इसरो के PSLV-C62 मिशन में तकनीकी गड़बड़ी। श्रीहरिकोटा से लॉन्च हुए 'भारत के सीसीटीवी' अन्वेषा (EOS-N1) और 14 अन्य उपग्रहों के प्रक्षेपण के दौरान तीसरे चरण (PS3) में खराबी आने से मिशन प्रभावित हुआ।
By: Ajay Tiwari
Jan 12, 202611:42 AM
हाइलाइट्स
श्रीहरिकोटा: स्टार समाचार वेब
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साल 2026 के पहले बड़े मिशन, PSLV-C62 को सोमवार को एक तकनीकी खराबी का सामना करना पड़ा। 260 टन वजनी इस रॉकेट ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से पृथ्वी अवलोकन उपग्रह 'अन्वेषा' (EOS-N1) और 14 अन्य छोटे उपग्रहों के साथ उड़ान भरी थी। हालांकि, प्रक्षेपण के तीसरे चरण (PS3) के अंत में रॉकेट अपने तय रास्ते से भटक गया।


इसरो ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि PSLV-C62 मिशन के तीसरे चरण (PS3) के समापन के दौरान एक 'एनोमली' (गड़बड़ी) देखी गई है। इसरो प्रमुख डॉ. वी नारायणन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, "पीएसएलवी एक चार चरणों वाला रॉकेट है। तीसरे चरण के समाप्त होने तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन उसके ठीक बाद तकनीकी दिक्कत आई। हमारी टीम विस्तृत जांच कर रही है और जल्द ही अपडेट साझा किया जाएगा।"
इस मिशन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा डीआरडीओ (DRDO) द्वारा विकसित उपग्रह 'अन्वेषा' है। इसे 'भारत का सीसीटीवी' भी कहा जा रहा है, क्योंकि यह देश की निगरानी क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला है।
हाइपरस्पेक्ट्रल तकनीक: इसमें साधारण कैमरों के विपरीत उन्नत हाइपरस्पेक्ट्रल सेंसर लगे हैं, जो प्रकाश के सैकड़ों बैंड्स को रिकॉर्ड कर सूक्ष्म जानकारी दे सकते हैं।
दुश्मनों पर पैनी नजर: यह उपग्रह जंगलों में छिपे आतंकियों, घुसपैठियों और बंकरों की सटीक तस्वीरें लेने में सक्षम है।
नागरिक उपयोग: रक्षा के अलावा, यह फसलों के स्वास्थ्य, खनिज संसाधनों और पर्यावरणीय बदलावों की निगरानी में भी मदद करेगा।
पीएसएलवी (PSLV) को इसरो का सबसे भरोसेमंद 'वर्कहॉर्स' माना जाता है। इस मिशन से पहले पीएसएलवी ने 63 सफल उड़ानें भरी हैं, जिनमें चंद्रयान-1, मंगलयान (MOM) और आदित्य-L1 जैसे ऐतिहासिक मिशन शामिल हैं। 2017 में इसी रॉकेट ने एक साथ 104 सैटेलाइट लॉन्च कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था।
वर्तमान में, इसरो की टीम डेटा का विश्लेषण कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि रॉकेट के रास्ते से भटकने के बाद उपग्रहों को उनकी लक्षित 600 किमी की कक्षा (Polar Sun-Synchronous Orbit) में स्थापित किया जा सका है या नहीं।