत की जाएगी।