1971 के युद्ध नायक एडमिरल अरुण प्रकाश को चुनाव आयोग ने पहचान सत्यापन के लिए कार्यालय बुलाया। जानें क्यों सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
By: Ajay Tiwari
Jan 12, 202612:00 PM
गोवा: स्टार समाचार वेब
1971 के युद्ध के नायक और वीर चक्र से सम्मानित पूर्व नौसेना प्रमुख, एडमिरल अरुण प्रकाश (82 वर्ष) को चुनाव आयोग द्वारा पहचान सत्यापन के लिए व्यक्तिगत रूप से पेश होने का नोटिस दिया गया है। पिछले 20 वर्षों से गोवा में रह रहे एडमिरल और उनकी 78 वर्षीय पत्नी को 18 किलोमीटर दूर अलग-अलग तारीखों पर बुलाया गया, जिस पर अब विवाद खड़ा हो गया है।
दक्षिण गोवा की जिला कलेक्टर एग्ना क्लीटस के अनुसार, एडमिरल का नाम 'अनमैप्ड' (Unmapped) श्रेणी में था क्योंकि उनका विवरण 2002 के बाद की मतदाता सूची में अपडेट नहीं पाया गया। इसी प्रक्रिया के तहत उन्हें नोटिस जारी किया गया।

एडमिरल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपना दर्द साझा करते हुए कहा, उनका और उनकी पत्नी का नाम 2026 की ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में पहले से मौजूद है। 80 वर्ष के करीब की उम्र में लंबी दूरी तय कर दफ्तर पहुंचना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वर्तमान फॉर्म (SIR) डेटा जुटाने में असमर्थ हैं, तो उनमें सुधार की आवश्यकता है।
इस घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। पूर्व सैन्य अधिकारियों का तर्क है कि जब सरकार के पास एडमिरल का PPO (पेंशन भुगतान आदेश) और लाइफ सर्टिफिकेट उपलब्ध है, तो तकनीक के दौर में उन्हें दफ्तर बुलाना अनावश्यक था। लोगों का मानना है कि एक युद्ध नायक के सम्मान को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को स्वयं उनके घर जाकर सत्यापन करना चाहिए था। वहीं विवाद बढ़ता देख जिला कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि सोमवार को फॉर्म की जांच की जाएगी और अधिकारी स्वयं एडमिरल से संपर्क करेंगे।
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